IT रिफंड: 20 हजार से ज्यादा टैक्स रिफंड दावों की हो रही जांच, दोषी पाए जाने पर लगेगा भारी जुर्माना

इनकम टैक्स विभाग ने 20,874 संदिग्ध इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की जांच शुरू की है.

पीटीआई
Updated: February 13, 2019, 3:14 PM IST
IT रिफंड: 20 हजार से ज्यादा टैक्स रिफंड दावों की हो रही जांच, दोषी पाए जाने पर लगेगा भारी जुर्माना
इनकम टैक्स विभाग ने 20,874 संदिग्ध इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की जांच शुरू की है.
पीटीआई
Updated: February 13, 2019, 3:14 PM IST
इनकम टैक्स में बड़े पैमाने पर टैक्स रिफंड के दावों की संख्या बढ़ी है. इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने ऐसे संदिग्ध इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने वालों की जांच शुरू की है. दरअसल लोगों को आय अधिक हो रही है पर इसे कम करके दिखा रहे हैं. पिछले तीन वर्षो में संदिग्ध टैक्स रिफंड (Tax Refund) के दावों की संख्या बढ़ी हैं तथा आय और निवेश पद्धति के साथ असंगत पाये जाने वाले अधिक पैसा वापसी का दावा करने वाले कर दाताओं के खिलाफ जांच आकलन का काम शुरु किया गया है. यह जानकारी मंगलवार को संसद को दी गई. (ये भी पढ़ें: खुशखबरी! 24 घंटे में मिलेगा इनकम टैक्स रिफंड, इन टैक्सपेयर्स को मिलेगी खास सुविधा)

वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में कहा कि संदिग्ध टैक्स रिफंड के मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. जांच के लिए चुने गए संदिग्ध टैक्स रिफंड दावों की संख्या वर्ष 2018-19 में 20,874, वर्ष 2017-18 में 11,059 और वर्ष 2016-17 में 9,856 रही.

उन्होंने कहा, आय और निवेश के तरीके के साथ असंगत पाये जाने वाले अधिक टैक्स रिफंड (Tax Refund) का दावा करने वाले टैक्सपेयर्स के खिलाफ जांच शुरू की गई है. उन्होंने कहा, जांच के बाद रिफंड के दावे गलत पाये जाते हैं उसे रोक दिया गया तथा मामले की गंभीरता के आधार पर जुर्माना और अभियोजन की कार्रवाई जरूरी कार्रवाई की गई.



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साल 2018-19 (2 फरवरी, 2019 तक) के दौरान इनकम टैक्स रिफंड की कुल राशि 1.43 लाख करोड़ रुपए, साल 2017-18 में 1.51 लाख करोड़ रुपए, साल 2016-17 में 1.62 लाख करोड़ रुपए और साल 2015-16 में 1.22 लाख करोड़ रुपए थी.

एक अलग उत्तर में, मंत्री ने कहा कि तक साल 2018-19 में जनवरी 2019 में फाइल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की संख्या 6.36 करोड़ थी. यह 2017-18 की इसी अवधि के दौरान दायर 4.63 करोड़ ITR की संख्या की तुलना में 37 प्रतिशत से अधिक है.

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उन्होंने कहा, साल 2018-19 में करदाताओं को लगभग 25 करोड़ SMS और ई-मेल भेजे गए थे, जिसमें उन्हें अपने आयकर रिटर्न को समय पर जमा करने की याद दिलाई गई. इसके अलावा, समय पर ITR जमा करने के संबंध में समाचार पत्रों में विज्ञापन भी दिए गए. शुक्ला ने कहा, देर से रिटर्न दाखिल करने को हतोत्साहित करने के लिए वर्ष 2017-18 से देर से ITR दाखिल करने के लिए 10,000 रुपए तक की फीस लगाने का प्रावधान भी पेश किया गया है.

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