सरकार ने 44 वंदे भारत ट्रेनों का टेंडर कैंसिल किया, चीन से था कनेक्शन

सरकार ने 44 वंदे भारत ट्रेनों का टेंडर कैंसिल किया, चीन से था कनेक्शन
एक सप्ताह के भीतर नया टेंडर फ्लोट किया जाएगा.

चीनी ज्वाइंट वेंचर की वजह से सरकार ने 44 वंदे भारत ट्रेनों (Vande Bharat) के लिए टेंडर कैंसिल कर दिया है. एक सप्ताह के भीतर फ्रेश टेंडर जारी किया जाएगा. इंडियन रेलवे ने ट्वीट कर टेंडर कैंसिल किए जाने की जानकारी दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 22, 2020, 7:17 AM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 44 'वंदे भारत' ट्रेनों (Vande Bharat Trains) का टेंडर कैंसिल कर दिया है. रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने शुक्रवार को देर रात को इस बारे में जानकारी दी है. मंत्रालय ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर फ्रेश टेंडर फ्लोट किया जाएगा. रेलवे के इस प्रोजेक्ट में 'मेक इन इंडिया' प्रोग्राम (Make in India) को वरीयता दी जाएगी. सरकार द्वारा इन ट्रेनों के टेंडर कैंसिल होने से चीन को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, चीनी कंपनी की ज्वाइंट वेंचर सीआरआरसी पायनियर इलेक्ट्रिक (भारत) प्राइवेट लिमिटेड(CRRC Pioneer Electric (India) Pvt. Ltd.)  इकलौती विदेशी कंपनी थी, जिसे यह टेंडर मिला था. इसके अलावा अन्य 5 कंपनियों को भी इस सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के 44 सेट्स तैयार करने का टेंडर मिला था.

रेल मंत्रालय ने शुक्रवार रात को ट्वीट कर लिखा, '44 सेमी हाई स्पीड ट्रेन सेट्स (वंदे भारत) का टेंडर कैंसिल कर दिया गया है. एक सप्ताह के अंदर फ्रेश टेंडर फ्लोट किया जाएगा जोकि रिवाइजल्ड पब्लिक प्रोक्योरमेंट आदेश के तहत होगा. इसमें मेक इन इंडिया प्रोग्राम को वरीयता दी जाएगी.'


चीनी ज्वाइंट वेंयर चीन ​की सीआरआरसी यॉन्गजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और गुरुग्राम की पायनीयर फिल-मेड प्राइवेट लिमिटेड की है. इन दोनों कंपनियां 2015 में साझेदारी की थीं.



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न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि चीनी ज्वाइंट वेंचर सामने आने के बाद अब रेलवे इस बात को सुनिश्चित करने में जुटा है कि घरेलू फर्म्स को टेंडर मिले. बता दें कि इसके लिए बीते 10 जुलाई को इंडियन रेलवे के चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने टेंडर जारी किया था.

इन कंपनियों ने भी पेश की दावेदारी
उपरोक्त ज्वाइंट वेंचर के अलावा जिन अन्य 5 कंपनियों ने रुचि दिखाई, उसमें सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भारत इंडस्ट्रीज, इलेक्ट्रोवेव्स इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड, पावरनेटिक्स इक्विपमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हैं. रेल मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी दी थी.

इसके पहले ही चीनी फर्म्स द्वारा प्राइवेट ट्रेनों के टेंडर बिड में भाग लेने को लेकर रेलवे बोर्ड चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा था, 'जहां तक चीनी कंपनियों द्वारा इस टेंडर में भाग लेने की बात है तो मेक इन इंडिया पॉलिसी के तहत कुछ गाइडलाइंस हैं, जिसे डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड ने तैयार किया है. हम इसे ही फॉलो करेंगे.'

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पीएम मोदी ने पहली वंदे भारत ट्रेन को ​दिखाई थी हरी झंडी
बता दें कि पिछले साल ही फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ​नई दिल्ली-वाराणसी रूट के लिए देश के पहले वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी. इसके बाद दूसरी वंदे भारत ट्रेन नई दिल्ली और श्री माता वैष्णोदेवी कटरा के लिए चलाई गई. इस ट्रेन को गृह मंत्री अमित शाह ने 3 अक्टूबर को हरी झंडी दिखाई थी.
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