इनकम टैक्स से जुडे़ बिल को संसद से मिली मंजूरी, आपको होंगे ये फायदें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister of India)

Taxation and Other Laws (Relaxation and Amendment of Certain Provisions) Bill, 2020- टैक्स से जुड़ी दी गई छूट को लेकर किए गए प्रावधानों को संसद की मंजूरी मिल गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 1:07 PM IST
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नई दिल्ली. संसद ने संसद में टैक्सेशन और अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में राहत और संशोधन) विधेयक, 2020 को मंजूरी (Taxation and Other Laws (Relaxation and Amendment of Certain Provisions) Bill, 2020) दे दी है. ये बिल उन अध्यादेशों का स्थान लेगा. जिनमें कई तरह की टैक्स छूट दी गई है. जैसे, वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return- ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख इस बार  30 नवंबर, 2020 कर दिया गया है. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के चलते टैक्स तारीख में बदलाव करने का फैसला किया है.

आम लोगों को मिलेगी राहत- अध्यादेश के बाद अब नए बिल को मिली मंजूरी के तहत वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख 30 नवंबर 2020 हो गई है. इसके अलावा अन्य टैक्स संबंधित फॉर्म और रिपोर्ट (जैसे ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट आदि) दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2020 है.





TDS-TCS में 25 फीसदी छूट -इसके साथ ही अगले साल तक टीडीएस और टीसीएस के लिए 25 फीसदी छूट दी जा रही है, जो कि अगले साल 31 मार्च 2021 तक जारी रहेगी. यह सभी पेमेंट पर लागू होगा चाहे वह कमीशन हो, ब्रोकरेज हो या कोई अन्य पेमेंट. इससे 50,000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी लोगों के हाथों में रहेगी. जिनके भी रिफंड लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान किया जाएगा.आपको बता दें कि टीडीएस विभिन्न तरह के आय के स्रोत पर काटा जाता है. इसमें सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन शामिल हैं.


विवाद से विश्वास स्कीम के तहत जिन कंपनियों के टैक्स विवाद बाकी हैं, वह अब 31 दिसंबर 2020 तक बिना किसी ब्याज के टैक्स दे सकती हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत लंबित विवादों के निपटारे की चाह रखने वाले करदाता अब 31 दिसंबर 2020 तक आवेदन कर सकेंगे.





टैक्सेशन और अन्य कानून (कुछ प्रावधानों में राहत और संशोधन) विधेयक, 2020  में पीएम केयर्स फंड को लेकर भी मंजूरी मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 को काबू करने के लिए मार्च में लॉकडाउन की घोषणा की.

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उसके कुछ ही दिन बाद 27 मार्च को एक फंड बनाया. नाम दिया- पीएम सिटीजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशंस (पीएम केयर्स) फंड. साथ ही कहा कि इसमें जो भी राशि जमा होगी वह कोविड-19 से जुड़े कार्यों पर खर्च होगी.

क्या है पीएम केयर्स फंड और इसमें डोनेशन का क्या लाभ है?

कोविड-19 महामारी से पीड़ित लोगों की मदद के लिए डेडिकेटेड नेशनल फंड की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘आपात स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष (पीएम केयर्स फंड)’ के नाम से यह सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट बनाया है.

इस फंड में पूरी तरह से व्यक्तियों/संगठनों से स्वैच्छिक योगदान लिया जा रहा है. इसे कोई बजटीय सहायता नहीं मिलती है. पीएम-केयर्स फंड में दान दी गई रकम पर इनकम टैक्‍स से 100 फीसदी छूट मिलेगी. यह राहत इनकम टैक्‍स कानून के सेक्‍शन 80जी के तहत मिलेगी.

पीएम-केयर्स फंड में दान भी कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत सीएसआर खर्च के रूप में गिना जाएगा. इस फंड को भी एफसीआरए के तहत छूट मिली है. विदेशों से दान प्राप्त करने के लिए एक अलग खाता खोला गया है. इससे विदेशों में स्थित व्यक्ति और संगठन फंड में दान दे सकते हैं.

मोदी की अपील का असर यह हुआ कि लोगों ने फंड में तत्काल पैसे डालना शुरू किए. कई कंपनियों ने अपने-अपने कर्मचारियों के एक दिन का वेतन इसमें जमा किया, लेकिन साथ ही यह फंड विवादों में फंसना शुरू हो गया.
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