10 सरकारी बैंकों का विलय, यहां आपका अकाउंट है तो ये होगा असर

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Updated: August 30, 2019, 8:31 PM IST
10 सरकारी बैंकों का विलय, यहां आपका अकाउंट है तो ये होगा असर
10 सरकारी बैंकों का हुआ विलय, आप पर होगा ये असर

सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाने का फैसला किया गया.

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  • Last Updated: August 30, 2019, 8:31 PM IST
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वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने एक साथ कई सरकारी बैंकों (PSU Banks) के विलय (Merger) की घोषणा की है. सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाने का फैसला किया गया. इस विलय के बाद सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी. सरकारी बैंकों के विलय का असर उन लोगों पर होने की संभावना है जिनका बचत खाता (Saving Account) या फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) इन बैंकों में हैं.

इन बैंकों के ग्राहकों पर नहीं होगा असर
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पहले की तरह अपना कामकाज करते रहेंगे. वहीं इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक भी अपना कामकाज पहले की तरह करते रहेंगे.

मर्जर के बाद 12 रह गई पीएसयू बैंकों की संख्या

अब 12 बैंकों में 1. (पंजाब नेशनल बैंक+यूनाइटेड बैंक+ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स), 2. (केनरा बैंक+सिंडिकेट बैंक) 3. (इंडियन बैंक+इलाहाबाद बैंक), 4. (यूनियन बैंक+आंध्रा बैंक+कॉरपोरेशन बैंक), 5. बैंक ऑफ इंडिया, 6. बैंक ऑफ बड़ौदा, 7. बैंक ऑफ महाराष्ट्र, 8. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, 9. इंडियन ओवरसीज बैंक, 10. पंजाब एंड सिंध बैंक, 11. भारतीय स्टेट बैंक और 12. यूको बैंक रह गए हैं.

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इन बैंकों का हो चुका है विलय
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इससे पहले सरकार ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में छह सरकारी बैंकों का विलय किया था. वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में देना बैंक (Dena Bank) और विजया बैंक (Vijaya Bank) का विलय भी हो चुका है. 10 सरकारी बैंकों को घटाकर दो बड़े बैंक SBI और BOB बना दिए गए हैं.

जानें आप पर क्या हो सकता असर?
>> विभिन्न बैंकों के विलय के बाद आप अपना चेक बुक बदलवाने के लिए तैयार रहें. हालांकि मौजूदा चेक बुक कुछ समय के लिए वैध रहेंगे. आखिरकार विलय के बाद नए बैंक के साथ आपको अपना चेक बुक रिप्लेस करना होगा.

>> आपने अपना बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड विभिन्न फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन जैसे ECS, सैलरी का ऑटो क्रेडिट, बिल/चार्जेज के लिए ऑटो डेबिट के लिए दिए होंगे. बैंकों के विलय के बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड बदल जाएंगे और आपको इसे अपडेट करवाना होगा.

>> विलय होने वाले बैंकों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड को जिस बैंक में मर्जर किया जा रहा है, उसमें बदलवाना होगा. मर्जर होने तक आपके डेबिट/क्रेडिट कार्ड वैलिड रहेंगे.

>> बैंकों में किए फिक्स्ड डिपॉजिट और आरडी के पेपर संभालकर रखें, क्योंकि वो विलय किए गए बैंक में ट्रांसफर कराने होंगे.

>> इन बैंकों से लोन लेने वाले ग्राहकों के लिए ब्याज दर क्या होगी, ये अभी साफ नहीं है. क्योंकि प्रत्येक बैंक के MCLR रेट अलग-अलग हैं.
> शेयर बाजार में लिस्टडे सरकारी बैंकों के शेयरहोल्डर्स प्रभावित होंगे. एक बार स्वैप रेश्यो की घोषणा के बाद संबंधित शेयरहोल्डर्स कितना प्रभावित होंगे, इसका पता चलेगा.

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First published: August 30, 2019, 7:44 PM IST
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