सोने की तस्करी का नायाब तरीका! जिसे जानकर आप भी होंगे हैरान

सोना (Gold) की तस्करी आमतौर से बिस्किट (Biscuits) के रूप में ही होती रही है, लेकिन समय के साथ कई तरकीबें अपनाई गई हैं. कम क्वांटिटी में तस्करी के लिए कैरियर सोने के बिस्किट निगलने की ट्रिक अपना चुके हैं.

सोना (Gold) की तस्करी आमतौर से बिस्किट (Biscuits) के रूप में ही होती रही है, लेकिन समय के साथ कई तरकीबें अपनाई गई हैं. कम क्वांटिटी में तस्करी के लिए कैरियर सोने के बिस्किट निगलने की ट्रिक अपना चुके हैं.

सोना (Gold) की तस्करी आमतौर से बिस्किट (Biscuits) के रूप में ही होती रही है, लेकिन समय के साथ कई तरकीबें अपनाई गई हैं. कम क्वांटिटी में तस्करी के लिए कैरियर सोने के बिस्किट निगलने की ट्रिक अपना चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 7:01 PM IST
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नई दिल्ली. एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जांच एजेंसी (Investigative Agency ) के जवानों को कई बार अजीबोगरीब स्थित का सामना करना पड़ जाता है, कुछ ऐसा ही एक मामला चेन्नई एयरपोर्ट ( Chennai Air Customs ) पर देखने को मिला. दरअसल कस्टम विभाग ने दो ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया. जो अपने अंडरगारमेंट्स के अंदर गोल्ड को छुपाकर तस्करी की कोशिश कर रहे थे. कस्टम विभाग ने उन दोनों आरोपी को गिरफ्तार करके उसके अंडरगारमेंट्स के अंदर बने पॉकेट ( stitching inside underwear ) को ब्लेड से काटकर, उसमें छुपाकर ले रहे रहे 621 ग्राम गोल्ड पाउडर (gold paste ) को जब्त कर लिया है. दरअसल ये मामला चेन्नई एयरपोर्ट का है ,जहां दुबई से आए यात्री को गोल्ड तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया है. कस्टम अधिकारियों के मुताबिक जब्त गोल्ड की कीमत करीब 31 लाख 87 हजार रुपये है.

जब्त सोना 24 कैरेट का- दोनों आरोपियों को कस्टम एक्ट के तरह गिरफ्तार कर लिया गया है. फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है कि अभी तक वह कितनी बार इस तरह दुबंई से भारत में सोना तस्करी करके लाए है. इसके साथ ही पुलिस आरोपियों से उनके साथियों के बारे में भी पूछताछ कर रही है. जिससे पता किया जा सके कि इस रैकेट में कौन-कौन लोग शामिल है.

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एयरपोर्ट पर कैसे होती है तस्करी? सोना की तस्करी आमतौर से बिस्किट के रूप में ही होती रही है, लेकिन समय के साथ कई तरकीबें अपनाई गई हैं. कम क्वांटिटी में तस्करी के लिए कैरियर सोने के बिस्किट निगलने की ट्रिक अपना चुके हैं. हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोने का अन्य रसायनों के साथ एक लेप शरीर पर लगाकर भी तस्करी की कोशिश की जा चुकी है. दूसरी बात है रूट या नेटवर्क. ताज़ा ट्रेंड्स बताते हैं कि मध्य पूर्व और भारत के बीच सोने की तस्करी काफी बढ़ी है क्योंकि मध्य पूर्व में सोने की कीमतें भारत की तुलना में 4 हज़ार रुपये तोला तक कम हैं. तस्करी के कैरियर को प्रति तोला 1 हज़ार रुपये देने के बाद भी 3 हज़ार रुपये प्रति तोला तस्कर को सीधा मुनाफा होता है.
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इस रूट से सबसे ज्यादा होती है तस्करी- उत्तर पूर्व के चार राज्यों से म्यांमार की सीमा सटी है, जिस पर बड़े इलाके में कोई खास चौकसी का इंतज़ाम भी नहीं है. ईटी की रिपोर्ट की मानें तो म्यांमार में भी सोने की कीमत प्रति तोला 5 हज़ार रुपये तक भारत की तुलना में कम है. इसलिए यहां से तस्करी लंबे समय से हो रही है. कस्टम और डीआरआई के अफसरों के हवाले से खबर के मुताबिक म्यांमार के मोरेह से तस्करी शुरू होती है और सोना पहले इम्फाल पहुंचता है. कई हाथों से होकर पहुंचे इस सोने को इम्फाल से नागालैंड के दीमापुर और असम के सिलचर भेजा जाता है. इसके बाद रेल या स्थानीय हवाई यात्राओं के ज़रिए ये दिल्ली, कलकत्ता जैसे शहरों तक डिलीवर किया जाता है.

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