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8 अक्टूबर से बदल जाएगा इनकम टैक्स फाइल करने का नियम, CBDT ने दी जानकारी

News18Hindi
Updated: September 27, 2019, 6:03 PM IST
8 अक्टूबर से बदल जाएगा इनकम टैक्स फाइल करने का नियम, CBDT ने दी जानकारी
इनकम टैक्स

8 अक्टूबर से शुरू होने वाले ई-असेसमेंट से पहले CBDTने साफ कर दिया है कि यदि किसी टैक्सपेयर के पास ई-फाइलिंग अकाउंट या पैन कार्ड नहीं है तो वो ई-असेसमेंट के अंतर्गत नहीं आएंगे.

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  • Last Updated: September 27, 2019, 6:03 PM IST
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नई दिल्ली. अगले माह से इनकम टैक्स का ई-असेसमेंट शुरू होने वाला है. इससे ठीक पहले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी CBDT ने कहा है कि यदि किसी टैक्सपेयर के पास पैन कार्ड या ई-फाइलिंग अकाउंट नहीं है तो उसे ई-एसेसमेंट की सुविधा नहीं मिल सकेगी. CBDT ने कहा है कि 8 अक्टूबर से शुरू होने वाले ई-असेसमेंट प्रक्रिया में उन टैक्सपेयर्स को शामिल नहीं किया जाएगा, जिनके यहां छापे पड़े हैं और उनका मामला 'असाधारण परिस्थितियों' के अंतर्गत आते हैं. सीबीडीटी ने बीते गुरुवार को इस संबंध में जानकारी दी है.

इन मामलों में भी नहीं होगा  ई-असेसमेंट

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) के हवाले से लिखा है कि नए सिस्टम के तहत वो लोग शामिल नहीं होंगे, जि​न्होंने पेपर मोड में इनकम टैक्स रिट​र्न (Income Tax Return) फाइल किया है और उनके पास ई-फाइलिंग अकाउंट नहीं है. इसके अतिरिक्त, जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, वो मामले जहां प्रशासनिक परेशानियों को भी इनकम टैक्स के न​ए सिस्टम में शामिल नहीं किया जाएगा. इसमें उन मामलों को भी शामिल नहीं किया जाएगा जिनपर टैक्स में गड़बड़ी की वजह से पहले छापा पड़ चुका है.

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CBDT ने कहा कि जो ई-असेसमेंट सिस्टम के अंतर्गत आते हैं, उन्हें अपना रिस्पॉन्स देना होगा, किसी भी नोटिस भेजे जाने पर सूबूत देना होगा और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एसेसिंग अधिकारी को जवाब देना होगा.

DIN होगा जरूरी

सीबीडीटी के सर्कुलर में कहा गया है कि ई-प्रक्रिया के लिए किसी भी जानकारी देने से पहले सावधानी से चेक करना होगा. इसमें कहा गया है कि ई-असेसमेंट के लिए सभी कम्युनिकेशंस और नोटिस में डॉक्युमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) मौजूद होगा. हाल ही में सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डीआईएन नंबर लागू किया गया था.

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नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

इसमें आगे कहा गया है कि ई-असेसमेंट के कुछ मामलों में टैक्सपेयर्स को व्यक्तिगत ​सुनवाई और उपिस्थिति जरूरी है. ये उन मामलों के लिए होगा, जिसमें पाया जाता है कि टैक्सपेयर्स ने जानकारी साझा करते हुए इनकम टैक्स एक्ट का उल्लंघन किया है.

हाल ही में दिल्ली में नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर खोला गया है. नेशनल ई—एसेसमेंट सेंटर ही टैक्सपेयर्स को नोटिस जारी करेगा और 15 दिन के अंदर रिस्पॉन्स मिलने के बाद यहीं से एसेसिंग अधिकारी को केस सौंप दिया जाएगा.

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First published: September 27, 2019, 5:00 PM IST
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