वित्त सचिव बोले- टैक्स कलेक्शन में तेजी के संकेत, इकोनॉमी सुधार के पथ पर

वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय
वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय

अर्थव्यवस्था (Economy) में सुधार जारी रहने के संकेतों के बीच वित्त सचिव (Finance Secretary) अजय भूषण पांडेय ने कहा कि सरकार के टैक्स कलेक्शन (Tax collection) में तेजी आई है.

  • Share this:
नई दिल्ली. अर्थव्यवस्था (Economy) में सुधार जारी रहने के संकेतों के बीच वित्त सचिव (Finance Secretary) अजय भूषण पांडेय ने कहा कि सरकार के टैक्स कलेक्शन (Tax collection) में तेजी आई है और सरकार द्वारा कोविड-19 (COVID-19) के मद्देनजर दिए गए प्रोत्साहनों के चलते आर्थिक संकेतकों (Indicators) में सुधार जारी है.

GST कलेक्शन में लगातार दूसरे महीने तेजी 
पांडेय ने बताया कि वस्तुओं के परिवहन के लिए जरूरी ई-वे बिल (E-way Bills) को निकालने की संख्या कोविड से पहले के स्तर पर आ गई है और ऑनलाइन पेमेंट तेजी से बढ़े हैं. वस्तुओं की खपत या सेवा दिए जाने पर लिए जाने वाले जीएसटी के कलेक्शन में लगातार दूसरे महीने तेजी आई है.

पांडेय ने कहा, ''टैक्स कलेक्शन के रुझानों से पता चलता है कि पिछले कुछ महीनों से इसमें गिरावट आई है, लेकिन यह न केवल सुधार के रास्ते पर है, बल्कि इसमें तेजी भी आ रही है. जीएसटी कलेक्शन सितंबर के महीने में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले चार प्रतिशत अधिक था.'' उन्होंने कहा कि अक्टूबर के महीने में इसमें पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10 प्रतिशत की तेजी हुई और कलेक्शन 1.05 लाख रुपये से अधिक रहा.
ई-वे बिल 21 प्रतिशत बढ़ी


वित्त सचिव ने कहा कि 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य की वस्तुओं के परिवहन के लिए जरूरी ई-वे बिल को निकालने की संख्या अक्टूबर में 21 प्रतिशत बढ़ी, जबकि ई-चालान की संख्या 29 लाख आईआरएन (Invoice Reference Numbers) से अधिक हो गई. ई-वे बिल और ई-चालान के साथ ही जीएसटी संग्रह के आंकड़े मिलकर संकेत देते हैं कि अर्थव्यवस्था न केवल सुधार के रास्ते पर है, बल्कि वृद्धि के पथ पर तेजी से लौट रही है.

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्टूबर के दौरान सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह (Gross Direct Tax Collection) पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत घटकर 4.95 लाख करोड़ रुपये रहा. इस दौरान कॉरपोरेट कर संग्रह (Corporate Tax Collection) 26 प्रतिशत घटकर 2.65 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि व्यक्तिगत आयकर संग्रह (Personal Income Tax Collection) 16 प्रतिशत घटकर 2.34 लाख करोड़ रुपये रह गया.

7 महीनों में कुल दो लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी 
पांडेय ने कहा कि पिछले सात महीनों में कुल दो लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया, जबकि उस समय कर संग्रह कम था. उन्होंने कहा कि कर विभाग करदाताओं के उपभोग पैटर्न, बैंक स्टेटमेंट, म्यूचुअल फंड और शेयर लेनदेन, संपत्ति लेनदेन, आयात, निर्यात और विदेश से धनप्रेषण (Foreign Remittances) संबंधी जानकारी जमा कर रहा है.

उन्होंने कहा, ''अगर हमारे कर संग्रह प्रणाली में सुधार नहीं होता तो महामारी का आर्थिक प्रभाव कहीं अधिक होता. बीते वर्ष हमने फेसलेस मूल्यांकन, फेसलेस अपील, एसएफटी (वित्तीय लेनदेन का बयान), टीडीएस लागू करके नकद निकासी पर रोक जैसे कदम उठाए हैं.''
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज