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कोरोना की दवा बनाने वाली इन दो कंपनियों का होगा विलय! AstraZeneca और Gilead में शुरू हुई बात

कोरोना वायरस की वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनी एस्‍ट्राजेनेका ने रेम्‍डेसिविर बनाने वाली फर्म गिलीड से विलय के लिए संपर्क किया है.
कोरोना वायरस की वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनी एस्‍ट्राजेनेका ने रेम्‍डेसिविर बनाने वाली फर्म गिलीड से विलय के लिए संपर्क किया है.

कोरोना वैक्‍सीन बनाने वाली कंपनी AstraZeneca Plc और रेम्‍डेसिविर निर्माता Gilead Sciences के बीच कोई भी सौदा वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाएगा. एस्‍ट्राजेनेका ने कोरोना वैक्सीन की 2 अरब डोज बनाने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से भी करार किया है.

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कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने के लिए वैक्‍सीन बनाने की कवायद में दुनियाभर की ड्रग कंपनियां जुटी हुई हैं. इनमें गिलीड (Gilead Sciences), एसट्राजेनेका (AstraZeneca ), एली लिली एंड कंपनी, फाइजर ( Pfizer) और मर्क एंड कंपनी के बीच कोविड-19 की वैक्‍सीन (Corona Vaccine) बनाने को लेकर होड़ मची हुई है. एस्‍ट्राजेनेका पीएलसी ने दवा निर्माता गिलीड साइंसेस से विलय के लिए बात की है. बता दें कि जहां गिलीड साइंसेस कोविड-19 के इलाज में इस्‍तेमाल हो रही दवा Remdesivir बनाती है. वहीं, AstraZeneca ने हाल में कोरोना वैक्‍सीन की 2 अरब डोज बनाने की शुरुआत करने का दावा किया है.

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फार्मा सेक्‍टर के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन दोनों कंपनियों के बीच कोई भी सौदा होता है तो कोरोना वायरस के खिलाफ मुकाबले में तेजी आने के साथ ही मजबूती भी मिलेगी. ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एस्‍ट्राजेनेका ने पिछले महीने यानी मई में गिलीड से संपर्क किया था, लेकिन इस दौरान लेनदेन की किसी शर्त का खुलासा नहीं किया गया था. एस्‍ट्राजेनेका की एक प्रवक्‍ता ने कहा कि कंपनी अफवाह या पूर्वानुमानों पर कोई टिप्‍पणी नहीं करती है. वहीं, गिलीड से इस बारे में बात नहीं हो पाई है.



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गिलीड ने सलाहकारों से विलय के बारे में चर्चा की है. हालांकि, अब तक विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया है. इसलिए दोनों कंपनियां ने अब तक विलय को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू नहीं की है. बता दें कि कोरोना वायरस से अब तक दुनियाभर में 70.16 लाख से ज्‍यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 4.02 लाख से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई है. वहीं, 34.32 लाख से अधिक लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, गिलीड किसी बड़ी फार्मास्‍युटिकल कंपनी के साथ विलय की इच्‍छुक नहीं है.

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गिलीड साझेदारी के लिए सौदे की रणनीति पर जोर दे रही है. साथ ही कंपनी छोटे-छोटे अधिग्रहण करना चाहती है. एस्‍ट्राजेनेका ने 4 जून को बताया था कि कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है, लेकिन उसने प्रोडक्शन शुरू कर दिया है ताकि जल्द से जल्द डिमांड को पूरा किया जा सके. ऐसे में जब तक ट्रायल के नतीजे आएंगे, तब तक हम वैक्सीन के साथ तैयार होंगे. AstraZeneca ने बताया था कि वो कोविड-19 वैक्सीन कर 2 अरब डोज उपलब्ध कराएगी. एस्‍ट्राजेनेका ने कोरोना वैक्सीन की 2 अरब डोज बनाने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से भी करार किया है.

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