ट्रेन की तत्काल टिकट बुक करने से पहले जानिए 8 जरूरी नियम, रहेंगे टेंशन फ्री

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Updated: September 3, 2019, 4:34 PM IST
ट्रेन की तत्काल टिकट बुक करने से पहले जानिए 8 जरूरी  नियम, रहेंगे टेंशन फ्री
ट्रेन की तत्काल टिकट बुक करने से पहले जानिए 8 जरूरी नियम, रहेंगे टेंशन फ्री

तत्काल टिकट बुक कराने वाले यात्रियों से रेलवे ने पिछले 4 साल में 25,392 करोड़ रुपये की कमाई की है. आइए जानें तत्काल टिकट की बुकिंग से जुड़े 8 बड़े नियमों के बारे में...

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  • Last Updated: September 3, 2019, 4:34 PM IST
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भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को बेहतर सर्विस देने के लिए लगातार कदम उठाता रहा है. रेलवे पिछले 22 साल से तत्काल सर्विस दे रहा है. इसका इस्तेमाल आपने भी कई बार किया होगा. लेकिन तत्काल टिकट बुकिंग से भारतीय रेलवे को कितनी कमाई होती है यह शायद ही आप जानते हो. सूचना के अधिकार (RTI) कानून से पता चला है कि तत्काल टिकट बुक कराने वाले यात्रियों से रेलवे ने पिछले 4 साल में 25,392 करोड़ रुपये की कमाई की है. रेलवे ने साल 2016 से 2019 के बीच तत्काल टिकट बेचकर 21,530 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है और तत्काल प्रीमियम टिकट के जरिए अतिरिक्त 3,862 करोड़ रुपये कमाए हैं. इस दौरान रेलवे की आमदनी में  62 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के आरटीआई एक्टिविस्ट चंद्रशेखर गौर ने यह जानकारी मांगी थी.

आइए जानें ट्रेन के तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़े नियमों के बारे में, जिन्हें जानकार आप टेंशन फ्री रहेंगे...

(1) रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक आप नॉन-एसी टिकटों की तत्काल टिकट बुकिंग इसके एक घंटे बाद यानी 11 बजे से शुरू होती है, जबकि एसी क्लास की टिकटों की तत्काल बुकिंग यात्रा तिथि से एक दिन पहले सुबह 10 बजे से होती है.

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(2) ट्रेन टिकट बुकिंग शुरू होने के आधे घंटे तक अधिकृत एजेंट तत्काल टिकट नहीं बुक कर सकते हैं.
सिंगल यूजर ID से एक दिन में सिर्फ 2 तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं.
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(3) एक IP अड्रेस से भी अधिकतम 2 तत्काल टिकट बुक हो सकते हैं.

(4) नए नियमों के तहत कुछ शर्तों के साथ तत्काल टिकट पर आप 100 फीसदी तक रिफंड ले सकते हैं.
ट्रेन के शुरुआती स्टेशन पर 2 घंटे लेट होने, रूट बदलने, बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन के नहीं जाने और कोच डैमेज होने या बुक टिकट वाली श्रेणी में यात्रा की सुविधा नहीं मिलने पर आप 100 फीसदी  रिफंड मिल सकता है.

(5) रेलवे ने रजिस्ट्रेशन, लॉग इन और बुकिंग पेजों पर कैप्चा कोड की व्यवस्था की है. यह इसलिए किया गया है ताकि किसी ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर के जरिए फर्जीवाड़ा करके कोई टिकट बुक न किया जा सके.

(6) इंटरनेट बैंकिंग के सभी पेमेंट ऑप्शंस के लिए OTP यानी वन टाइम पासवर्ड की एंट्री की व्यवस्था की गई है.



22 साल पहले शुरू हुई थी तत्काल टिकट बुकिंग सेवा-आपको बता दें कि तत्काल टिकट बुकिंग सेवा साल 1997 में चुनिंदा ट्रेनों में शुरू की गई थी. इसका मकसद अचानक यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मुहैया कराना था.

>> लेकिन 2004 में तत्काल टिकट बुकिंग सेवा का विस्तार पूरे देश में किया गया. तत्काल टिकट के तहत द्वितीय श्रेणी के लिए मूल किराये से 10 फीसद अतिरिक्त वसूला जाता है जबकि बाकी अन्य सभी श्रेणियों में यह राशि मूल किराये की 30 फीसदी है. हालांकि, इस शुल्क में भी न्यूनतम और अधिकतम सीमा तय की गई है.

>>  वहीं कुछ खास ट्रेनों के लिए साल 2014 में प्रीमियम तत्काल सेवा शुरू की गई थी. प्रीमियम वर्जन में डायनामिक फेयर सिस्टम (सीट उपलब्धता के आधार पर कीमत) के तहत 50 प्रतिशत तत्काल टिकट बेचे जाते हैं.

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>> आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी पर रेलवे ने बताया कि साल 2016-2017 में तत्काल टिकट से 6,672 करोड़ रुपये की कमाई हुई और अगले साल यह बढ़कर 6,915 करोड़ रुपये हो गई.

जानिए आपके तत्काल से कितना कमाती है भारतीय रेलवे- साल 2017-18 में तत्काल कोटा से भारतीय रेलवे की कमाई 6,952 पहुंच गई थी. तत्काल प्रीमियम कोटा टिकटों के मामले में रेलवे की कमाई 2016-2017 के मुकाबले 2018-19 में 62 फीसदी बढ़कर 1608 करोड़ रुपये हो गई.

>>  साल 2016-17 में कमाई 1,263 करोड़ और 2017-18 में 991 करोड़ थी. रेलवे के मुताबिक तत्काल स्कीम के तहत फिलहाल 2,677 ट्रेन हैं. आंकड़ों के मुताबिक तत्काल स्कीम के तहत 11.57 लाख सीटों में 1.71 लाख सीटों पर बुकिंग तत्काल कोटे के तहत होती है.

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First published: September 3, 2019, 2:35 PM IST
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