• Home
  • »
  • News
  • »
  • business
  • »
  • बैन होने से पहले जुर्माना भरकर बिटकॉइन करा सकेंगे वैध, बन रहा है यह नया कानून

बैन होने से पहले जुर्माना भरकर बिटकॉइन करा सकेंगे वैध, बन रहा है यह नया कानून

2009 में लॉन्च के वक्त बिटकॉइन की कीमत 6 पैसे थी

2009 में लॉन्च के वक्त बिटकॉइन की कीमत 6 पैसे थी

बिटकॉइन जैसी निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने से पहले केंद्र सरकार निवेशकों को इससे बाहर निकलने का मौका दे सकती है. डिजिटल करेंसी बिल 2021 में जुर्माना देकर क्रिप्टोकरेंसी की रकम को एसेट में बदलने का प्रावधान किया गया है.

  • Share this:

    नई दिल्ली. यदि आपने भी बिटकॉइन (Bitcoin) जैसी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में निवेश किया है तो जुर्माना भरकर इसे वैध करा सकते हैं. देश में इस पर प्रतिबंध लगाने से पहले केंद्र सरकार निवेशकों को यह राहत दे सकती है. संसद में लिस्ट किए गए विधेयक में इस बात के प्रावधान हैं.

    सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित क्रिप्टोकरेंसी बिल में ऐसी सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी से निवेशकों को बाहर निकालने के प्रावधान है. इसमें क्रिप्टो निवेशक करेंसी को कानूनी तौर पर एसेट यानी संपत्ति में बदल सकेंगे. हालांकि उन्हें भारी भरकम जुर्माना चुकाना होगा. वित्त मंत्रलाय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिल को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. इसलिए जुर्माना कितना होगा यह बताना अभी मुमकिन नहीं है.

    यह भी पढ़ें :खराब क्रेडिट स्कोर पर भी आसानी से पा सकते हैं होम लोन, अपनाने होंगे यह तरीके 

    बजट सत्र में ही पेश होगा बिल
    डिजिटल करेंसी बिल 2021 संसद के चल रहे बजट सत्र में पेश किया जाना है. बिल का मकसद भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई, RBI) द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा या सरकारी क्रिप्टोकरेंसी के निर्माण के लिए एक कानूनी रास्ता तैयार किया जाना है. लोकसभा सचिवालय ने एक बुलेटिन में भी कहा कि भारत में सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने की कवायद चल रही है. हालांकि, यह कानून क्रिप्टोकरेंसी की तकनीक और इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कुछ अपवादों की अनुमति देगा. इस बिल में निजी क्रिप्टोकरेंसी की होल्डिंग, सेल्स, इश्युइंग, माइनिंग, ट्रांसफरिंग और क्रिप्टोकरंसी का उपयोग करने में पर दंडनीय अपराध घोषित किया जा सकता है. इसके तहत भारी जुर्माना, कैद या दोनों का प्रावधान होगा.

    यह भी पढ़ें : एलआईसी समेत टॉप 10 आईपीओ में इस साल है निवेश का मौका, कर लें यह तैयारी करें 

    निजी एक्सचेंजों को हो सकती है दिक्कत
    कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सरकार ने सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी और इससे संबंधित सभी तरह के संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. यानी इसकी जद में क्रिप्टोकरेंसी के ट्रेड के लिए चलने वाले निजी एक्सचेंज भी आएंगे. क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कॉइनडीसीएक्स (CoinDCX) के संस्थापक सुमित गुप्ता ने कहा कि भारत सरकार को प्रस्तावित विधेयक के मसौदे को जारी करना चाहिए और इससे पहले क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लोगों से सुझाव लिया जाना चाहिए.

    यह भी पढ़ें : नौकरी की बात : फोन या कम्प्यूटर की बजाय नौकरी खोजने के लिए एम्प्लायर्स से ईमेल व Linkdin पर करें सीधे बात 

    सिर्फ 2020 में ही क्रिप्टोकरेंसी में 2.4 करोड़ डॉलर का निवेश
    एनालिस्ट फर्म वेंचर इंटेलिजेंस के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 2020 में ही क्रिप्टोकरेंसी में 2.4 करोड़ डॉलर का निवेश हुआ है. यह इससे एक साल पहले महज 50 लाख डॉलर था. देश में सक्रिय क्रिप्टोकरेंसी फर्मों ने भी लॉकडाउन के दौर में भी अच्छा बिजनेस किया है. विभिन्न क्रिप्टो एक्सचेंजों के खुलने से पिछले कुछ वर्षों में भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग एक औपचारिक क्षेत्र बन गया है.

    एलन मस्क की वजह से फिर चर्चा में है बिटकॉइन
    क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) बिटकॉइन (Bitcoin)एक बार फिर चर्चा में है. दुनिया के सबसे शख्स एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी टेस्ला (Tesla) ने 1.5 बिलियन डॉलर के बिटकॉइन खरीदने और इसे भुगतान के रूप में स्वीकारने का फैसला लिया है. इस ऐलान के महज 24 घंटे के भीतर भारत में इंडियन क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में बिटकॉइन खरीदी के वॉल्यूम में चार गुना उछाल आ गया है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज