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2019 में इतनी बढ़ेगी आपकी सैलरी, पिछले साल से बेहतर रहने का अनुमान

2019 में कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 9.7% का इजाफा हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 6, 2019, 11:23 AM IST
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अप्रेजल का समय आने वाला है और अगर आप सोच रहे हैं कि इस साल आपकी सैलरी कितनी बढ़ेगी तो जान लें क्योंकि यह 10% से कम ही रह सकता है. AON India के सर्वे के मुताबिक 2019 में कर्मचारियों की सैलरी औसतन 9.7% बढ़ेगी. हालांकि यह पिछले साल के 9.5% के अनुमान से बेहतर है. (ये भी पढ़ें: PM किसान सम्मान योजना: इन लोगों से 2000 रुपये वापस लेगी सरकार, मोदी सरकार ने दिए निर्देश)

सर्वे के मुताबिक ई-कॉमर्स कंपनियों और प्रोफोश्नल सर्विस कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी बाकी से ज्यादा बढ़ सकती.

किस सेक्टर में कितनी बढ़ेगी सैलरी-
>> ई-कॉमर्स और प्रोफेश्नल सेवा- 11.1%
>> लाइफ साइंस, ऑटो सेक्टर और कंज्यूमर प्रोडक्ट- 10.1%


>> इंफॉर्मेशन टेक्नॉलजी- 9.9%
>> IT और रिटेल- 9.8%
>> हॉस्पिटेल्टी और एंटरटेनमेंट- 9.5%
>> लॉजिस्टिक्स- 8.2%

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आपको बता दें कि इस साल ग्रोथ का आंकड़ा पिछले साले के 9.30 परसेंट से बेहतर है. एओएन के हेड आनंदोरूप घोष के मुताबिक इस साल वेतन में 9.7 फीसदी वृद्धि होगी. पिछले साल ये रेश्यो 9.5 था.

आनंदोरूप घोष का कहना है कि उनके मुताबिक पिछले कुछ सालों से ई-कॉमर्स सेक्टर में काम करने वाले लोगों की सैलरी में ज्यदा इजाफा हो रहा है. FMCG कंपनियों में काम करने वाले लोगों की सैलरी में ज्यादा वृद्धि के अनुमान कम है.

एऑन में इमर्जिंग मार्केट्स के हेड आनंदोरूप घोष ने बताया कि जो कंपनियां जून से जुलाई का अप्रेजल साइकल फॉलो करती हैं, उनमें इंक्रीमेंट पर लोकसभा चुनाव का असर पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि एशियाई देशों में भारत में पिछले 10 साल से सबसे अधिक इंक्रीमेंट होता आया है और इस ट्रेंड के आगे भी जारी रहने की उम्मीद है.

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सर्वे के मुताबिक कन्ज्यूमर इंटरनेट, प्रोफेशनल सर्विसेज, लाइफ साइंसेज, ऑटोमोटिव और कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स सेक्टर में सैलरी में दोहरे अंकों में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, सभी सेक्टर्स में अप्रेजल में बेलकर्व को लेकर काफी सख्ती की जा रही है. 2018 में सिर्फ 7.8 पर्सेंट एंप्लॉयीज को कंपनियों ने टॉप परफॉर्मर कैटिगरी में रखा था. घोष का कहना है कि यह ट्रेंड भी आगे बढ़ेगा.

इस बीच, मैन्युफैक्चिरिंग और सर्विसेज सेक्टर के बीच सैलरी हाइक का फासला भी कम हो रहा है. दोनों का अंतर घटकर औसतन 1 पर्सेंट रह गया है. 2017 के बाद से सैलरी इंक्रीमेंट 10 पर्सेंट से नीचे रहा है. इससे पहले 2007 से 2016 (2009 में सिर्फ 6.6 पर्सेंट) के बीच इंक्रीमेंट में दोहरे अंकों में बढ़ोतरी हुई थी.

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(रोहन सिंह, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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