Home /News /business /

Term Insurance : पॉलिसी लेते वक्त इसलिए जरूरी होता है मेडिकल टेस्ट, क्लेम में नहीं होती दिक्कत, जानें पूरी डिटेल्स

Term Insurance : पॉलिसी लेते वक्त इसलिए जरूरी होता है मेडिकल टेस्ट, क्लेम में नहीं होती दिक्कत, जानें पूरी डिटेल्स

टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदने से पहले अगर आप मेडिकल टेस्ट कराते हैं तो मेडिकल रिपोर्ट की जिम्मेदारी बीमा कंपनी और चेकअप करने वाले डॉक्टर की हो जाती है.

टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदने से पहले अगर आप मेडिकल टेस्ट कराते हैं तो मेडिकल रिपोर्ट की जिम्मेदारी बीमा कंपनी और चेकअप करने वाले डॉक्टर की हो जाती है.

Term Insurance Plan: कम प्रीमियम में बड़े कवरेज के चलते टर्म इंश्योरेंस बहुत तेजी से पसंदीदा विकल्प बन रहा है. पॉलिसी को खरीदते समय आमतौर पर मेडिकल टेस्ट करवाना होता है. कुछ कंपनियां मेडिकल टेस्ट में ढील दे सकती हैं, लेकिन क्लेम के समय यह आपके लिए महंगा पड़ सकता है.

अधिक पढ़ें ...

नई दिल्ली. अपने बाद परिवार और अन्य वित्तीय जरूरतों के लिए टर्म इंश्योरेंस बहुत जरूरी हो गया है. कोरोना महामारी के बाद वित्तीय लिहाज से यह जीवन के लिए काफी जरूरी हो गया है. मौजूदा दौर में भी टर्म इंश्योरेंस तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि बीमाधारक की असमय मौत पर यह उसके परिवार को मजबूत आर्थिक सहारा मुहैया कराता है और वह भी बहुत कम प्रीमियम पर.

कम प्रीमियम में बड़े कवरेज के चलते टर्म इंश्योरेंस बहुत तेजी से पसंदीदा विकल्प बन रहा है. बीमा कंपनियां भी प्रतिस्पर्धी दरों पर इसे पेश कर रही है. इस पॉलिसी को खरीदते समय आमतौर पर मेडिकल टेस्ट करवाना होता है. कुछ कंपनियां मेडिकल टेस्ट में ढील दे सकती हैं, लेकिन क्लेम के समय यह आपके लिए महंगा पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें- NSE Scam :  पूर्व SEBI प्रमुख ने कहा- जांच में सामने आए लोगों को एनएसई से बाहर निकाल देना चाहिए, प्रबंधन की शक्तियों पर फिर से हो विचार

बिना चेकअप पॉलिसी खरीदने से बचें
जानकारों का कहना है कि ऐसी पॉलिसी खरीदने से बचना चाहिए, जिसे खरीदने से पहले पूरा मेडिकल चेकअप न हो. अगर पूरा मेडिकल चेकअप न हो तो बीमाधारक को पॉलिसी खरीदते समय थोड़ी राहत तो मिल जाती है, लेकिन इससे क्लेम के समय बहुत दिक्कतें आ सकती हैं. उन्हें आसानी से क्लेम नहीं मिलता है.

ये भी पढ़ें- Real Estate : मकान खरीदने के लिए अब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी जेब, जानिए आपके शहर में कितने बढ़े दाम

…तो क्लेम का भुगतान नहीं करतीं कंपनियां
टर्म प्लान कम प्रीमियम में अधिकतम कवरेज उपलब्ध कराते हैं. ऐसे में बीमा कंपनियां पॉलिसी बेचने से पहले मेडिकल टेस्ट कराती हैं. हालांकि, कुछ मामलों में बीमा कंपनियां इस पर जोर नहीं देतीं और बीमाधारक की तरफ से अच्छे स्वास्थ्य का डिक्लेरेशन देने से ही काम चल जाता है. लेकिन बीमाधारकों को इससे बचना चाहिए. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि पॉलिसी खरीदने के बाद अगर कुछ समय में ही पॉलिसीधारक की मौत हो गई तो कई बार बीमा कंपनियां जानकारी छिपाने के आधार पर क्लेम खारिज भी कर सकती हैं. बीमा कंपनियां ये दलील दे सकती हैं कि पॉलिसी खरीदते समय बीमाधारक ने अपनी सेहत की सही जानकारी नहीं दी थी. इसलिए क्लेम का भुगतान नहीं करेंगे.

बीमा कंपनी की होती है जिम्मेदारी
टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदने से पहले अगर आप मेडिकल टेस्ट कराते हैं तो मेडिकल रिपोर्ट की जिम्मेदारी बीमा कंपनी और चेकअप करने वाले डॉक्टर की हो जाती है. ऐसे में पॉलिसीधारक के नॉमिनी को क्लेम के सेटलमेंट में अधिक दिक्कतें नहीं आती हैं. समझदारी इसी में है कि टर्म इंश्योरेंस प्लान वही खरीदा जाए, जिसमें पूरा मेडिकल चेकअप कराना जरूरी हो.

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर