स्विगी ने कहा- चेन्नई में 95 फीसदी डिलीवरी पार्टनर्स काम पर लौटे, जानिए क्या है पूरा मामला

स्विगी ने कहा- चेन्नई में 95 फीसदी डिलीवरी पार्टनर्स काम पर लौटे, जानिए क्या है पूरा मामला
स्विगी डिलीवरी पार्टनर्स और कंपनी में सुलह

लगातार 6 दिनों तक डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स द्वारा विरोध के बाद ​गुरुवार को स्विगी (Swiggy) ने एक बयान जारी कर कहा कि चेन्नई में 95 फीसदी तक पार्टनर्स काम पर वापस लौट चुके हैं. स्विगी द्वारा कई तरह के इंसेटिव्स में कटौती के बाद डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स ने इसका विरोध किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 20, 2020, 6:25 PM IST
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नई दिल्ली. डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा चेन्नई और हैदराबाद में विरोध के 6 दिन बाद स्विगी (Swiggy) ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा है कि किसी भी पार्टनर्स को अब औसतन 15 रुपये या उससे कम प्रति ऑर्डर नहीं मिल रहा है. स्विगी ने अपने बयान में कहा कि ग्राहकों तक हमारी पहुंच बनाने के​ लिए हम अपने डिलीवरी पार्टनर्स (Swiggy Delivery Parterns) की अहमियत को समझते हैं. हम एक सतत सर्विस फीस के लिए ईमानदार रवैया अपना रहे हैं. इसके पहले स्विगी ने अपने डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स को दिए जाने वाले कुछ इंसेटिव्स को वापस ले लिया था. इसके बाद डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स ने कई शहरों में लागतार 6 दिनों तक इसका विरोध किया.

स्विगी ने क्या कहा?
इसी के मद्देनजर स्विगी ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा, 'बीते कुछ दिनों में हमारे पार्टनर्स के साथ रिवाइज पेआउट को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है. इस बातचीत के नतीजे में हमारे पार्टनर्स अब काम पर वापस आ चुके हैं. 20 अगस्त तक चेन्नई में 95 फीसदी पार्टनर्स वापस जुड़ चुके हैं. हमें खुशी है कि पार्टनर्स ने रिवाइज सर्विस फीस को समझा, जो​कि अब भी इंडस्ट्री में सबसे बेस्ट है.' इस बयान में आगे यह भी कहा गया कि अधिकतर एक्टिव पार्टनर्स पिछले सप्ताह में प्रति ऑर्डर 45 रुपये तक की कमाई की है. इसमें से कुछ हाई परफॉर्मेंस पार्टनर्स को 100 रुपये प्रति ऑर्डर तक भी मिला है.


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क्या है मामला?
गौरतलब है कि स्विगी ने डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स को दी जाने वाली 20 साप्ताहिक और मासिक इंसेटिव्स को वापस ले लिया था. ये इंसेटिव्स डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स को उनके परफॉर्मेंस के आधार ​पर मिलता है. स्विगी के इस फैसले के बाद 14 अगस्त को ही चेन्नई में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स ने इसका विरोध किया. उन्होंने कंपनी पर आरोप लगाया कि कंपनी ने कोरोना वायरस लॉकडाउन का हवाला देते हुए लंबी दूरी या बारिश में की जाने वाली डिलीवरी पर मिलने वाले इन इंसेटिव्स को हटा दिया है. साथ ही उनके प्रतिदिन टार्गेट्स को भी बढ़ा दिया गया है.

डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स के लिए मुश्किल
एक मीडिया रिपोर्ट में स्विगी स्टाफ के हवाले से लिखा गया है कि कंपनी की नई पॉलिसी के तहत उनके ऑर्डर फीस में 133 फीसदी की कटौती करते हुए 35 रुपये प्रति ऑर्डर से घटाकर 15 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया गया है. कुछ महीनों के लिए तो यह फीस 40 रुपये प्रति ऑर्डर या इससे अधिक भी रहा था.​ डिलीवरी एग्जीक्यूटिव्स का कहना है कि जब उन्होंने 35 रुपये तक पर इसे लाये तो हमने कुछ नहीं कहा. लेकिन अब तो यह 15 रुपये पर आ गया है. ऐसे में हमें अपना और परिवार का गुजारा करने में मुश्किल होगी.

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क्या है स्विगी का तर्क?
स्विगी ने डिलीवरी फीस में बदलाव के बाद लगाये गये आरोप को 'गलत' करार दिया था. कंपनी ने बीते दिनों भी एक बयान जारी कर कहा था कि 15 रुपये का यह कंपोनेन्ट कुल 7 कंपोनेन्ट का ही एक हिस्सा है. स्वाभाविक तौर पर जीरो ​एक्टिव डिलीवरी पार्टनर्स ने केवल इसी कंपोनेन्ट के जरिए ही कमाया है. पूरे सप्ताह के दौरान जिन अधिकतर डिलीवरी पार्टनर्स ने काम किया है, उन्हें 45 रुपये प्रति ऑर्डर तक मिला है. कुछ मामलों में तो बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए उन्हें 100 रुपये प्रति ऑर्डर तक भी मिला है.
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