अब इस इंडस्ट्री ने लगाई सरकार से मदद की गुहार! कोरोनावायरस की वजह से पहुंची डूबने की कगार पर

कोरोना से निपटने के लिए मोदी सरकार ने उठाए ये कदम

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इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) ने शुक्रवार को सरकार से पर्यटन उद्योग को राहत उपाय प्रदान करने का आग्रह किया है. संस्था का अनुमान है कि पर्यटन उद्योग के साथ 3.8 करोड़ लोगों की नौकरियां जुड़ी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 24, 2020, 4:23 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनोवायरस के कारण 1600 से अधिक इनबाउंड टूर ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (Indian Association of Tour Operators, IATO) ने शुक्रवार को सरकार से पर्यटन उद्योग को राहत उपाय प्रदान करने का आग्रह किया है. संस्था का अनुमान है कि पर्यटन उद्योग के साथ 3.8 करोड़ लोगों की नौकरियां जुड़ी हैं. साथ ही अगले एक साल में 5 लाख करोड़ का रेवेन्यू भी डूबने की कगार पर है हैं. इसलिए इस इंडस्ट्री को तत्काल मदद की जरूरत है.

उद्योग संघ ने केंद्र सरकार से कई तरह की राहत मांगी है, जिसमें आरबीआई द्वारा 12 महीने तक कर्ज अदायगी के प्रस्ताव को छह महीने तक बढ़ाने और पर्यटन, यात्रा तथा आतिथ्य क्षेत्र के लिए एक साल तक जीएसटी में पूरी तरह छूट शामिल है.

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दुनियाभर में टूरिज्म इंडस्ट्री को हो रहा नुकसान
न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के कई शहरों में लॉकडाउन किया गया है. इससे सबसे ज्यादा नुकसान पर्यटन उद्योग को हो रहा है. विश्व ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल (WTTC) के अनुसार, पर्यटन उद्योग में पांच करोड़ लोगों का रोजगार खत्म हो सकता है. 2020 में पर्यटन से जुड़ी 25 फीसदी बुकिंग्स रद्द की जा चुकी हैं. ऐसे में टूरिज्म इंडस्ट्री को खासा नुकसान हो रहा है.

उद्योग को उबरने में लग सकता है एक साल
डब्ल्यूटीटीसी के अध्ययन के अनुसार, पर्यटन उद्योग को जो नुकसान होगा, उससे उबरने में करीब 10 से 12 महीने लग जाएंगे. क्योंकि लोगों के मन में डर बैठ गया है और वे विदेश जाने से बचेंगे.

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