Home /News /business /

COVID-19 से लड़ने के लिए सुझाव, अमीरों से वसूला जाए 40 फीसदी टैक्स, नया सेस लगाए सरकार

COVID-19 से लड़ने के लिए सुझाव, अमीरों से वसूला जाए 40 फीसदी टैक्स, नया सेस लगाए सरकार

इन कंपनियों को 10 साल तक टैक्स छूट देने की तैयारी में सरकार, जानिए प्लान?

इन कंपनियों को 10 साल तक टैक्स छूट देने की तैयारी में सरकार, जानिए प्लान?

कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) के 50 अधिकारियों के समूह ने CBDT को एक पेपर लिखकर सुपर रिच और अल्ट्रा रिच के दायरे में आने वालों से अधिक टैक्स वसूलने का सुझाव दिया है. इसमें विदेशी कंपिनयों से अधिक सरचार्ज वसूलने की बात भी कही गई है.

अधिक पढ़ें ...
    मुंबई. वरिष्ठ अधिकारियों के एक समूह ने सुझाव दिया है कि कोरोना वायरस (Coronaviurs) से लड़ने के लिए सरकार को सुपर रिच लोगों से ज्यादा टैक्स वसूलना चाहिए. इस सुझाव में विदेशी कंपनियों से अधिक टैक्स वसूलने की भी बात कही गई है, ताकि मौजूदा संकट में नकदी प्रवाह की कमी से निपटा जा सके. इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) एसोसिएशन ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) चेयरमैन पीसी मोदी को ये सुझाव दिए हैं. 'Force' (फिस्कल ऑप्शन ऐंड रिस्पांन्स टू द कोविड-19 एपिडेमिक) टाइटल से लिखे गए एक पेपर में ये सुझाव दिए गए हैं.

    ईमानदार टैक्सपेयर्स को ही मिले टैक्स राहत
    23 अप्रैल को लिखे गए इस पेपर के मुताबिक, 'टैक्स राहत को ईमानदार और अनुपालन करने वाले टैक्सपेयर्स तक ही सीमित रखना चाहिए. राहत के दौयरे में समय पर रिटर्न दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स ही आने चाहिए. ऐसे कई मामले हैं जहां बोगस क्लेम के जरिए टैक्स राहत की कोशिश की जाती है और कुछ मामलों में तो टैक्स रिटर्न भी समय पर दाखिल नहीं किया जाता है.'



    हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ते (DA) पर रोक लगा दी है. सरकार के इस कदम से 37,000 करोड़ रुपये की बचत करने में मदद मिलेगी.

    यह भी पढ़ें: 20 करोड़ राशन कार्डधारकों को अगले महीने मिलेगा मुफ्त दाल!

    फिलहाल 3-6 महीने के लिए लागू किया जाए
    कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए इस पेपर में जो सुझाव दिए गए है, उसमें कहा गया है कि सुपर रिच पर टैक्स को बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया जाए. इसमें 1 करोड़ रुपये से अधिक कमाई करने वाले लोग आते हैं और फिलहाल उन्हें 30 फीसदी ही टैक्स देना होता है. वहीं, इसमें यह भी कहा गया है कि जो लोग सालाना 5 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करते हैं उनसे वेल्थ टैक्स भी वसूला जाए. ऐसा 3 से 6 महीने के लिए किया जा सकता है.

    इस पेपर में कहा गया है कि आम बजट 2021 में सुपर रिच पर जो सरचार्ज लगाया गया है, उससे सरकार की झोली में सालाना 2,700 करोड़ रुपये ही आएंगे. ऐसे में इन पर लगने वाले टैक्स स्लैब को बढ़ाया जाए.

    यह भी पढ़ें: अक्षय तृतीया पर आज आपको नहीं मिलेगा बाजार से सोना खरीदने का मौका, ये है विकल्प

    अल्ट्रा रिच लोगों से वेल्थ टैक्स वसूले सरकार
    इस पेपर को तैयार करने में इंडियन रेवेन्यू सर्विसेज के 50 अधिकारी शामिल हुए हैं. अधिकारियों के इस ग्रुप ने यह भी सुझाव दिया है कि अल्ट्रा रिच लोगों पर सीमित समय के लिए दो तरीकों से टैक्स वसूला जाए. पहला तो यह कि 1 करोड़ रुपये से अधिक की सालाना कमाई करने वालों पर 30 फीसदी की जगह 40 फीसदी टैक्स वसूला जाए. ज​बकि, दूसरा तरीका यह है कि 5 करोड़ रुपये से अधिक की सालाना कमाई करने वाले लोगों के लिए वेल्थ टैक्स (Wealth Tax) को फिर से लाया जाए.

    विदेशी कंपनियां दें अधिक सरचार्ज
    मध्यावधि यानी 9 से 12 महीनों के लिए कहा गया है कि विदेशी कंपनियों के इनकम पर सरचार्ज बढ़ाकर अतिरिक्त रेवेन्यू जुटाया जाए. वर्तमान में 1 से 10 करोड़ रुपये की सालाना कमाई करने वाली विदेशी कंपनियों को 2 फीसदी सरचार्ज और 10 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने पर 5 फीसदी सरचार्ज देना होता है.

    इस पेपर में अतिरिक्त रेवेन्यू जुटाने के लिए कोविड-19 सेस भी लागू करने का सुझाव दिया गया है. फाइनेंस कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर एक बार के लिए 'COVID Relief Cess' वसूला जा सकता है. शुरुआती एसेसमेंट के मुताबिक, इस तरह के सेस से सरकार की झोली में 15-18 हजार करोड़ रुपये आ सकते हैं.

    यह भी पढ़ें: इस भारतीय की है दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी, ₹5.5 करोड़ है 1 दिन की कमाई

    Tags: Business news in hindi, Central Board of Direct Taxes, Income tax, Income tax department

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर