पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे बदली आम आदमी की जिंदगी, ऐसे कर रहें गुजारा

1 सितंबर से पेट्रोल की कीमत 3.78 रुपये प्रति लीटर बढ़ी है, जबकि डीजल दरों में 3.57 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है.

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Updated: September 21, 2018, 5:18 PM IST
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ऐसे बदली आम आदमी की जिंदगी, ऐसे कर रहें गुजारा
मीर सुहेल का चित्रण- News18
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Updated: September 21, 2018, 5:18 PM IST
रौनक सिंह गुंजन

ईंधन की बढ़ती कीमतें अब घर में परेशान का सबब बन रही हैं.  तेरह वर्षीय ऋषभ कोठारी अपने पिता से नाराज हैं. ऋषभ की मां भी अपने पति से नाराज हैं. इसकी वजह निजी नहीं है बल्कि वह  ईंधन की कीमतें हैं. बेटे और पत्नी की नाराजगी पर दिल्ली निवासी पंकज कोठारी का कहना है, 'मैंने क्या किया है?'

पिछले हफ्ते नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 80 रुपये प्रति लीटर पार कर गईं. कोठारी ने फैसला किया है कि वह अपनी सफर करने के लिए गाड़ी खड़ी कर, पुरानी साइकिल से चलेंगे.  यह तब होता है जब राष्ट्रीय समस्या घर के दरवाजे पर पहुंच जाते हैं.

कटौती उनके बेटे से शुरू हुई. जब पेट्रोल सस्ता था तो वह ऋषभ को काम पर जाने से पहले गाड़ी से से स्कूल छोड़ने जाते थे. हालांकि अब ऐसा नहीं होता. ऋषभ मोटर साइकिल नहीं बल्कि एक साइकिल देखकर चौंक गया. ऋषभ के पिता ने बेटे की ओर इशारा कर के कहा- अब हमारे पास नई सवारी है. हालांकि बेटे को यह अच्छा नहीं लगा. इस 'डिमोशन' पर बेटे का असंतोष स्पष्ट दिख रहा था.

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ऋषभ अपने स्कूल के दोस्तों में से एकमात्र ऐसा छात्र हैं जिसके पिता रॉयल एनफील्ड बुलेट का मालिक है, जिसके दम पर बच्चा हमेशा अपने दोस्तों के बीच लोकप्रिय होता रहा. बुलेट से साइकिल वास्तव में? सफर लंबा और ऊबड़-खाबड़ होता है. मुझे पहले जागना होता है. ऋषभ ने कहा, 'मेरे दोस्त पूछते रहते हैं कि मैं अब एक साइकिल से क्यों आता हूं.'

पंकज की समस्याएं लगातार बढ़ रही है. हाल ही में उनकी पत्नी ने एक काउंटर कैंप में शामिल हो गईं. 39 वर्षीय पत्नी तभी घर से बाहर जाती थीं जब शाम को पति काम से वापस आकर सब्जी खरीदने के लिए गाड़ी पर जाते थे. हालांकि, जब से साइकिल का इस्तेमाल शुरू हुआ तब से उन्हें घर पर ही रहते हैं.

पंकज ने कहा, मेरा 3,000 रुपए का पेट्रोल का बजट है. एक बार कीमतें इससे ज्यादा बढ़ीं मैंने साइकिल चलाने के बारे में सोचना शुरू कर दिया. मैंने सोचा इससे पुराने दिनों में जाने का मजा मिलेगा लेकिन इसका उल्टा हो रहा है. कीमतें सरकार बढ़ा रही है और परेशान मैं हो रहा हूं.

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1 सितंबर से पेट्रोल की कीमत 3.78 रुपये प्रति लीटर बढ़ी है, जबकि डीजल दरों में 3.57 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. ईंधन की हर समय कीमतें रुपये के गिरते मूल्य के साथ मिलती हैं,- जो कि 12 सितंबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 72.91 रुपये के निचले स्तर पर गिर गई थी. ईंधन की बढ़ती कीमतों ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है.

इसकी वजह इंडियन बास्केट में बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ देश में ईंधन की बढ़ती खुदरा कीमतों में वैश्विक दबाव है. चूंकि भारत अपने 80% से अधिक तेल जरूरतों को आयात करता है, ऐसे में मुद्रा की दर और कच्चे तेल की कीमत देश में ईंधन की अंतिम खुदरा कीमतों के लिए एक महत्वपूर्ण कारक हैं.

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