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सरकारी बैंकों ने टैक्‍सपेयर्स को किया कंगाल! 1 साल में डूबे 99 हजार करोड़ रुपये

सरकारी बैंकों ने टैक्‍सपेयर्स को किया कंगाल! 1 साल में डूबे 99 हजार करोड़ रुपये

गवर्नमेंट इक्टिी के तौर पर सरकारी बैंकों में निवेश किए गए रकम पर 2019 में 98,900 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.

गवर्नमेंट इक्टिी के तौर पर सरकारी बैंकों में निवेश किए गए रकम पर 2019 में 98,900 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है.

आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey 2019-20) की रिपोर्ट में कहा गया है सरकार बैंकों में टैक्‍सपेयर्स के निवेश किए गए हर 1 रुपये पर 23 पैसे का घाटा हुआ है. वहीं, इसके उलट उदारीकरण के बाद लाइसेंस प्राप्‍त करने वाले न्‍यू प्राइवेट बैंकों के लिहाज से यह आंकड़ा मुनाफे भरा रहा है.

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    नई दिल्‍ली. आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20: साल 2019 में टैक्‍सपेयर्स द्वारा सरकारी बैंकों (PSB's) में निवेश किए गए रकम में भारी नुकसान हुआ है. बजट (Budget 2020) से ठीक एक दिन पहले जारी किए गए आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) से पता चला है कि सरकारी इक्विटी (Government Equity) के दौर पर पब्लिक सेक्‍टर बैंकों में टैक्‍सपेयर्स का 4,30,000 करोड़ रुपये निवेश किया गया था. इस रिपोर्ट से पता चलता है कि औसतन सरकारी बैंकों द्वारा निवेश किया गया हर एक रुपये पर 23 पैसे का घाटा हुआ है. इस प्रकार, कुल निवेश किए गए 4,30,000 करोड़ रुपये पर 98,900 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. सर्वे में कहा गया, 'गवर्नमेंट इक्विटी के तौर पर पब्लिक सेक्‍टर बैंकों को 4,30,000 करोड़ रुपये निवेश किया गया है. साल 2019 में, सरकारी बैंकों द्वारा टैक्‍सपेयर्स के हर 1 रुपये के निवेश पर 23 पैसे का घाटा हुआ है.'

    इन प्राइवेट बैंक में निवेश पर हुआ फायदा
    इसके उलट, 1991 से अब तक न्‍यू प्राइवेट बैंकों में इन्‍वेस्‍ट की गई आम लोगों की पूंजी को फायदा हुआ. 2019 के दौरान निवेश किए हर एक रुपये पर 9.6 पैसे का मुनाफा हुआ है. इसकी जानकारी भी आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में दी गई है. सर्वेक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी बैंकों दक्षता पर विशेष ध्‍यान देने की जरूरत है. चूंकि, पब्लिक सेक्‍टर बैंक और उदारीकरण के बाद लाइसेंस प्राप्‍त करने वाले न्‍यू प्राइवेट बैंक एक ही तरह के घरेलू मार्केट में ऑपरेट करते हैं, ऐसे में पीएसबीश्‍ की दक्षता पर ध्‍यान देने की जरूरत है.

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    फूड सब्सिडी जितनी है घाटे की रकम
    इस रिपोर्ट में हाइलाइट किया गया, 'टैक्‍सपेयर्स द्वारा सरकारी बैंकों में निवेश किए गए रुपयों में हुए घाटे को देखें तो यह सबसे बड़े सब्सिडी जितनी ही है. घाटा की रकम 1.40 लाख करोड़ रुपये है और इतनी ही रकम फूड सब्सिडी के लिए भी दी जाती है.

    क्‍या घाटे व मुनाफे निकालने की प्रक्रिया
    इस सर्वे में पूछा गया था कि ''पब्लिक सेक्‍टर बैंकों में टैक्‍सपेयर्स द्वारा निवेश किए गए रकम पर उन्‍हें कितना लाभ होता है?'' इस सवाल के जवाब में कहा गया कि इस प्रक्रिया के लिए हम पब्लिक सेक्‍टर बैंकों के स्‍टॉक मार्केट टू बुक वैल्‍य के अनुपात का पता लगाते हैं. इसी प्रकार न्‍यू प्राइवेट बैंकों का भी अनुपात निकाला जाता है. 20 जनवरी 2020 तक, टैक्‍सपेयर्स द्वारा निवेश किए गए हर 1 रुपये की वैल्‍यू 71 पैसे की है. इसके ठीक विपरित, न्‍यू प्राइवेट बैंकों के हर 1 रुपये के निवेश का मार्केट वैल्‍यू 3.70 रुपये है. इसका मतलब है कि सरकारी बैंकों के फेस वैल्‍यू की तुलना में यह करीब 5 गुना है.

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    Tags: Annual Economic Survey, Budget 2020, Business news in hindi, Public sector, Taxpayer

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