अगर मिला है इनकम टैक्स नोटिस तो अब घबराने की जरुरत नहीं! टैक्स डिपार्टमेंट खुद करेगा मदद

अगर मिला है इनकम टैक्स नोटिस तो अब घबराने की जरुरत नहीं! टैक्स डिपार्टमेंट खुद करेगा मदद
इनकम टैक्स

आयकर विभाग ने सोमवार को स्पष्ट किया कि अगर किसी व्यक्ति को टैक्स नोटिस मिलता है तो इसके बाद उन्हें नजदीकी टैक्स अधिकारी से व्यक्तिगत तौर पर मिलने की जरूरत नहीं है. टैक्सपेयर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपना जवाब टैक्स विभाग को भेज सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 21, 2020, 12:01 PM IST
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नई दिल्ली. अगर किसी व्यक्ति को आयकर (Income Tax) से जुड़ी जांच का नोटिस मिलता है तो उसे अपने यहां के स्थानीय आयकर अधिकारी से व्यक्तिगत तौर पर मिलने की जरूरत नहीं है. वह व्यक्ति आयकर विभाग (Income Tax Department) की नई संपर्क रहित आकलन (Faceless Assesment) योजना के तहत इस संबंध में आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकता है. आयकर विभाग ने एक जनसूचना में कहा, ‘‘आयकर विभाग का चेहरा अब बदल रहा है.’’ कोई व्यक्ति अब इंटरनेट के माध्यम से संपर्क रहित आकलन व्यवस्था का लाभ उठा सकता है.

आयकर विभाग ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या करदाता को विभाग की ओर से कर जांच का नोटिस मिल भी जाता है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है. ‘‘संपर्क रहित आयकर आकलन व्यवस्था आपकी मदद करेगी. अपनी आय और कर के बारे में समझाने के लिए आपको (करदाता) को स्थानीय आयकर अधिकारी से व्यक्तिगत तौर पर मिलने की जरूरत नहीं है.’’


इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सबमिट कर सकते हैं जवाब
विभाग ने कहा कि व्यक्ति अपने जवाब को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आयकर विभाग की वेबसाइट (Tax Department Website) पर जमा करा सकता है. इन जवाबों के आकलन के लिए आयकर विभाग की विशेष टीमें बनायी गयीं हैं जो देश के विभिन्न शहरों में काम करती हैं.



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58 हजार टैक्सपेयर्स को मिली मदद
इसमें कहा गया है कि संपर्क रहित कर आकलन व्यवस्था उपयुक्त आकलन सुनिश्चित करेगी. यह सुविधा पहले ही करीब 58,000 से अधिक करदाताओं की मदद कर चुकी है. इस योजना को अक्टूबर में शुरू किया गया था. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहले चरण में विभाग इस योजना के तहत 7,116 मामलों का निपटान कर चुका है.

संपर्क रहित कर आकलन के लिए बनायी गयी विशेष टीमों की कोई व्यक्तिगत पहचान नहीं होती. देशभर में तैनात इन टीमों को किसी भी स्थान से जुड़े मामलों के आकलन का काम दिया जा सकता है, अर्थात ऑनलाइन प्राप्त हुए दस्तावेजों के आधार पर उत्तर भारत के किसी मामले का आकलन दक्षिण भारत का अधिकारी भी कर रहा हो सकता है.

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पिछले साल बजट में वित्त मंत्री ने किया था ऐलान
सूत्रों ने बताया कि इस सुविधा के तहत इन विशेष टीमों को 58,319 मामले आकलन करने के लिए सौंपे गए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने पिछले साल पांच जुलाई को अपने बजट भाषण में इस सुविधा को शुरू करने की घोषणा की थी.
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