दुनिया का सबसे बड़ा विमान आ रहा है भारत ! तीन ऑक्सीजन जनरेटर और 1000 वेंटिलेटर के साथ

इस विमान के रविवार सुबह आठ बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है.

इस विमान के रविवार सुबह आठ बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है.

इस विमान के रविवार सुबह आठ बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. इसके बाद इंडियन रेड क्रॉस की सहायता से इस सप्लाई को अस्पतालों में भेजा जाएगा. तीनों ऑक्सीजन जनरेटर में से हर जनरेटर प्रति मिनट 500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करता है .

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नई दिल्ली. कोरोना (corona) के इस काल में हर देश एक दूसरे की मदद कर रहा है जिससे सभी इस वायरस (virus) के प्रभावित लोगों के हर संभव मदद कर पाए. भारत की हालत भी कम चिंताजनक नहीं है यही वजह है कि दुनियाभर के देश अपने अपने स्तर पर भारत को मदद कर रहे है और भारत भी जहां तक संभव है दूसरे देशों की मदद कर रहा है. इसी कड़ी में उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट (Belfast)से तीन 18 टन के ऑक्सीजन जनरेटर और 1,000 वेंटिलेटर लेकर दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक विमान भारत रहा है. भारत की मदद के लिए ऑक्सीजन और वेंटीलेटर्स भेजे जाने की जानकारी ब्रिटिश सरकार ने दी है. विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने कहा कि एंटोनोव 124 विमान में जीवन रक्षक किट को लोड करने के लिए हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने रातभर काम किया. एफसीडीओ ने इस सप्लाई के लिए पैसे की व्यवस्था की है.


रविवार सुबह आठ बजे पहुंचेगा दिल्ली 


इस विमान के रविवार सुबह आठ बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. इसके बाद इंडियन रेड क्रॉस की सहायता से इस सप्लाई को अस्पतालों में भेजा जाएगा. तीनों ऑक्सीजन जनरेटर में से हर जनरेटर प्रति मिनट 500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करता है जो एक साथ 50 लोगों के इस्तेमाल करने के लिए लिए पर्याप्त है. ये जानकारी FCDO ने दी है. 


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पिछले महीने यूके ने भेजा था यह सब 




बता दें कि पिछले महीने यूके से 200 वेंटिलेटर और 495 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भारत भेजे गए थे जिसके लिये पैसे का इंतजाम भी FCDO ने ही किया गया था. विदेश सचिव डॉमिनिक ने कहा, हम इस वैश्विक महामारी से एक साथ लड़ाई लड़ेंगे, हम महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन जनरेटर  प्रदान कर रहे हैं. ये जीवन बचाने में मदद करेंगे और भारत की स्वास्थ्य प्रणाली को सपोर्ट करेंगे.


फाइजर ने 500 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की दवाइयां की हैं दान


इधर अमेरिकी वैक्सीन निर्माता कंपनी फाइजर ने भी  अमेरिका के अलावा यूरोप और एशिया के वितरण केंद्रों से 7 करोड़ डॉलर (करीब 510 करोड़) मूल्य की दवाएं भारत के लिए भेज रही है. कंपनी के सीईओ ने फाइजर इंडिया के कर्मचारियों को भेजे -मेल में कहा है कि वे भारत में कोरोना के हालात से काफी चिंतित है और इस संकट के समय वे भारत के सभी लोगों के साथ है. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों से निपटने और वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने अप्रैल 2021 में ही आयातित विदेशी वैक्सीन का आपातकाल इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी.

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