सरकार की इस योजना से कुम्हारों की आय में हुई 5 गुना वृद्धि, रेलवे ने भी किया इसमें सहयोग

कुम्हार सशक्तिकरण योजना से कुम्हारों को हुआ लाभ.
कुम्हार सशक्तिकरण योजना से कुम्हारों को हुआ लाभ.

कुम्हारों के उत्पादों ( products) को बेचने के लिए सरकार (Govt) ने भारतीय रेलवे (Indian Railways) के साथ गठजोड़ किया है. जिसके तहत देश के 400 रेलवे स्टेशनों पर खाद्य और पेय पदार्थ बेचने के लिए केवल मिट्टी के बर्तन (clay pots) का प्रयोग किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 3:24 PM IST
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नई दिल्ली. आत्मनिर्भर भारत के तहत खादी ग्रामोद्योग आयोग ने कुम्हार सशक्तिकरण योजना शुरू की है. इस योजना में खादी ग्रामोद्योग ने देश भर में 18 हजार विद्युत चालित चाक वितरित किए है. जिससे करीब 80 हजार रोजगार का सृजन हुआ है. इस योजना से कुम्हारों की औसत आय 4 से 5 गुना तक बढ़ी है. आपको बता दें इस योजना के तहत पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर और अहमदाबाद के 200 कुम्हारों को विद्युत चालित चाक वितरित किए थे. 

वहीं इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए कुम्हारों को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि,  विद्युत चालित चाक ना केवल कुम्हारों को अपना उत्पाद बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि वे नए फैंसी उत्पाद बनाने में भी सक्षम बन जाएंगे. जिससे ​दिवाली के त्योहारों पर उनकी अच्छी कमाई होगी. उन्होंने प्रत्येक लाभार्थी से समुदाय के बड़े लाभ के लिए कम से कम 10 अन्य परिवारों को कुम्हार सशक्तिकरण योजना से जोड़ने का आग्रह भी किया.






लाभार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है- भारत सरकार के खादी ग्रामोद्योग आयोग की कुम्हार सशक्तिकरण योजना के तहत सभी लाभार्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. इसके साथ ही कुम्हार परिवारों को ब्लंजर मशीन तथा पग मिल भी वितरित किए जा रहे हैं, जिससे मिट्टी को मिलाने का काम आसान होगा और कम समय में ज्यादा मिट्टी तैयार की जा सकेगी. विद्युत चालित चाक पर कुम्हार चाक की गति को भी नियंत्रित कर सकेंगे. जिससे काम करना सरल होगा तथा उत्पादन में वृद्धि होगी.



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उत्पादों की बिक्री के लिए भारतीय रेलवे के साथ गठजोड़ किया- कुम्हारों के उत्पादों को बेचने के लिए सरकार ने भारतीय रेलवे के साथ गठजोड़ किया है. जिसके तहत देश के 400 रेलवे स्टेशनों को नामित किया गया है. जहां केवल खाद्य और पेय पदार्थ बेचने के लिए मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं इस योजना में कुम्हार अपने उत्पादों को सहकारी समितियों के जरिए रेलवे स्टेशनों पर भी बेच सकेंगे.
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