लाइव टीवी

वित्त मंत्री नहीं बल्कि इन 5 लोगों के हाथ में होता है बजट का सारा काम

News18Hindi
Updated: January 28, 2020, 8:49 PM IST
वित्त मंत्री नहीं बल्कि इन 5 लोगों के हाथ में होता है बजट का सारा काम
बजट 2020

मोदी सरकार के लगातार दूसरी पारी का दूसरा बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा. इस बार बजट में सरकार के पास आर्थिक सुस्ती के बीच कई चुनौतियां है. ऐसे में सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वो आम आदमी से लेकर कॉरपोरेट सेक्टर तक को खुश करने के लिए कई ऐलान कर सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2020, 8:49 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सुस्त अर्थव्यवस्था (Economic Slowdown) के बीच लगातार दूसरी बार सत्ता में आई नरेंद्र मोदी की सरकार (Modi Government) दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट 1 फरवरी को पेश करेगी. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस बार बजट को लेकर खास ध्यान दिया है. पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने अपने स्तर पर कई एक्सपर्ट से बैठक किया ताकि इस बार के बजट में सुस्त अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी जाए. यूं तो संसद में बजट वित्त मंत्री ही पेश करेंगी, लेकिन बजट बनाने के पीछे कई लोगों का हाथ होता है. आज हम आपको ऐसे ही 5 प्रमुख लोगों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बजट तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं.

वित्त सचिव, राजीव कुमार
राजीव कुमार वित्त मंत्रालय में टॉप अधिकारी हैं जो बैंकिंग रिफॉर्म्स के लिए जाने जाते हैं. बैंकों के विलय से लेकर पूर्नपूंजीकरण के मामले में इन्होंने अहम भूमिका निभाई ताकि सरकारी बैंकों को भारी कर्ज के बोझ से उबारा जा सके. उम्मीद की जा रही है बैंकिंग सेक्टर के संकट को दूर करने के लिए उनकी खास भूमिका हो सकती है.

यह भी पढ़ें: PF खाते के लिए अब जरूरी है यूनिवर्सल अकाउंट नंबर, 7 स्टेप में करें एक्टिवेट



अतनू चक्रवर्ती


आर्थिक मामलों के सचिव, अतनु चक्रवर्ती
अतनु चक्रवर्ती सरकारी संपत्तियों की बिक्री को लेकर जाने जाते हैं. इन्होंने पिछले साल ही जुलाई में आर्थिक विभाग का कार्यभार संभाला है. जब देश की अर्थव्यवस्था 5 फीसदी की ग्रोथ से भी नीचे जा रही है, तब इसी दौर में इन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर में 1 ​लाख करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का प्लान तैयार किया है. कहा जा रहा है सरकार के इस प्लान से अर्थव्यवस्था में जान फूंकने में बड़ी मदद मिलेगी. भारत में राजकोषीघ घाटे को संतुलित करने में इनकी खास भूमिका होगी.

 

व्यय सचिव, टी वी सोमनाथन
वित्त मंत्रालय में सबसे बाद में टी वी सोमनाथन ही आए हैं. इनका काम सरकारी खर्च की देखभाल करना है. इन्हीं की देखरेख सरकारी खर्चों को मैनेज कर बाजार में मांग बढ़ाने और गैर-जरूरी व्यय कम करने की योजना बनाई जाती है. इसके पहले सोमनाथन प्रधानमंत्री कार्यालय में काम कर चुके हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि सोमनाथन इस बात की विशेष जानकारी होगी कि पीएम मोदी को इस बार किस प्रकार का बजट चाहिए.

यह भी पढ़ें: Alert! 4 दिन में करा लें अपने ड्रोन का रजिस्ट्रेशन, नहीं तो होगी जेल

अजय भूषण पांडेय


राजस्व सचिव, अजय भूषण पांडेय
मौजूदा समय में वित्त मंत्रालय में जिस सचिव पर सबसे अधिक दबाव है, वो अजय भूषण पांडेय हैं. पांडेय पर रिसोर्सेज संभालने का बोझ है, खासकर एक ऐसे समय में जब टैक्स रेवेन्यू लक्ष्य से बेहद कम है और आर्थिक सुस्ती का दौर है. 1.45 लाख करोड़ रुपये के कॉरपोरेट टैक्स कटौती के बाद अभी ​निवेश आना बाकी है. ऐसे में पांडेय को इस बार बजट में कुछ ऐसा रास्ता निकालना होगा, जिससे सरकार की झोली में अधिक से अधिक पूंजी आ सके और अ​र्थव्यवस्था को मौजूदा हालात से निकाला जा सके.

विनिवेश सचिव, तुहीन कांत पांडेय
तुहीन कांत पांडेय की जिम्मेदारी एअर इंडिया लिमिटेड (Air India Ltd.) के विनिवेश को लेकर है. इस बार केंद्र सरकार​ पिछले साल जुलाई में पेश किए गए बजट निर्धारित 1.05 लाख करोड़ रुपये विनिवेश लक्ष्य से काफी पीछे है. ऐसे में अगले साल के लिए इनके पास विनिवेश को लेकर बड़ा लक्ष्य आने वाला है.

यह भी पढ़ें: FD नहीं बल्कि यहां करें निवेश, हर महीने होगी मोटी कमाई, टैक्स भी है बेहद कम

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 28, 2020, 8:47 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर