Niki App: नहीं जानते हैं अंग्रेजी, कई भाषाओं में बोलकर कर सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग

यूजर्स प्रोडक्ट्स और सर्विस का अनुरोध करते हुए अपनी पसंदीदा भाषा में ऐप से बात कर सकते हैं.

यूजर्स प्रोडक्ट्स और सर्विस का अनुरोध करते हुए अपनी पसंदीदा भाषा में ऐप से बात कर सकते हैं.

वर्तमान समय में निकी ऐप (Niki App) अंग्रेजी के अलावा हिंदी, बंगाली और तमिल भाषा में भी काम करती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 5:48 AM IST
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नई दिल्ली. भारत में 130 करोड़ लोग 22 आधिकारिक भाषाएं और सैकड़ों बोलियां बोलते हैं. ऐसी स्थिति में कम्यूनिकेशन की समस्या खासकर ऑनलाइन में हो सकती है. अकाउंटिंग फर्म केपीएमजी (KPMG) और गूगल (GOOG) की 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय इंटरनेट यूजर्स की संख्या में तेजी से वृद्धि के बावजूद, जो पहली भाषा के रूप में अंग्रेजी नहीं बोलते हैं, 60 फीसदी लोग भाषा अवरोधों के कारण ऑनलाइन शॉपिंग नहीं करते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, एक बड़ी चुनौती स्थानीय भाषाओं के लिए अंग्रेजी कीबोर्ड का उपयोग है.

वॉयस कमांड के जरिए यानी बोलकर शॉपिंग

वहीं, वॉयस-एनेबल्ड ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म निकी (Niki) इसे हल करने की कोशिश कर रहा है. इस ऐप के जरिए लोग वॉयस कमांड के जरिए यानी बोलकर शॉपिंग, घरेलू बिल जैसे बिजली का बिल, डीटीएच रिचार्ज, प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज, ऑनलाइन टिकट बुकिंग आदि कर सकते हैं. यूजर्स प्रोडक्ट्स और सर्विस का अनुरोध करते हुए अपनी पसंदीदा भाषा में ऐप से बात कर सकते हैं. निकी तब अपने सप्लायर्स से खरीद विकल्प प्रस्तुत करता है.

कंपनी का टार्गेट मार्केट
कंपनी का टार्गेट मार्केट ऐसे लोग हैं जो शहरों में नहीं रहते हैं और अंग्रेजी नहीं बोलते हैं. सीएनएन बिजनेस से बात करते हुए निकी के सीईओ और को-फाउंडर सचिन जायसवाल बताते हैं, ''इंटरनेट को एक इकनॉमिक लेवलर का होना चाहिए था लेकिन भारतीयों का एक छोटा हिस्सा डिजिटल लेनदेन के लिए इंटरनेट सर्विस का उपयोग कर रहा है. यह उन लोगों के बीच एक बड़ी खाई पैदा कर रही है जो बढ़ती डिजिटल इकोनॉमी में भाग ले सकते हैं और जो नहीं ले सकते हैं. निकी के साथ हम इस खाई को पाट रहे हैं.''

राजस्थान में निकी ऐप के जरिए 1 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन

राजस्थान में 5.5 लाख घरों द्वारा 2018 के बाद से निकी ऐप के जरिए 1 करोड़ से अधिक ऑनलाइन लेनदेन के लिए किया गया है. निक्की वर्तमान में हिंदी, बंगाली, तमिल और अंग्रेजी में उपलब्ध है. जायसवाल कहते हैं कि कंपनी ऐप को 7 और भाषाओं को पेश करना चाह रही है और 2022 के मध्य तक 10 और राज्यों में विस्तार की उम्मीद है.



95 फीसदी एक्यूरेसी के साथ वॉयस कमांड प्रोसेस करती है ऐप

जायसवाल कहते हैं कि मशीन लर्निंग एल्गोरिदम की मदद से निक्की एक एक्यूरेसी के साथ भाषा के भीतर बदलाव और बोलियों को समझने में सक्षम है. जब ऐप पहली बार लॉन्च किया गया था तो एल्गोरिदम में 50 लाख बातचीत में 65 फीसदी एक्यूरेसी रेट थी. अब 25 करोड़ से ज्यादा की बातचीत के साथ निकी 95 फीसदी एक्यूरेसी के साथ वॉयस कमांड प्रोसेस कर सकती है.
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