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राज्यसभा ने दी कॉरपोरेट टैक्स छूट बिल को मंजूरी, कांग्रेस पर संसद में जमकर बरसीं वित्त मंत्री

News18Hindi
Updated: December 5, 2019, 9:11 PM IST
राज्यसभा ने दी कॉरपोरेट टैक्स छूट बिल को मंजूरी, कांग्रेस पर संसद में जमकर बरसीं वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

राज्यसभा (Rajya Sabha) में गुरुवार को बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने कांग्रेस पर तंज कसने के साथ ही कॉरपोरेट टैक्स पर लिए गए फैसले को रिफॉर्म बताया.

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  • Last Updated: December 5, 2019, 9:11 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को संसद में जानकारी दीं कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलप करना, खनन का काम करना और किताबें छापने का काम लोवर टैक्स ब्रैकेट के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) का हिस्सा नहीं माना जाएगा.

गुरुवार को राज्यसभा (Rajya Sabha - Upper House) में बात करते हुए ​वित्त मंत्री ने कहा, 'अगर कोई नई उत्पादन कंपनी 15 फीसदी रेट के​ हिसाब से जरूरतों को पूरा नहीं करती है तो उन्हें 22 फीसदी के टैक्स ब्रैकेट में जाने का भी विकल्प दिया जाएगा.' इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए सरकार नए रिफॉर्म करती रहेगी.

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टैक्स अमेंडमेंट बिल राज्यसभा में भी पास

लोकसभा में पास होने के बाद गुरुवार को टैक्सेशन अमेंडमेंट बिल 2019 (Taxation Amendment Bill 2019) को राज्यसभा में भी पास कर दिया गया है. सितंबर माह में सरकार द्वारा कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) में कटौती के लिए लाए गए अध्यादेश की जगह इसे पास किया गया है. यानी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल कानून की रूप ले लेगा.

कांग्रेस नेताओं ने संसद में किया प्रदर्शन
हाल ही में बेल पर जेल से बाहर हुए कांग्रेस नेता ​और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई समेत अन्य नेताओं ने संसद भवन में प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान उनके हाथों में बैनर्स थे और उन लोगों ने सरकार के खिलाफ नारा भी लगाया है.ये भी पढ़ें: बैंक जल्द जारी करेंगे ये नया कार्ड! कर सकेंगे 10 हजार रुपये तक की खरीदारी

कांग्रेस पर वित्त मंत्री का तंज
राज्यसभा में बोलते हुए पूर्व वित्त मंत्री के बयान को लेकर कहा, 'जब शहरों में रहने वाले मीडिल क्लास के लोग 15 रुपये में पानी का बोतल खरीद सकते हैं तो उन्हें कीमतों में इजाफे से परेशानी क्यों हो रही है.' वित्त मंत्री का इशारा साल 2012 के दौरान प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के समय तत्कालीन वित्त मंत्री के बयान पर था.


​यूपीए सरकार ने जमकर बांटा कर्ज
राज्यसभा में अपने एक जवाब में उन्होंने कहा, 'जब साल 2014 में हमने सरकार बनाया था तो हम पर राजकोषीय घाटा को नियंत्रित करने का दबाव था. कई जमा नहीं किए गए खर्च को भरने का बोझ मौजूदा सरकार पर थी. मार्च 2008 तक कॉमर्शियल बैंकों को ग्रॉस एडवांस 25 लाख करोड़ था. साल 2014 में यह बढ़कर 68 लाख करोड़ रुपये हो गया है. पिछली सरकार ने किसी को भी कर्ज दे दिया.'

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कॉरपोरेट टैक्स मोदी सरकार के रिफॉर्म का​ हिस्सा
वित्त मंत्री ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती केवल हेडलाइन्स या पीआर के लिए नहीं है. यह बेहतर माहौली ही नहीं, बल्कि एक तरह का रिफॉर्म है. पिछले कार्यकाल में कई बड़े रिफॉर्म लाने के बाद मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में भी लगातार रिफॉर्म ला रही है.

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First published: December 5, 2019, 7:00 PM IST
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