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Tata दे रही कमाई का मौका! लॉन्‍च किया फ्लोटिंग रेट फंड, जानें महंगाई से लड़ने में कैसे मदद करेगा ये Mutual Fund

Tata दे रही कमाई का मौका! लॉन्‍च किया फ्लोटिंग रेट फंड, जानें महंगाई से लड़ने में कैसे मदद करेगा ये Mutual Fund

Tata म्‍युचुअल फंड का फ्लोटिंग रेट फंड 5 जुलाई को बंद हो जाएगा. इसमें निवेश से अच्‍छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

Tata म्‍युचुअल फंड का फ्लोटिंग रेट फंड 5 जुलाई को बंद हो जाएगा. इसमें निवेश से अच्‍छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

टाटा म्यूचुअल फंड (Tata MF) ने बेंचमार्क रेट्स (Benchmark rates) के मुताबिक यील्‍ड (Yield) में बदलाव करने वाला फ्लोटिंग रेट फंड (Tata Floating Rate Fund) लॉन्च किया है. ये न्यू फंड ऑफर (NFO) 5 जुलाई 2021 को बंद हो रहा है.

    नई दिल्‍ली. कोरोना संकट के कारण बने आर्थिक हालात में सबसे बड़ा सवाल ये ही है कि क्‍या ब्‍याज दरें लंबी अवधि के ट्रेंड की तरह नीचे का रुख करती रहेंगी या छोटी से मध्‍यम अवधि में इनमें कुछ बढ़ भी होगी? इसका जवाब देना करीब-करीब मुश्किल है. वहीं, इस मामले में कोई अनुमान लगाना सही नहीं होगा. ऐसे में ब्‍याज दरों (Benchmark Rates) के मुताबिक रिटर्न देने वाला डेट फंड (Debt Fund) दूसरे फंड्स के मुकाबले ज्‍यादा प्रभावी रहेगा. इस समय फ्लोटिंग रेट फंड (Floating Rate Find) सबसे बेहतर विकल्‍प साबित हो सकता है. दरअसल, ये फंड बेंचमार्क रेट्स के मुताबिक यील्ड (Yield) में बदलाव करने वाले फ्लोटिंग रेट इंस्‍ट्रूमेंट्स में निवेश करता है. साथ ही ये ऐसे फिक्‍स्‍ड कूपन इंस्‍ट्रूमेंट्स (Fixed Coupon Instruments) में निवेश करता है, जो स्‍वैप (Swap) का इस्‍तेमाल कर फ्लोटिंग रेट्स में तब्‍दील हो जाते हैं.

    क्‍यों करें टाटा फ्लोटिंग रेट फंड में निवेश
    टाटा म्यूचुअल फंड ने बेंचमार्क रेट्स के मुताबिक यील्‍ड में बदलाव करने वाला फ्लोटिंग रेट फंड (Tata Floating Rate Fund) लॉन्च कर दिया है. ये न्यू फंड ऑफर (NFO) 5 जुलाई 2021 को बंद हो रहा है. यह एक ओपन एंडेड डेट स्कीम है, जो फ्लोटिंग रेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करती है. इसमें फिक्स्ड रेट इंस्ट्रूमेंट्स को स्वैप या डेरिवेटिव के जरिये फ्लोटिंग रेट एक्सपोजर में तब्‍दील किया जाता है. इसके जरिये निवेशकों को तगड़ी कमाई (earn money) का मौका मिल सकता है. कंपनी एनएफओ के जरिये स्थिर रिटर्न जुटाने की कोशिश करेगी. इसमें फ्लोटिंग रेट डेट, फ्लोटिंग रेट रिटर्न के लिए स्वैप किए गए फिक्स्ड रेट डेट इंस्ट्रूमेंट्स शामिल हैं. साथ ही मुद्रा बाजार के साधन भी हैं.

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    ये फंड कहां करेगा जुटी पूंजी का निवेश
    इस फ्लोटिंग रेट फंड का लक्ष्य कॉरपोरेट्स या सरकार की ओर से जारी फ्लोटिंग रेट सिक्योरिटीज में अपने कॉर्पस का कम से कम 65 फीसदी निवेश करना है. साथ ही इसका लक्ष्‍य फिक्स्ड इंटरेस्ट सिक्योरिटीज को डेरिवेटिव के जरिये फ्लोटिंग में तब्‍दील करना है. बता दें कि फ्लोटिंग रेट फंड का मतलब है, जिस फंड में ब्‍याज दर फिक्‍स नहीं होती है. यह ब्‍याज दर समय-समय पर बदलती रहती है. ये बेंचमार्क रेट से जुड़ी होती है. इसलिए इसे नियमित अंतराल पर बदला जाता है. इस तरह बेंचमार्क रेट में होने वाले बदलाव का असर फ्लोटिंग रेट बॉन्‍ड की ब्‍याज दर पर भी पड़ता है. ऐसे बॉन्‍ड ब्‍याज दर के जोखिम को कम करते हैं. दरों के बढ़ने पर ये बॉन्‍ड ज्‍यादा रिटर्न देते हैं.

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    दूसरे डेट फंड का है बेहतर विकल्‍प
    फ्लोटिंग रेट फंड या तो फ्लोटिंग रेट इंस्ट्रूमेंट्स या फिक्स्ड कूपन इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं, जिन्हें स्वैप का उपयोग करके फ्लोटिंग रेट में बदल दिया जाता है. इस बारे में टाटा एसेट मैनेजमेंट के सीनियर फंड मैनेजर अखिल मित्तल ने कहा कि हमने आगामी दर चक्र के मुताबिक डेट श्रेणी में अपना नया फंड टाटा फ्लोटिंग रेट फंड लॉन्च किया है. यह अन्य डेट फंडों या उत्पादों का अच्छा विकल्प उपलब्‍ध कराएगा. फाइनेंशियल एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) मौजूदा हालात को देखते हुए अगले 6 से 9 महीने तक दरों में कोई राहत नहीं देगा. साथ ही कहा जा रहा है कि आरबीआई रिवर्स रेपो रेट में धीरे-धीरे बढ़ोतरी ही करेगा.

    Tags: Investment and return, Mutual fund, Mutual fund investors, Reserve bank of india, Tata

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