टैक्स सेविंग के लिए बेहतर विकल्प है ELSS, होगा मोटा मुनाफा

ईएलएसएस में सिर्फ 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है.

ईएलएसएस में सिर्फ 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है.

अगर आप टैक्स सेविंग के साथ मोटा रिटर्न पाना चाहते हैं तो ईएलएसएस (Equity Linked Saving Scheme) में निवेश कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 5:47 AM IST
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नई दिल्ली. चालू वित्त वर्ष का अंतिम महीना मार्च चल रहा है. ज्यादातर टैक्सपेयर्स टैक्स सेविंग के लिए कई विकल्पों में निवेश करते हैं. वहीं, म्यूचुअल फंड स्कीम्स में इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग्‍स स्‍कीम यानी ईएलएसएस (Equity Linked Saving Scheme) एक बेहतर विकल्प माना जाता है. ईएलएसएस निवेश राशि को इक्विटी मार्केट में निवेश किया जाता है.

क्या है ELSS?

ईएलएसएस (ELSS) एक इक्विटी म्‍यूचुअल फंड श्रेणी है, जिसमें निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट उपलब्‍ध है. इसकी सबसे अच्छी बात यह भी है कि इसमें सिर्फ 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है.

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1 साल में दिया 60 फीसदी तक रिटर्न

पिछले साल ईएलएसएस म्यूचुअल फंड ने औसत रिटर्न लगभग 25 फीसदी दिया है. सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली स्कीम ने 60 फीसदी का रिटर्न दिया है और श्रेणी में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले ने उसी अवधि में 11.5 फीसदी रिटर्न दिया है. मास्टर कैपिटल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पाल्का चोपड़ा ने बताया कि अगर हम पिछले साल में ईएलएसएस योजनाओं के रिटर्न को देखें तो 35 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिला है.

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लॉक-इन पीरियड खत्म होने बावजूद जारी रख सकते हैं निवेश

इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग्‍स स्‍कीम में 3 साल का लॉक इन पीरियड समाप्त होने के बाद निवेशक इसे जारी रख सकता है. फंड हाउस या म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए ईएलएसएस में निवेश किया जा सकता है. खुद फैसला करने की बजाय किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहिए.
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