#TheBigBull: जानिए 12वीं पास हर्षद मेहता ने कैसे स्टॉक मार्केट को लगाया था 4000 करोड़ का चूना, ऐसे हुई थी मौत

फाइल फोटो

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#TheBigBull: शुक्रवार को अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) और इलियाना डिक्रूज स्टारर फिल्म द बिग बुल (The Big Bull) डिज्नी हॉटस्टार (disney+ hotstar) पर रिलीज कर दी गई. द बिग बुल 1992 के शेयर बाजार घोटाले (Stock Market Scam) पर बनी फिल्म है. यह फिल्म स्टॉक मार्केट के बेताज बादशाह हर्षद मेहता (Harshad mehta) पर आधारित है, जिन्होंने 1980 -90 के दशक में स्टाक मार्केट की दशा ही बदल डाली थी.

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  • Last Updated: April 9, 2021, 10:47 AM IST
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नई दिल्ली. शुक्रवार को अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) और इलियाना डिक्रूज स्टारर फिल्म द बिग बुल (The Big Bull) डिज्नी हॉटस्टार (disney+ hotstar) पर रिलीज कर दी गई. द बिग बुल 1992 के शेयर बाजार घोटाले (Stock Market Scam) पर बनी फिल्म है. इस घोटाले ने पूरे देश में तहलका मचा दिया था. यह फिल्म स्टॉक मार्केट के बेताज बादशाह हर्षद मेहता (Harshad mehta) पर आधारित है, जिन्होंने 1980 -90 के दशक में स्टाक मार्केट की दशा ही बदल डाली थी. हालांकि, बाद में करोड़ों का घोटाला करने के मामले उन्हें जेल की सजा हुई थी. हर्षद मेहता ने इस देश में 4000 करोड़ का घोटाला किया, यू कहें कि ये शख्स देश के तमाम शेयर होल्डरस के सपने और उनके चार हजार करोड़ गबन कर गया.

स्टॉक मार्केट मसीहा थे हर्षद
Harshad Mehta,  1980 -90 के दशक में स्टॉक मार्केट मसीहा माने जाते थे. शेयर होल्डर उन्हें अपनी किस्मत की चाभी समझते हैं और वे जिस शेयर पर हाथ रख देते उसका भाव आसमान पर पहुंच जाता था. स्टॉक मार्केट से रातोंरात हर्षद मेहता करोड़ों की कमाई कर लिए थे. हर्षद मेहता का जन्म 29 जुलाई 1954 को पनेल मोटी, राजकोट गुजरात में एक छोटे से परिवार में हुआ था. उनका बचपन मुंबई के कांदिवली में गुजरा और मुंबई के होली क्रॉस बेरोन बाजार सेकेंडरी स्कूल से उन्होंने स्कूली पढ़ाई की. बारहवीं पास करने के बाद हर्षद मेहता ने लाजपत राय कॉलेज से बी.कॉम की पढ़ाई की फिर अगले आठ साल तक छोटी मोटी नौकरियां करते रहे. उन्होंने पहली नौकरी न्यू इंडिया अश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में बतौर सेल्स पर्सन की और उसी वक्त उनका इंटरेस्ट शेयर मार्केट की तरफ जागा और उन्होंने नौकरी छोड़ हरिजीवनदास नेमीदास सिक्योरिटीज नाम की ब्रोक्रेज फर्म में बतौर जॉबर नौकरी ज्वॉइन कर ली और प्रसन्न परिजीवनदास को अपना गुरु मान लिया. उनके साथ काम करते हुए हर्षद मेहता ने स्टॉक मार्केट के हर पैंतरे सीखे और 1984 में खुद की ग्रो मोर रीसर्स एंड असेट मैनेजमेंट नाम की कंपनी की शुरुआत की और और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में बतौर ब्रोकर मेंबरशिप ली. यहां से शुरू हुआ स्टॉक मार्केट के उस बेताज बादशाह का सफर जिसे आगे चलकर स्टॉक मार्केट का अमिताभ बच्चन और रेजिंग बुल कहा जाने लगा.

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हर्षद मेहता बैंकों से करते थे झुठी डील


1990 के दशक में हर्षद मेहता की कंपनी में बड़े इवेस्टर पैसा लगाने लगे थे, मगर जिस वजह से हर्षद मेहता का नाम स्टॉक मार्केट में छाया वो ACC यानी एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी में उनका पैसा लगाना शुरू किया. हर्षद मेहता के एसीसी के पैसा लगाने के बाद मानो एसीसी के भाग्य ही बदल गए, क्योंकी एसीसी का जो शेयर 200 रुपये का था उसकी कीमत कुछ ही समय में 9000 हो गई. 1990 तक आते आते हर्षद मेहता का नाम हर बड़े अखबार, मैगजीन के कवर पेस पर आए दिन आने लगा. स्टॉक मार्केट में हर्षद मेहता का नाम बड़े अदब से लिया जाने लगा. सवाल था कि आखिर हर्षद मेहता इतना पैसा कहां से ला रहा है?

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 15 दिन के लिए लेते थे बैंक लोन
हर्षद मेहता बैंक से एक 15 दिन का लोन लेता था और उसे स्टॉक मार्केट में लगा देता था. साथ ही 15 दिन के भीतर वो बैंक को मुनाफे के साथ पैसा लौटा देता था. मगर कोई भी 15 दिन के लिए लोन नहीं देता, मगर हर्षद मेहता बैंच से दिन का लोन लेता था. हर्षद मेहता एक बैंक से फेक BR बनावाता जिसके बाद उसे दूसरे बैंक से भी आराम से पैसा मिल जाता था. हालांकि इसका खुलासा होने के बाद सभी बैंक ने उससे अपने पैसे वापस मागने शुरू कर दिए. खुलासा होने के बाद मेहता के ऊपर 72 क्रमिनर चार्ज लगाए गए और लगभग सिविल केस फाइल हुए. उनपर कई सारे केस चल रहे थे. 31 दिसंबर 2001 को देर रात उसे सीने में दर्द की शिकायत हुई जिसके बाद उसे ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई.
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