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Investment Tips : सोना है खरा निवेश, आपको भी करना है गोल्‍ड में इनवेस्‍टमेंट तो इन विकल्‍पों पर डालें नजर

बढ़ती महंगाई में सोना एक बढिया निवेश विकल्‍प है.

बढ़ती महंगाई में सोना एक बढिया निवेश विकल्‍प है.

सोने में निवेश (Gold Investment) करने के बहुत से विकल्‍प हैं. सोने में निवेश के ये सभी साधन सोने की कीमत से ही जुड़े हुए ...अधिक पढ़ें

नई दिल्‍ली. बढ़ती महंगाई और शेयर बाजार (Stock Market) में आ रहे उतार-चढ़ाव से के कारण अब सोने में निवेश बढ़ रहा है. क्रिप्‍टोकरेंसी (Cryptocurrency) में आई भारी गिरावट से भी निवेशकों का रुख सोने (Gold) की ओर हुआ है. बढ़ती महंगाई में सोना एक बढि़या निवेश विकल्‍प है. भारत में सोने में निवेश (Gold Investment) के कई विकल्‍प उपलब्‍ध हैं. अगर आपका इरादा भी सोने में निवेश का है तो इस बात को जरूर ध्‍यान में रखें की सोने से शॉर्ट टर्म में रिटर्न की उम्‍मीद नहीं है. यह लॉन्‍ग टर्म में अच्‍छा लाभ देने वाला विकल्‍प है.

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्‍यत: महंगाई ज्‍यादा करेंसी के बाजार में आने का परिणाम है. अमेरिका और भारत सहित बहुत से देशों के केंद्रीय बैंकों ने कोरोना महामारी के दौरान अपनी ब्‍याज दरों को काफी कम कर दिया था. अब केंद्रिय बैंकों को बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए अपनी मौद्रिक नीति को फिर से कड़ा करना पड़ रहा है ताकि कैश फ्लो कम हो और इससे मांग में कमी आए तो महंगाई पर कुछ लगाम लगे. वहीं, दूसरी ओर सोने की आपूर्ति सीमित है. इसलिए जब लोग ज्‍यादा सोना खरीदते हैं तो इसके दाम चढ़ जाते हैं.

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डेड एसेट है सोना
सोने को डेड एसेट कहा जाता है. इसमें किया गया निवेश बिजनेस से जुड़ा हुआ नहीं होता है. शेयरों में किया गया निवेश कंपनी के प्रॉफिट कमाने पर बढ़ता है. लेकिन सोने के साथ ऐसा नहीं है. सोने पर निवेशक को कोई डिविडेंड भी नहीं मिलता है. सोने पर कोई ब्‍याज भी नहीं मिलता है. कई बार ऐसा भी हुआ है कि सोने से लॉन्‍ग टर्म तक कोई रिटर्न हासिल नहीं हुआ है. वहीं इस दौरान स्‍टॉक मार्केट ने अच्‍छा रिटर्न दिया. उदाहरण के लिए  वर्ष 2021 के बाद निफ्टी का 10.5 फीसदी सीएजीआर दिया है तो सोने का सीएजीआर 8.2 फीसदी रहा है.

सोने में निवेश के कई विकल्‍प
सोने में निवेश करने के बहुत से विकल्‍प हैं. आप सर्राफा बाजार से सोने के गहने, सोने के सिक्‍के या फिर बिस्किट खरीद सकते हैं. आप गोल्‍ड सेविंग फंड्स और गोल्‍ड एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) से सोने की यूनिट खरीद सकते हैं. इसके अलावा आप सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍डस (SGBs) में भी निवेश कर सकते हैं. सोने में निवेश के ये सभी साधन सोने की कीमत से ही जुड़े हुए हैं. लेकिन, हर एक का उद्देश्‍य अलग है. अगर आप सर्राफा मार्केट से सोने लेते हैं तो इसके आप गहने बनाकर पहन सकते हैं. जो लोग सोने में ट्रेड करना चाहते हैं उनके लिए ईटीएफ सही है. जो लोग सोने में दीर्घकालीन निवेश करना चाहते हैं उनके लिए सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड्स अच्‍छा विकल्‍प है, क्‍योंकि इसका लॉक इन पीरियड 8 साल का होता है.

क्‍या डिजिटल गोल्‍ड लेना सही है
पिछले कुछ सालों से कुछ फिनटेक कंपनियां डिजिटल गोल्‍ड खरीदने का ऑफर भी निवेशकों को दे रही हैं. डिजिटल गोल्‍ड किसी ऐप से खरीदा जाता है और पार्टनर कंपनी की तिजोरी में रहता है. लेकिन, यह अनरेगुलेटिड है. पिछले साल ही सेबी ने डिजिटल गोल्‍ड को लेकर कंपनियों पर सख्‍ती की थी, जिसके बाद इसको काफी धक्‍का लगा है. किसी भी तरह का रेगुलेशन न होने के कारण डिजिटल गोल्‍ड में निवेश बहुत रिस्‍की है.

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कितना लगता है टैक्‍स?
अगर आप सर्राफा बाजार से सोना लेते हैं तो आपको इस पर 3 फीसदी की दर से वस्‍तु एवं सेवा कर चुकाना होता है. जीएसटी सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड्स और ईटीएफ पर लागू नहीं होता. अगर आप 3 साल बाद सोने को बेचते हैं और आपको लाभ होता है तो आपको उस पर कैपिटल गेन्‍स टैक्‍स चुकाना पड़ता है. आपकी आय जिस टैक्‍स स्‍लैब में आती है, उसी अनुसार यह टैक्‍स लगता है. अगर आप सोना खरीदने के तीन साल से ज्‍यादा समय के बाद उसे बेचकर मुनाफा कमाते हैं तो आपको उस पर 20 फीसदी की दर से लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन्‍स टैक्‍स देना होता है. कैपिटल गेन्‍स टैक्‍स सर्राफा बाजार से खरीदे सोने और ईटीएफ पर चुकाना होता है. सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड्स से हुए मुनाफे पर यह टैक्‍स नहीं लगता है.

Tags: Earn money, Gold ETF, Gold investment, Investment, Money Making Tips

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