इंजेक्शन की खाली शीशी बनाने वाली इस कंपनी की हुई चांदी, जानें वजह

वित्त वर्ष 2021-22 में कोरोना वैक्सीन के लिए करीब 38 करोड़ शीशी की बिक्री होगी जो एक साल पहले के मुकाबले 113 फीसदी अधिक है.. (File pic)

वित्त वर्ष 2021-22 में कोरोना वैक्सीन के लिए करीब 38 करोड़ शीशी की बिक्री होगी जो एक साल पहले के मुकाबले 113 फीसदी अधिक है.. (File pic)

दवाओं के लिए शीशी बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी स्कॉट कैशा का मानना है कि कोविड-19 टीके के लिए शीशी की वार्षिक बिक्री तिगुनी से अधिक होगी.

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नई दिल्ली. इंजेक्शन के लिए खाली शीशी की मैन्युफैक्चरिंग करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी स्कॉट कैशा की बिक्री तीन गुना बढ़ जाएगी. वजह है कोरोना वैक्सीन के लिए शीशियाें की मांग.

कोविड-19 या कोरोना महामारी की की दूसरी लहर कहीं अधिक संक्रामक एवं घातक है. इसी वजह से कोरोना वैक्सीन बना रही सीरम इंस्टीट्यूट अॉफ इंडिया (SII) सहित कंपनी के अन्य शीर्ष ग्राहकों ने अपना उत्पादन काफी बढ़ा दिया है. इससे शीशी की मांग बढ़ेगी. गौरतलब है कि भारत टीका उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र है जहां फिलहाल अपने लोगों के लिए कोविड-19 की वैक्सीन का जोरशोर से उत्पादन चल रहा है. अप्रैल के मध्य से अब तक इस वैश्विक महामारी के कारण भारत में करीब 1,14,000 लोगों की मौत हो चुकी है.

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एक साल पहले के मुकाबले इस साल शीशी निर्माण 113 फीसदी अधिक
बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक शीशा विनिर्माता स्कॉट एजी और जर्मनी की कंपनी कैशा का यह संयुक्त उद्यम वित्त वर्ष 2021-22 में कोविड टीके के लिए करीब 38 करोड़ शीशी की बिक्री करेगा. यह एक साल पहले के मुकाबले 113 फीसदी अधिक है. स्कॉट कैशा के निदेशक ऋषद दादाचनजी ने यह बात कही. उन्होंने कहा, 'हमारे प्रमुख ग्राहकों से मांग दोगुना बढ़ गई है और इससे संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में मांग तीन गुना बढ़ जाएगी.' एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 टीके का उत्पादन करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जुलाई से हर महीने 10 करोड़ खुराक का उत्पादन करने की तैयारी कर रही है जबकि फिलहाल वह 7 करोड़ खुराक का उत्पादन करती है. आमतौर पर एक शीशी में टीके की कई खुराक रखी जा सकती है.

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रूसी टीका स्पूतनिक वी के भारतीय विनिर्माता भी शीशी के लिए कर रहे हैं बातचीत



दादाचनजी ने कहा कि स्कॉट कैशा रूसी टीका स्पूतनिक वी के भारतीय विनिर्माताओं को भी शीशियों की आपूर्ति करने के लिए बातचीत कर रही है लेकिन फिलहाल कोई ऑर्डर नहीं मिला है. उन्होंने कहा, 'हमसे पूछताछ की गई है. इस मुद्दे पर बातचीत अभी भी जारी है.' दवाओं और टीकों को रखने में इस्तेमाल होने वाले ट्यूबलर बोरोसिलिकेट शीशियां बनाने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी स्कॉट कैशा कोविड-19 के 14 टीकों के लिए शीशियों की आपूर्ति कर रही है. इनमें से कुछ टीके का वाणिज्यिक उत्पादन हो रहा है और कुछ विकास के चरण में हैं.

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वार्षिक क्षमता को बढ़ाकर 1.7 अरब शीशी करने की प्लानिंग

कंपनी इस साल के अंत तक अपनी वार्षिक क्षमता को बढ़ाकर 1.7 अरब शीशी करने की योजना बना रही है. पिछले साल उत्पादन क्षमता 1.2 अरब शीशियों की थी. कंपनी के खुद के आकलन के अनुसार उसकी बाजार हिस्सेदारी 60 से 65 फीसदी है.

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