Tata Group ने बनाई कोरोना टेस्‍ट किट, कम समय में देगी सटीक नतीजे, खर्चा भी होगा कम

टाटा समूह ने नया कोविड-19 टेस्‍ट विकसित किया है, जिसके इस्‍तेमाल की मंजूरी दे दी गई है.
टाटा समूह ने नया कोविड-19 टेस्‍ट विकसित किया है, जिसके इस्‍तेमाल की मंजूरी दे दी गई है.

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने देश के पहले CRISPR कोविड-19 टेस्ट 'Feluda' के इस्‍तेमाल को मंजूरी दे दी है. टाटा समूह (Tata Group) का कहना है कि ये टेस्‍ट भी RT-PCR टेस्‍ट के बराबर सटीक नतीजे देगा. कंपनी ने इसे सीएसआईआर-आईजीआईबी (CSIR-IGIB) और आईसीएमआर (ICMR) के साथ मिलकर बनाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 5:50 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) प्रकोप के बीच वैज्ञानिक, शोधकर्ता, डॉक्‍टर्स, फार्मा कंपनियां, टेक्‍नोलॉजी कंपनियां दिनरात इससे मुकाबले के लिए नई-नई खोज करने में जुटी हैं. इसी कड़ी में टाटा समूह (Tata Group) ने नया कोविड-19 टेस्‍ट किट बना लिया है. कंपनी ने क्‍लस्‍टर्ड रेग्‍युलरली इंटरस्‍पेस्‍ड शॉर्ट पैलिनड्रॉमिक रिपीट्स कोरोना वायरस टेस्‍ट (CRISPR Corona Test) को सीएसआईआर-इंस्‍टीट्यूट ऑफ जेनॉमिक्‍स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी (CSIR-IGIB) के साथ मिलकर तैयार किया है. अच्‍छी खबर ये है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने कोरोना वायरस की जांच में टाटा के नए कोविड-19 टेस्‍ट 'Feluda' के सार्वजनिक इस्‍तेमाल की मंजूरी दे दी है.

कोरोना टेस्‍ट में सीएएस-9 प्रोटीन का इस्‍तेमाल करने वाला पहला टेस्‍ट
टाटा समूह के मुताबिक, सीआरआईएसपीआर कोरोना टेस्‍ट सबसे ज्‍यादा विश्‍वसनीय माने जाने वाले RT-PCR टेस्‍ट के बराबर सटीक नतीजे देगा. साथ ही इसमें समय और कीमत दोनों कम लगेंगे. ये टेस्‍ट SARS-CoV-2 वायरस के जेनॉमिक सीक्‍वेंस का पता लगाने के लिए स्वदेशी सीआरआईएसपीआर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है. भविष्य में इस टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल दूसरी महामारियों के टेस्‍ट में भी किया जा सकेगा. कंपनी ने कहा कि टाटा सीआरआईएसपीआर टेस्ट सीएएस-9 प्रोटीन का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला ऐसा परीक्षण है, जो सफलतापूर्वक कोविड-19 महामारी फैलाने वाले वायरस की पहचान कर लेता है.

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टाटा समूह को कोरोना टेस्‍ट किट तैयार करने में लगे महज 100 दिन


समूह ने कहा कि यह भारतीय वैज्ञानिक समुदाय के लिए एक अहम और बड़ी उपलब्धि है. कंपनी ने बताया कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट से लेकर हाई एक्योरेसी, स्केलेबल व भरोसेमंद टेस्ट को 100 दिन से भी कम वक्त में तैयार किया गया है. टाटा मेडिकल एंड डायग्‍नोस्टिक्‍स लिमिटेड के सीईओ गिरीश कृष्णमूर्ति का कहना है कि कोविड-19 के लिए टाटा सीआरआईएसपीआर टेस्ट को मिली मंजूरी वैश्विक महामारी (Pandemic) से लड़ने में देश के प्रयासों को बढ़ावा देगी. टाटा सीआरआईएसपीआर टेस्‍ट का कमर्शियलाइजेशन देश के बेहतरीन रिसर्च व डेवलपमेंट टैलेंट का उदाहरण है. यह टैलेंट ग्लोबल हेल्थकेयर व साइंटिफिक रिसर्च वर्ल्ड के लिए भारत के योगदान में बदलाव लाने में सहयोग कर सकता है.

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टाटा सीआरआईएसपीआर टेस्‍ट देता है 98 फीसदी सटीक नतीजे
विज्ञान व तकनीकी मंत्रालय (Ministry of Science and Technology) ने कहा कि टाटा सीआरआईएसपीआर टेस्‍ट को डीसीजीआई की ओर से आम लोगों पर इस्‍तेमाल की मंजूरी मिल गई है. इस टेस्‍ट के नतीजे 98 फीसदी हैं. वहीं, ये 96 फीसदी संवदेनाशीलता के साथ नोवल कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) की पहचान करता है. कंपनी की बात को दोहराते हुए मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है कि टाटा सीआरआईएसपीआर टेस्ट सीएएस-9 प्रोटीन का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला ऐसा परीक्षण है, जो सफलतापूर्वक कोविड-19 महामारी फैलाने वाले वायरस की पहचान कर लेता है.
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