• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • Buget 2021 : BAD BANK के आइडिया से सरकारी बैंकों की वैल्यू बढ़ेगी, ज्यादा कर्ज भी बांट सकेंगे बैंक, जानिए क्या है बैड बैंक

Buget 2021 : BAD BANK के आइडिया से सरकारी बैंकों की वैल्यू बढ़ेगी, ज्यादा कर्ज भी बांट सकेंगे बैंक, जानिए क्या है बैड बैंक

वर्ष की दूसरी छमाही में आ सकता है LIC का IPO

बैड बैंक में सरकारी बैंकों का एनपीए और खराब संपत्तियां ट्रांसफर होंगी, इससे सरकारी बैंकों के शेयर अच्छी कीमतों में बेच सकेगी सरकार, बजट में हो सकता है ऐलान.

  • Share this:
    नई दिल्ली. अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने के लिए केंद्र सरकार सोमवार को संसद में पेश होने वाले आगामी बजट के जरिए एक और बूस्टअप डोज का ऐलान करेगी. इसके लिए सरकार बड़े पैमाने पर हिस्सेदारी बेच निजीकरण का प्लान तैयार कर रही है.

    समाचार एजेंसी रायटर्स को बेहद ही गोपनीय सूत्र ने जानकारी दी है कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक बैड बैंक (BAD BANK) बनाने का ऐलान कर सकती है. इसके जरिए अर्थव्यवस्था में तरलता बढ़ाने के लिए सरकारी बैंक भी ज्यादा कर्ज बांट सकेंगे.
    बैड बैंक में सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के फंसे हुए कर्ज, बैड एसेट आदि को ट्रांसफर करेगी। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक मजबूत होंगे और फिर उनका अच्छी कीमतों में विनिवेश कर सरकार अपने लिए अरबो डॉलर का फंड जुटाएगी. सूत्र के मुताबिक इस योजना में फिलहाल सरकार आईडीबीआई बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक को रखेगी। इसलिए इनके स्टेक में भी बिक्री की योजना बनाई जा रही है.
    ऐसे काम करेगा सरकार का यह आइडिया
    अर्थव्यवस्था में तेज गति के लिए उधार को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है. ऐसा करने के लिए सरकारी बैंकों को मजबूत किया जाना है. इसलिए इनकी टॉक्सिस एसेट (Toxic Assets) को बेड बैंक में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे जितनी भी खराब परिसंपत्तियां वे एक जगह आ जाएंगी. तब इन परिसंपत्तियों को बाजार में रियायती मूल्य पर बेच कर फंड जुटाना आसान हो जाएगा. दूसरी तरफ, इससे सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत हो जाएगी और उनके मूल्यांकन में सुधार करने में मदद मिलेगी. इससे बैंकों की हिस्सेदारी बेचने पर सरकार को बाजार में अच्छी कीमत मिल जाएगी.

    Disinvestment का बड़ा ऐलान भी संभव, एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने के लिए कानून में होगा संशोधन
    सरकारी की योजना अगले वित्त वर्ष 2021-21 में बाजार से 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपए ( 34 से 41 बिलियन डॉलर) जुटाने की है. इसके लिए सरकार बड़े पैमाने पर विनिवेश (Disinvestment) को बढ़ावा देगी. बीते साल सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India, LIC) का स्टेक बेचने का ऐलान किया था. लेकिन कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं में देरी हुई.  साथ ही कोविड-19 महामारी की वजह से भी अनुकूल परिस्थितियां नहीं थी. वित्त मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि अब एलआईसी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा. इसके लिए सरकार को एलआईसी में सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री को सुविधाजनक बनाने के लिए संसद की मंजूरी लेनी होगी. लिहाजा, इस बार सरकार एलआईसी को नियंत्रित करने वाले कानून में बदलाव का प्रस्ताव भी संसद में पेश करेगी. इससे सरकार को एलआईसी की 400 बिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति प्रबंधन का अधिकार मिल जाएगा है. फिर एलआईसी का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा बाजार में बेचने की योजना पर काम किया जाएगा. इससे सरकार को 40 से 50 बिलियन डॉलर जुटाने में मदद मिलेगी. साथ ही सरकार आईडीबीआई बैंक (IDBI) में एलआईसी की हिस्सेदारी को भी बेचने का ऐलान कर सकती है.



    बीपीसीएल और एयर इंडिया को बेचने की कोशिश हो चुकी है नाकाम



    हालांकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की एयर इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (BPCL) जैसी बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने की योजना कोरोना महामारी की वजह से परवान नहीं चढ़ पाईं. इसलिए इस साल फिर से यह कोशिश रहेगी कि इन्हें बेचा जाए.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज