आम्रपाली प्रोजेक्ट में घर खरीदारों के लिए बड़ा दिन! कुछ ही देर में आना वाला है फैसला

आम्रपाली प्रोजेक्ट्स में घर खरीदन वालों के लिए आज बहुत बड़ा दिन है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा कि आम्रपाली के रुके हुए प्रॉजेक्ट को कौन पूरा करेगा.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 10:46 AM IST
आम्रपाली प्रोजेक्ट में घर खरीदारों के लिए बड़ा दिन! कुछ ही देर में आना वाला है फैसला
आम्रपाली प्रोजेक्ट्स में घर खरीदन वालों के लिए आज बहुत बड़ा दिन है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा कि आम्रपाली के रुके हुए प्रॉजेक्ट को कौन पूरा करेगा.
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Updated: July 23, 2019, 10:46 AM IST
आम्रपाली प्रोजेक्ट्स में घर खरीदन वालों के लिए आज बहुत बड़ा दिन है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा कि आम्रपाली के रुके हुए प्रॉजेक्ट को कौन पूरा करेगा. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज ये बात साफ हो जाएगी कि इन रुके हुए प्रॉजेक्ट का काम कौन पूरा करेगा और कितने दिनों में करेगा. आम्रपाली के हजारों बायर्स की इस फैसले पर नजर है. आम्रपाली के हजारों बायर्स द्वारा फ्लैट के लिए रकम देने के बावजूद उन्हें फ्लैट नहीं मिला है. सालों से ये बायर्स फ्लैट के लिए चक्कर लगा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और आम्रपाली के डायरेक्टर की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया. फिलहाल आम्रपाली के सीएमडी समेत अन्य जेल में बंद हैं.

बस आने ही वाला है फैसला- आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला सुनाएगा. सुप्रीम कोर्ट 10.30 बजे फैसला सुनाया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि इसका ज़िम्मा किसे दिया जाए. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- निवेशकों के साथ धोखा करने वाले समूह ने ज़मीन की लीज़ शर्तों का भी उल्लंघन किया है. नोएडा अथॉरिटी ज़मीनों का लीज़ रद्द कर कब्ज़ा ले प्रोजेक्ट पूरा करवाए.

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>> इससे पहले फैसला सुरक्षित रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा अथॉरिटी ये बताए कि जब आपने 2009 में जमीन दी थी और 10 फीसदी पेमेंट किया गया था, उसके बाद बिल्डर कंपनी ने लीज शर्त को पूरा नहीं किया तो फिर आपने इसे कैंसल क्यों नहीं किया.

>> साथ ही बताएं कि प्रॉजेक्ट आप कैसे बनाएंगे. तब अथॉरिटी के वकील ने कहा था कि उनके पास इतनी कपैसिटी नहीं है कि वह इतने फ्लैट तैयार कर सकें. न तो उनके पास स्टाफ है और न ही अन्य संसाधन.

>> सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था कि आप कंस्ट्रक्शन के लिए एल ऐंड टी को चुन सकते हैं. इस पर लाहोटी ने कहा था कि बेहतर होगा कि एल ऐंड टी को ही चुना जाए क्योंकि एनबीसीसी के कंस्ट्रक्शन का चार्ज ज्यादा है. एल ऐंड टी पर लोगों का विश्वास भी ज्यादा है.
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>> आखिर में अदालत ने कहा था कि लीज कैंसल होने के बाद प्रॉजेक्ट कौन पूरा करेगा इस पर हम फैसला सुरक्षित रखते हैं.

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First published: July 23, 2019, 10:44 AM IST
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