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शेयर बाजार की कमाई पर लगने वाले तिहरे टैक्स को आसान भाषा में समझिए, निवेशकों को बजट से राहत की उम्मीद

शेयर बाजार की कमाई पर लगने वाले तिहरे टैक्स को आसान भाषा में समझिए, निवेशकों को बजट से राहत की उम्मीद

 अगर शेयर मार्केट में लिस्टेड शेयरों को खरीदने से 12 महीने के बाद बेचने पर जो लाभ होता है उसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स कहते हैं.

अगर शेयर मार्केट में लिस्टेड शेयरों को खरीदने से 12 महीने के बाद बेचने पर जो लाभ होता है उसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स कहते हैं.

मान लीजिए आपको एक साल में शेयर बाजार से 5 लाख की कमाई हुई. लेकिन आपके अकाउंट में सिर्फ 4.50 लाख रुपए ही आएंगे. दरअसल, इस कमाई पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स यानी LTCG देना पड़ा. इसके साथ ही कुल कमाई पर इनकम टैक्स भी देना होगा.

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नई दिल्ली . शेयर बाजार से कमाई पर कितना टैक्स लगता है? अक्सर नए निवेशक इस सवाल का जवाब ढूंढ़ते मिल जाएंगे. शेयर बाजार से कमाई पर तिहरा टैक्स लगता है. इस टैक्स से निवेशक परेशान रहते हैं. निवेशक इस बार के बजट से उम्मीद लगाए हुए हैं कि इस टैक्स को कुछ कम किया जाएगा. आइए हम आपको सरल शब्दों में बताते हैं कि कितना और कैसे टैक्स देना पड़ता है.

मान लीजिए आपको एक साल में शेयर बाजार से 5 लाख की कमाई हुई. लेकिन आपके अकाउंट में सिर्फ 4.50 लाख रुपए ही आएंगे. दरअसल, इस कमाई पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स यानी LTCG देना पड़ा. इसके साथ ही कुल कमाई पर इनकम टैक्स भी देना होगा. यानी आपको तीन टैक्स देने पड़ रहे हैं. निवेशक बजट से उम्मीद लगाए हुए हैं कि- STT खत्म हो और दूसरी- LTCG कम किया जाए.

 वसूले जा रहे दो-दो टैक्स
दरअसल, 2004 में उस समय के वित्तमंत्री पी. चिदंबरम STT को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन यानी LTCG की जगह ही लाए थे, लेकिन LTCG हटा नहीं. अब इन्वेस्टर को कमाई पर दोनों टैक्स देने पड़ते हैं. इनके बाद जो कुल कमाई बचती है उस पर इनकम टैक्स भी लगता है.

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इसलिए निवेशक चाहते हैं कि या तो STT को खत्म किया जाए या फिर LTCG टैक्स को कम किया जाए. इसी के साथ आर्थिक सुधारों को भी जारी रखने की मांग है. इससे ग्रोथ को रफ्तार मिलती रहेगी.

बाजार से होने वाली कमाई पर लगने वाले टैक्स को ऐसे समझें…
आपके 4 लाख की कमाई वाले शेयर बेचते समय ही STT के 125 रुपए कट गए. एक साल पूरा होने के एक हफ्ते बाद ये 5 लाख रुपए के शेयर बेचे तो उस पर LTCG टैक्स 10% लगा और 50 हजार रुपए कट गए. मान लीजिए अब आपने इसके अलावा 3 लाख रुपए दूसरे जरिए से कमाए. इस तरह उसकी टोटल इनकम 3 लाख+5 लाख = 8 लाख रुपए हो गई. इसमें से पहले 50 हजार रुपए कट गए थे. इनकम बची 8 लाख-50,000=7.50 लाख रुपए. अब इस 7.50 लाख पर आपको इनकम टैक्स भी देना है.

क्या है लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (Long term Capital gains tax)
अगर शेयर मार्केट में लिस्टेड शेयरों को खरीदने से 12 महीने के बाद बेचने पर लाभ होता है तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स कहते है. शेयरों की बिक्री करने वाले को इस कमाई पर उसे टैक्स देना पड़ता है. 2018 के बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को फिर से शुरू किया गया था. इससे पहले इक्विटी शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड ( Equity Mutual funds) की यूनिटों की बिक्री से होने वाले लाभ पर टैक्स नहीं लगता था. इनकम टैक्स रूल्स (Income tax Rules) के सेक्शन 10 (38) के तहत इस पर टैक्स से छूट मिली हुई थी. लेकिन 2018 के बजट में शामिल किए गए प्रावधान में कहा गया कि अगर एक साल के बाद बेचे गए शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिटों की बिक्री पर एक लाख रुपये से ज्यादा का कैपिटेल गेन हुआ है तो इस पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा.

Tags: Direct tax, Income tax, Share market, Stock Markets

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