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the battle of buying and selling continues for 8 months between foreign and domestic investors pmgkp

 विदेशी और घरेलू निवेशकों में 8 महीने से खरीदने-बेचने की जंग जारी, कोई पीछे हटने को तैयार नहीं, अब आगे क्या ?

भारतीय बाजार से विदेशी निवेशक अक्टूबर 2021 के बाद से लगातार पैसा निकाल रहे हैं.

भारतीय बाजार से विदेशी निवेशक अक्टूबर 2021 के बाद से लगातार पैसा निकाल रहे हैं.

भारतीय बाजार से विदेशी निवेशक अक्टूबर 2021 के बाद से लगातार पैसा निकाल रहे हैं. वहीं, घरेलू निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं. पिछले 8 महीने में सिर्फ अप्रैल का पहला हफ्ता ऐसा था जब निवेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा डाला था.

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मुंबई . भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से विदेशी और घरेलू निवेशकों के बीच एक जोरदार जंग चल रही है. और वो है शेयर बेचने और खरीदने की. एक तरफ जहां विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पिछले 8 महीने से लगातार बिकवाली कर रहे हैं, वहीं घरेलू निवेशक खरीदार बने हुए हैं. ये ट्रेंड मई महीने में भी जारी है.

सोमवार और मंगलवार के ट्रेडिंग सेशन के बाद ये मई का महीने खत्म हो जाएगा. मई में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट  53,790.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं. दूसरी तरफ डीआईआई ने 47,465.90 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं. इस तरह देखें तो मई में खरीद बेच के बीच थोड़ा ही अन्तर रह गया है. इस तरह विदेशी निवेशकों की बिकवाली को घरेलू निवेशकों ने काफी हद तक संभाला है.

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इस महीने भी बिकवाली जारी
भारतीय बाजार से विदेशी निवेशक अक्टूबर 2021 के बाद से लगातार पैसा निकाल रहे हैं. पिछले 8 महीने में सिर्फ अप्रैल का पहला हफ्ता ऐसा था जब विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा डाला था. वरना बाकी पूरे समय वो पैसा निकालते रहे हैं. यह ट्रेंड वर्तमान मई महीने तक जारी है. आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से शेयर, बॉन्ड और ऋण बाजार से अक्टूबर 2021 के बाद 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का फंड निकाले हैं.

विदेश निवेशकों का निवेश आधा हुआ
 एनएसडीएल ( National Securities Depository Limited) आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 2014 से लेकर 2020 के बीच 2.2 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया. साल 2010 से 2020 के बीच कुल 4.4 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया था. इसके उलट पिछले 8 महीनों की बिकवाली की वजह से भारतीय बाजार में उनका निवेशक लगभग आधा रह गया है.

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घरेलू निवेशकों को बाजार से राहत
वहीं, दूसरी तरफ भारत के घरेलू निवेशक और रिकॉर्ड संख्या में बढ़े रिटेल निवेशकों ने बाजार को सपोर्ट दिया. जहां विदेशी निवेशकों ने 2 लाख करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की, वहीं घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने 1लाख करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की. कोरोना के बाद से देश में रिकॉर्ड संख्या में रिटेल निवेशक मार्केट में आए हैं. कोरोना के बाद से डीमैट अकाउंट की संख्या दोगुनी हो गई है. इन रिटेल निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला है. एक्सपर्ट के मुताबिक, ये एक बड़ा कारण रहा है कि इतनी बिकवाली के बाद भी इंडियन मार्केट उतना नहीं गिरा, जितनी बिकवाली थी.

अब आगे क्या 
मनीकंट्रोल के मुताबिक, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार के आंकड़ों से संकेत मिल रहा है कि अमेरिकी बाजार में कमजोरी अब थमती नजर आ रही है. बैंक ऑफ अमेरिकी की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते निवेशकों ने ग्लोबल स्टॉक्स में 20 अरब डॉलर का निवेश किया है. वहीं, फेड की मीटिंग के मिनट्स भी मार्केट के लिए थोड़ा राहत भरे हैं. इस सब कारणों को देखते हुए अब आगे भारतीय बाजारों में एफपीआई की बिकवाली से आई बाजारों में कमजोरी थमती दिख सकती है.

Tags: FPI, Nifty, Share market, Stock Markets, Stock return

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