Tax Saving और बेहतर मुनाफे के लिए बेस्ट है म्यूचुअल फंड्स की ये स्कीम

Tax Saving और बेहतर मुनाफे के लिए बेस्ट है म्यूचुअल फंड्स की ये स्कीम
टैक्स बचाने और मुनाफा पाने के लिए निवेशक म्यूचुअल फंड्स की ELSS में निवेश कर सकते हैं. आइए जानते हैं इस स्कीम के बारे में...

टैक्स बचाने और मुनाफा पाने के लिए निवेशक म्यूचुअल फंड्स की ELSS में निवेश कर सकते हैं. आइए जानते हैं इस स्कीम के बारे में...

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 13, 2019, 3:34 PM IST
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टैक्स सेविंग और बेहतर मुनाफे के लिए म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाया जा सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम्स (ELSS), पीपीएफ, एनएससी और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट्स के मुकाबले बेहतर विकल्प है. इन स्कीम्स ने पिछले 5 साल में 20 फीसदी तक मुनाफा दिया है. ELSS के तहत सेक्शन 80 सी में 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स बचत होती है.

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क्या होता है ELSS
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इक्विटी लिंक्ड सेंविग्स स्कीम्स (ELSS) में करीब 65 फीसदी राशि इक्विटी या इक्विटी लिंक्ड प्रोडक्ट्स में निवेश की जाती है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स के तहत छूट के लिए 65 फीसदी निवेश जरूरी है. वहीं, 80 सीसी में छूट के लिए आप ELSS के तहत 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकता है. इस स्कीम में 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है.



मिलता है बेहतर मुनाफा


अगर पिछले 5 साल के रिटर्न पर नजर डालें तो रिलायंस टैक्स सेवर फंड ने 16.28%, DSP टैक्स सेवर फंड ने 17.8%, एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड ने 19.96%, आदित्य बिड़ला सन लाइफ टैक्स रिलीफ96 फंड ने 19.66% का रिटर्न दिया है.

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कम होता है लॉक-इन पीरियड
PPF और NSC में लॉक-इन पीरियड काफी लंबा होता है. इसका मतलब यह है कि इनमें एक बार निवेश करने के बाद आप जल्द अपना पैसा नहीं निकाल सकते हैं. हालांकि, PPF में पांच साल के बाद आंशिक निकासी की सुविधा है, लेकिन इसकी मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है. इसी तरह NSC में लॉक-इन पीरियड 5 साल है. इसके मुकाबले ELSS में लॉक-इन पीरियड 3 साल है.

1.50 लाख रुपये की टैक्स छूट
इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का निवेश अधिकतम ELSS में कर टैक्स में छूट का फायदा उठाया जा सकता है. ज्यादातर निवेशक टैक्स बचाने के लिए ELSS में निवेश करना शुरू करते हैं और धीरे-धीरे वे म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) की दूसरी इक्विटी स्कीमों में निवेश करने लगते हैं. इसलिए इसे एमएफ की पहली स्कीम भी कहा जाता है.

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FD और PPF के मुकाबले क्यों हैं बेहतर
ELSS के रिटर्न्स पूरी तरह से टैक्स फ्री होते हैं और टैक्स सेविंग एफडी और पीपीएफ के मुकाबले ELSS का लॉकइन पीरियड कम है. ELSS में ग्रोथ और डिविडेंड दोनों के विकल्प रहते हैं. इस स्कीम में डिविडेंड रीइन्‍वेस्टमेंट का विकल्प नहीं मिलता है.

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