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टॉयकैथॉन 2021 में प्रपोजल्‍स भेजने का आज था आखिरी दिन, चुने गए आइडियाज का 12 फरवरी को होगा ऐलान

टॉयकैथॉन 2021 के लिए नए खेल व खिलौनों से जुड़े आइडियाज और प्रपोजल्‍स भेजने का आज आखिरी दिन था.
टॉयकैथॉन 2021 के लिए नए खेल व खिलौनों से जुड़े आइडियाज और प्रपोजल्‍स भेजने का आज आखिरी दिन था.

मेक इन इंडिया (Make in India) कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए कई केंद्रीय मंत्रालयों ने मिलकर 5 जनवरी 2021 को टॉय हैकथॉन 'टॉयकैथॉन 2021' (Toycathon 2021) की शुरुआत की थी. आज इसमें खेलों और खिलौनों से जुड़े प्रस्‍ताव व आइडियाज भेजने का अंतिम दिन था. अब 8 फरवरी तक मिले हुए प्रपोजल्‍स का आकलन किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 6:48 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने घरेलू खिलौना उद्योग (Local Toys Industry) को बढ़ाने, मेक इन इंडिया को प्रोत्‍साहित करने और खेल व खिलौनों के विकास में बच्‍चों की सहभागिता बढ़ाने के लिए 5 जनवरी 2021 को टॉय हैकथॉन 'टॉयकैथौन 2021' (Toycathon 2021) की शुरुआत की थी. इसके तहत स्‍टूडेंट्स को नए बोर्ड गेम, आउटडोर गेम्स और डिजिटल गेम्स विकसित करने के लिए ऑनलाइन प्रस्‍ताव (Online Proposals) भेजने थे. आज प्रपोजल्‍स और आइडियाज (Ideas) भेजने का आखिरी दिन था.

केंद्र सरकार (Central Government) अब मिले हुए प्रपोजल्‍स और आइडिया का 21 जनवरी से 8 फरवरी तक मूल्‍यांकन (Evaluation) करेगी. इसके बाद 12 फरवरी को चुने गए आइडियाज (Shortlisted Ideas) की घोषणा की जाएगी. फिर 23 से 25 फरवरी तक टॉयकैथॉन 2021 का ग्रांड फिनाले होगा. टॉयकैथॉन 2021 के विजेता को 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा. बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और महिला व बाल विकास मंत्री स्‍मृति ईरानी ने 5 जनवरी को टॉयकैथॉन 2021 को लॉन्‍च किया था. साथ ही दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने उसी दिन टॉयकैथॉन पोर्टल भी लॉन्‍च किया था.

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भारत के खिलौना बाजार का आकार है 1 अरब डॉलर
टॉयकैथॉन का मकसद भारत के एक अरब डॉलर के खिलौना बाजार का दोहन करना है. सरकार टॉयकैथॉन 2021 के जरिये देश के 33 करोड़ स्‍टूडेंट्स के अभिनव कौशल का इस्‍तेमाल घरेलू खिलौना उद्योग को रफ्तार और नई ऊचाई पर पहुंचाने के लिए इस्‍तेमाल करना चाहती है. टॉयकैथॉन 2021 में स्‍टूडेंट्स के अलावा टीचर्स, टॉय एंड डिजाइन एक्‍सपर्ट्स और स्‍टार्टअप्‍स से भारतीय संस्‍कृति, मूल्‍यों, महान लोगों से जुड़े हुए खेलों व खिलौनों के आइडियाज मांगे गए थे. टॉयकैथॉन का उद्देश्य भारतीय मूल्यों पर आधारित अभिनव खिलौनों की अवधारणा को बढ़ावा देना है, जो बच्चों में सकारात्मक व्यवहार और अच्छे मूल्यों को विकसित कर सकें.

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टॉयकैथॉन 2021 को तीन श्रेणियों में बांटा गया था
टॉयकैथॉन 2021 को जूनियर, सीनियर और स्टार्टअप की तीन श्रेणियों में बांटा गया था. इसमें स्‍कूल, कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी के स्‍टूडेंट्स तक हिस्‍सा ले सकते थे. देश के खिलौना बाजार का आकार 1 अरब डॉलर से ज्‍यादा है, जिसमें से 80 फीसदी टॉयज आयात किए जाते हैं. टॉयकैथॉन सरकार की और से घरेलू खिलौना उद्योग और स्थानीय निर्माताओं के लिए एक सिस्‍टम बनाने का प्रयास है, जो इस्‍तेमाल नहीं हो पाए संसाधनों का दोहन कर घरेलू उद्योग को बढ़ावा दे सके. बता दें कि टॉयकैथॉन 2021 का आयोजन सूचना व प्रसारण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, वाणिज्‍य व उद्योग मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कपड़ा मंत्रालय डीआईपीपी ने मिलकर किया है.

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स्‍वेदशी खिलौना उद्योग को बढ़ावा दे रही सरकार
कई मंत्रालयों की इस संयुक्त पहल में फिटनेस, खेल, पारंपरिक खिलौने जैसी 9 थीम रखी गई थीं. टॉयकैथॉन 2021 की शुरुआत पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि भारत 80 फीसदी खिलौनों का आयात करता है. सरकार इस क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि स्वेदशी खिलौनों का निर्माण बढ़ाने की जरूरत है. उम्मीद है कि टॉयकैथॉन से खिलौनों को लेकर नए विचार सामने आएंगे. शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से यह टॉयकैथॉन देश के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए नई राहें खोलेगा.
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