केंद्र ने इन 12 Websites को कर दिया ब्‍लॉक, आतंकी गतिविधियों को दे रही थीं बढ़ावा

केंद्र सरकार ने खालिस्‍तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली वेबसाइटों पर रोक लगा दी है.
केंद्र सरकार ने खालिस्‍तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली वेबसाइटों पर रोक लगा दी है.

केंद्र सरकार ने खालिस्तानी गतिविधियों (Khalistan Activities) को बढ़ावा देने वाली 12 बेवसाइटों को ब्लॉक करने के आदेश जारी (Restrictions on Websites) कर दिए हैं. प्रतिबंधित वेबसाइटों को एक्सेस करने पर स्क्रीन पर सूचना आती है कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने इसे ब्लॉक कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 9:42 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार आतंकवाद (Terrorism) के खिलाफ अपने अभियान को सख्‍ती के साथ लागू करने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है. इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने खालिस्तानी गतिविधियों (Khalistan Activities) को बढ़ावा देने वाली 12 बेवसाइटों को ब्लॉक करने के आदेश जारी (Restrictions on Websites) कर दिए हैं. इन प्रतिबंधित दर्जनभर वेबसाइटों में से कुछ सीधे तौर पर गैर कानूनी संगठन (Illegal Organization) सिख फॉर जस्टिस की ओर से संचालित की जा रही थीं. सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई कि इन वेबसाइटों पर खालिस्तान समर्थक सामग्री मौजूद थी.

इस कानून के तहत वेबसाइटों को किया ब्‍लॉक
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने सूचना प्रोौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा-69A के तहत इन 12 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है. भारत में साइबर स्पेस की निगरानी के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ही नोडल अथॉरिटी के तौर पर काम करता है. सूत्रों के मुताबिक pbseva22, seva413, pbteam, pb5911, sfj4farmers.org, Sjf4farmers.uk, pb13, pb99, sewa13, punjabnow और sadapind.org वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाया गया है. प्रतिबंधित वेबसाइटों को एक्सेस करने पर स्क्रीन पर सूचना आती है कि भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने इसे ब्लॉक कर दिया है. अधिक जानकारी के लिए एडमिनिस्ट्रेटर से संपर्क करें.


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केंद्र ने एसएफजे संगठन पर लगाई थी पाबंदी
राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गृह मंत्रालय ने पिछले साल सिख फॉर जस्टिस (Sikh for Justice) संगठन पर प्रतिबंध लगाया था. आरोप है कि यह संगठन ने अपने अलगाववादी एजेंडे के तहत सिख रेफरेंडम 2020 को आगे बढ़ा रहा था. केंद्र सरकार ने जुलाई 2020 में भी इस संगठन से जुड़ी 40 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही थीं.
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