थिसेनक्रुप स्टील के मजदूरों की नहीं जाएगी नौकरी, लिबर्टी स्टील कर सकती है अधिग्रहण

थिसेनक्रुप कंपनी के मुताबिक, अगस्त में, इस साल 1.2 बिलियन डॉलर का परिचालन घाटा उठाना पड़ा.
थिसेनक्रुप कंपनी के मुताबिक, अगस्त में, इस साल 1.2 बिलियन डॉलर का परिचालन घाटा उठाना पड़ा.

थिसेनक्रुप स्टील (Thisenkrupp Steel) अपनी उच्च गुणवत्ता वाली स्टील के लिए जानी जाती है. जर्मनी के ऑटो उद्योग (Auto industry) में बड़ी-बड़ी कंपनियों ऑडी और बीएमडब्ल्यू (Audi and BMW) कार बनाने के लिए इस कंपनी की स्टील को खरीदती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 3:07 PM IST
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नई दिल्ली. जर्मनी की इस्पात कंपनी थिसेनक्रुप की (ThyssenKrupp) नवंबर में बोली लगाई जाएगी. थिसेनक्रुप के अधिग्रहण के लिए ब्रिटेन की कंपनी लिबर्टी स्टील (Liberty Steel) कतार में हैं. इसके लिए लिबर्टी स्टील ने स्थानीय सरकार और श्रमिक यूनियनों (Labour Union) से संपर्क किया है. लिबर्टी स्टील, थिसेनक्रुप के व्यवसाय को चलाने के लिए महत्वपूर्ण हितधारकों की भी तलाश में जुट गुई है. बता दें कि जर्मन समूह की इस्पात कंपनी का अधिग्रहण करने के लिए गैर-बाध्यकारी सांकेतिक प्रस्ताव का आधिकारिक तौर ऐलान कर दिया है. ऐसे में लिबर्टी स्टील के लिए प्रशासन और यूनियनों दोनों का समर्थन महत्वपूर्ण होगा.

लिबर्टी स्टील के अध्ययक्ष संजीव गुप्ता ने क्या कहा- लिबर्टी स्टील के कार्यकारी अध्यक्ष और सीईओ संजीव गुप्ता ने बताया, 'इस समय हमें विभिन्न हितधारकों तक पहुंचने की अनुमति है, हम अपनी योजनाओं को समझाने के अवसर का उपयोग करेंगे.' बता दें कि स्टील का वर्तमान प्रस्ताव एक गैर-बाध्यकारी सांकेतिक प्रस्ताव था और दोनों पक्षों ने फिलहाल गैर-अनन्य वार्ता ही की है. इस सप्ताह के शुरू में अपने बयान में कंपनी ने कहा था 'वह Thyssenkrupp के साथ बातचीत तेज करने के लिए उत्सुक है.





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BMW और AUDI में इस्तेमाल होती थिसेनक्रुप की स्टील- थिसेनक्रुप स्टील अपनी उच्च गुणवत्ता वाली स्टील के लिए जानी जाती है. जर्मनी के ऑटो उद्योग में बड़ी-बड़ी कंपनियों ऑडी और बीएमडब्ल्यू कार बनाने के लिए इस कंपनी की स्टील को खरीदती है. बता दें कि Thyssenkrupp यूरोप में ऑटो स्टील के लिए भी मूल्य निर्धारित करता है. स्टील उद्योग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यह कंपनी अपने कर्मचारियों को उच्च वेतन का भुगतान करने के लिए जानी जाती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से कंपनी घाटे में चल रही थी फिर कोरोना की वजह से ठंडे पड़े बाजार के कारण कंपनी सोचनीय स्थिति में आई गई है.
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कोरोना की वहज से हुआ बड़ा नुकसान- थिसेनक्रुप कंपनी के मुताबिक, अगस्त में, इस साल 1.2 बिलियन डॉलर का परिचालन घाटा उठाना पड़ा. कोविड-19 ने कारों की मांग को कम कर दिया है और यूरोपीय इस्पात बाजार का चीनी आयातों के साथ गठजोड़ लगातार जारी है, क्योंकि कच्चे माल की लागत बहुत अधिक है. वहीं, संजीव गुप्ता का कहना है कि Thyssenkrupp के लिए उनकी योजना से बाजार में कंपनी का जोखिम कम होगा, उसके प्रस्ताव के दो भाग हैं, वह यूरोप में Thyssenkrupp से बुनियादी स्टील के साथ LIBERTY स्टील की डाउनस्ट्रीम सुविधाओं को देंगे और दोनों कंपनियों के संयोजन से वर्करों की नौकरी बची रहेगी.

GFG एलायंस एक गैर-लाभकारी संस्था- संजीव गुप्ता ने कहा कि ऐसा नहीं है कि लिबर्टी स्टील में श्रमिकों ने अब तक नौकरी नहीं खोई है. बल्कि कंपनी ने यूके और ऑस्ट्रेलिया में भी कर्मचारियों को रखा है. जून में, गुप्ता परिवार के GFG एलायंस, जिसमें इस्पात व्यवसाय भी शामिल है, ने कहा कंपनी लागत में 30 प्रतिशत की कटौती करना चाहती है और प्रतिस्पर्धी बाजार में नकदी को कम करना चाहती है. गुप्ता ने दोहराया कि समूह वर्करों को जाने नहीं देगा. बता दें कि जीएफजी वर्कफोर्स सॉल्यूशंस समूह की एक गैर-लाभकारी संस्था है.

कंपनी 40 हजार से ज्यादा वर्कर- स्टील उद्योग के लिए गुप्ता की महत्वाकांक्षाएं अपनी जनसांख्यिकी को बदलने से परे हैं. प्रत्येक नए अधिग्रहण के साथ, लिबर्टी स्टील का वार्षिक राजस्व लगभग 15 बिलियन डॉलर है और इसके चार महाद्वीपों में 200 से अधिक स्थानों पर 40,000 कर्मचारी हैं. लिबर्टी स्टील के लिए अपनी योजनाओं से यूनियनों को आश्वस्त करना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि श्रमिकों ने अब तक जर्मन कंपनी के स्वामित्व में किसी भी परिवर्तन के खिलाफ खुलकर अपनी मांग रखी है. वे इस्पात निर्माता में इक्विटी लेने के लिए स्थानीय सरकार का सहारा लेते आए हैं.
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