देश में चांदी के आयात में आई 96 फीसदी की कमी, जानिए इसकी क्या है वजह?

चांदी के आयात में 96 फीसदी की गिरावट आई.
चांदी के आयात में 96 फीसदी की गिरावट आई.

MCX में चांदी (silver) का भाव प्रति किग्रा 77949 रुपये पहुंचने की वजह से लोग अपने घरों में रखी चांदी को बाजार में बेच (Sell in market) रहे हैं. इस बिक्री की वजह से भी आयात में कमी आई है. यदि चांदी के दाम कम होते हैं, तो इसके आयात (Import) में उछाल देखा जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 4:35 PM IST
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नई दिल्ली. कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय के अनुसार चांदी के आयात में 96 फीसदी की गिरावट आई है. मंत्रालय के अनुसार इस महीने देश में चांदी का आयात केवल 11.28 टन किया गया है जो कि पहले की अपेक्षा 96 फीसदी कम है. आपको बता दें देश में 2019 में चांदी की कुल मांग 5,598 टन थी, जबकि 2020 (जनवरी से सितंबर) में 1,468 टन चांदी का आयात किया गया. ऐसे में अचानक चांदी के आयात में आई कमी के लिए कई कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है.

कोरोना महामारी बनी चांदी की खपत में बड़ी वजह- पूरे विश्व के साथ भारत इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है. इसलिए बाजार में चांदी की मांग पिछले सालों की तुलना में कम है. वहीं स्क्रैप बाजार के जरिए बाजार में पुरानी चांदी आने की वजह से भी मांग और आपूर्ति प्रभावित हुई है.

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300 टन चांदी का स्क्रैप हर महीने बाजार में आ रहा है- इंडस्ट्री मंत्रालय के अनुसार पिछले साल चांदी का स्क्रैप देश मे शून्य था, लेकिन इस साल बाजार में हर महीने करीब 300 टन चांदी स्क्रैप के तौर पर बाजार में आ रही है. वहीं हिंदुस्तान जिंक प्रति महीने 40-50 टन चांदी बाजार में बेच रहा है. दूसरी ओर 2011 में चांदी में इन्वेस्ट करने वाले लोग अब रेट बढ़ने की वजह से चांदी को बेच कर मुनाफा कमा रहे हैं.
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रिपोर्ट्स के अनुसार MCX में चांदी का भाव 77 हजार रुपये से ऊपर पहुंचा- MCX में चांदी का भाव प्रति किग्रा 77949 रुपये पहुंचने की वजह से लोग अपने घरों में रखी चांदी को बाजार में बेच रहे हैं. इस बिक्री की वजह से भी आयत में कमी आई है. यदि चांदी के दाम कम होते हैं, तो इसके आयात में उछाल देखा जा सकता है. त्योहारी सीजन में मांग में वृद्धि देखी जा सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल चांदी का अनुमानित आयत 3200 से 3500 टन है. जो पिछले साल की तुलना में 40 फीसदी कम है.
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