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Stock Market : ये पांच स्‍टील शेयर भर सकते हैं निवेशकों की झोली, जानिए कारण

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के कारण दुनिया भर में स्‍टील की कीमतों में इजाफा हो रहा है.

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के कारण दुनिया भर में स्‍टील की कीमतों में इजाफा हो रहा है.

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के कारण दुनिया भर में स्‍टील की कीमतों में इजाफा हो रहा है. बाजार जानकारों का कहना है कि इससे भारतीय स्‍टील कंपनियों को फायदा हो सकता है. यूरोपियन देशों और मध्‍य-पूर्व में भारतीय कंपनियों को अच्‍छे रेट पर निर्यात के मौके मिलेंगे. इससे स्‍टील कंपनियों के शेयरों में तेजी आ सकती है.

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नई दिल्‍ली. रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के कारण भारत सहित पूरे विश्‍व में स्‍टील की कीमतों (Steel Price) में भारी इजाफा हुआ है. ये परिस्थितियां भारत की स्‍टील कंपनियों के लिए यूरोपियन देशों और‍ मध्‍य-पूर्व में स्‍टील निर्यात का मौका भी उपलब्‍ध करा रही हैं. जानकारों का कहना है कि स्‍टील कंपनियों के लिए अपना मुनाफा बढ़ाने का यह सही मौका है क्‍योंकि निर्यात मूल्‍य घरेलू स्‍टील रेट से कहीं ज्‍यादा है.

देश की प्रमुख स्‍टील कंपनियों की बात करें तो पिछले कुछ सालों में इन कंपनियों का प्रदर्शन अच्‍छा रहा है. बाजार जानकारों का मानना है कि स्‍टील की वैश्विक कीमतों में इजाफा होने से भारतीय स्‍टील कं‍पनियों के शेयरों में आगे उछाल देखने को मिल सकता है. आइये, जानते हैं कि कौन सी कंपनियों के स्‍टॉक दे सकते हैं अच्‍छा मुनाफा-

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टाटा स्‍टील

टाटा स्‍टील (Tata Steel), स्‍टील के कारोबार में एक बड़ा नाम है. यह आयरन ऑर के खनन से लेकर स्‍टील के डिस्ट्रिब्‍यूशन तक हर जगह मौजूद है. कंपनी ऑटोमोबाइल, कंस्‍ट्रक्‍शन, कृषि, इंडस्ट्रियल और जनरल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में स्‍टील और स्‍टील प्रोडक्‍ट सप्‍लाई करती है. टाटा स्‍टील 50 से ज्‍यादा देशों को स्‍टील निर्यात करती है. पिछले पांच सालों में कंपनी के रेवेन्‍यू में 7.2 फीसदी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ोतरी हुई है. इस अवधि में कंपनी का प्रोफिट भी 13.5 फीसदी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढा है. बाजार एनालिस्‍ट अब कह रहे हैं कि वर्तमान परिस्थितियों में कंपनी को और लाभ होगा, इसलिए टाटा स्‍टील के स्‍टॉक (Tata Steel Share) मुनाफा दे सकते हैं.

JSW स्‍टील

जेएसडब्‍ल्‍यू स्‍टील (JSW Steel) देश की बड़ी स्‍टील उत्‍पादक कंपनी है. कंपनी फिनिस्‍ड स्‍टील और अन्‍य वैल्‍यू एडिड प्रोडक्‍ट्स का वितरण करती है. पिछले कुछ सालों में कंपनी ने कई लौह अयस्क खदानों का अधिग्रहण किया गया है. जेएसडब्‍ल्‍यू स्‍टील की भारत और अमेरिका में कुल मैन्‍यूफेक्‍चरिंग क्षमता 28 एमटी है. कंपनी 2030 तक 45 एमटी करने की है. कंपनी अपने पोर्टफोलियों में नए क्षेत्रों को शामिल कर रही है. यह करीब 100 देशों में अपने उत्‍पाद निर्यात करती है. जेएसडब्‍ल्‍यू के रेवेन्‍यू में 9.6 फीसदी की दर से ग्रोथ हुई है. वहीं कंपनी का प्रोफिट भी 17.9 फीसदी की दर से बढा है. बाजार जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्‍तर पर स्‍टील की बढ़ी कीमतों से कंपनी को फायदा होगा  और इसके शेयर (JSW Steel Share) चढ़ेंगे.

जिंदल स्‍टील एंड पावर

जिंदल स्‍टील एंड पावर (Jindal Steel & Power) स्‍टील और बिजली निर्माण तथा खनन के कार्य में लगी है. जिंदल स्‍टील अपनी स्‍टील क्षमता 15.9 एमटी 2025 तक करने जा रही है. इसके लिए कंपनी 180 बिलियन का निवेश करेगी. कंपनी 22 देशों में अपने उत्‍पाद निर्यात करती है. जिंदल स्‍टी का रेवेन्‍यू पिछले पांच वर्षों में 17.4 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ा है. पिछली तिमाही में कंपनी के रेवेन्‍यू में सालाना आधार पर 30 फीसदी की दर से बढ़ा है. अब स्‍टील की कीमतों में वृद्धि से कंपनी के शेयरों (Jindal Steel & Power Shares) में उछाल आने की पूरी संभावना है.

स्‍टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया

स्‍टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Steel Authority of India Limited-SAIL) बड़ी सरकारी स्‍टील कंपनी है. सरकार की इसमें हिस्‍सेदारी 65 फीसदी है. यह माइनिंग से लेकर फिनिस्‍ड स्‍टील और वैल्‍यू एडिड प्रोडक्‍ट्स का निर्माण करती है. सेल वर्तमान में 30 देशों में अपने प्रोडक्‍ट का निर्यात करती है. पिछले पांच सालों में सेल का रेवेन्‍यू सीएजेआर 12 फीसदी की दर से बढ़ा है और इसका मुनाफा भी सीएजीआर 4.5 फीसदी की दर से चढ़ा है. पिछले पांच कंपनी दो बार डेविडेंट दे चुकी है.

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APL अपोलो ट्यूब्‍स

स्‍टील ट्यूब्‍स निर्माण में एपीएल अपोलो ट्यूब्‍स (APL Apollo Tubes) बड़ा नाम है. भारत में कंपनी के पास 10 निर्माण कारखाने हैं. एपीएल अपोलो स्‍टील कंस्‍ट्रक्‍शन पाइप्‍स के बाजार में 50 फीसदी हिस्‍सेदारी रखती है. पिछले पांच सालों में कंपनी का रेवेन्‍यू सीएजीआर 19.7 फीसदी की दर से बढ़ा है. यही नहीं इस अवधि में नेट प्रॉफिट भी सीएजीआर 21.8 फीसदी की दर से बढ़ा है. पिछले दो सालों में कंपनी ने डिविडेंड नहीं दिया है. दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्‍यू वार्षिक आधार पर 24.1 फीसदी बढ़ा है. एनालिस्‍ट्स का मानना है कि एपीएल अपोलो कंपनी के शेयर (APL Apollo Tubes Share) निवेशकों को भविष्‍य में अच्‍छा मुनाफा दे सकते हैं.

(Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

Tags: SAIL, Stock market, Tata steel

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