कृषि राज्य मंत्री ने कहा-प्रायोजित था ट्रैक्टर आंदोलन, बहकावे में न आएं किसान, हित में है कृषि सुधार

कृषि राज्य मंत्री ने कहा-प्रायोजित था ट्रैक्टर आंदोलन, बहकावे में न आएं किसान, हित में है कृषि सुधार
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी (File Photo)

कृषि सुधार के तीन अध्यादेशों के खिलाफ 20 जुलाई को सड़क पर ट्रैक्टर लेकर उतरे थे पंजाब के किसान, मंत्री ने आंदोलन पर ही उठाए सवाल

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नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी (Kailash Choudhary)  ने पंजाब के ट्रैक्टर आंदोलन (Tractor Andolan) पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि 20 जुलाई को हुआ यह आंदोलन कांग्रेस (Congress) और आढ़तियों द्वारा प्रायोजित था. इसलिए किसान किसी के बहकावे में न आएं. जिन तीनों अध्यादेशों के खिलाफ पंजाब में कुछ लोग ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर आए थे, दरअसल वो किसानों के हित में बनाए गए हैं. न्यूज18 हिंदी से बातचीत में चौधरी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान जितना बजट पूरे कृषि मंत्रालय का होता था उससे अधिक तो हम अकेले पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम में दे रहे हैं.

चौधरी ने कहा कि कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) खत्म हो जाएगा. मैं ऐसे लोगों से पूछना चाहता हूं कि सरकार ने ऐसा कहां कहा है. सिर्फ कल्पना के आधार पर भ्रम फैलाना ठीक नहीं है. सरकार न तो मंडी खत्म करेगी और न एमएसपी. हम लोग सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं. उनके लिए मार्केट को बड़ा कर रहे हैं.

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चौधरी ने कहा-हमने किसानों की आय बढ़ाने के लिए कांट्रैक्ट फार्मिंग को लागू किया गया है. इसमें कोई भी किसान अपना अच्छा बुरा देखकर ही दाम तय करेगा. यदि किसी उपज के लिए एग्रीमेंट 100 रुपये का हुआ और उसका रेट मार्केट में कम हो गया तो भी ट्रेडर को खरीदना ही पड़ेगा. यदि दाम 130 रुपये हो गया तो किसान अपना फैसला ले सकता है कि वो किसे बेचे. हम तो किसानों के पक्ष में फैसला ले रहे हैं. कृषि क्षेत्र में सुधार (Agri reforms) कर रहे हैं जबकि कुछ ताकतें हैं कि भ्रम फैलाने से बाज नहीं आ रही हैं.
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केंद्र सरकार के तीन अध्यादेशों के खिलाफ 20 जुलाई को सड़क पर उतरे थे पंजाब के किसान


उल्लेखनीय है कि सरकार ने हाल ही में एसेंशियल कमोडिटी एक्ट (Essential Commodities Act)  1955 में बदलाव किया गया था. साथ दो आर्डिनेंस लाए गए थे. जिनमें फॉर्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) ऑर्डिनेंस एवं फॉर्मर्स एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस ऑर्डिनेंस शामिल है. कृषि राज्य मंत्री का कहना है कि ये अध्यादेश किसानों को आगे बढ़ाने वाले हैं.

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तीन सुधारों पर सरकार का तर्क

>>एसेंशियल कमोडिटी एक्ट: जब किसान की उपज खरीदने वाले ज्यादा होंगे तो उसे उपज का ज्यादा दाम मिलेगा. वर्षों पुराने एसेंशियल कमोडिटी एक्ट (Essential Commodities Act) में संशोधन के बाद अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्‍याज और आलू जैसी फसलों का व्यापार मुक्त तरीके से किया जा सकेगा.





>>कृषि उपज, वाणिज्य और व्यापार (संवर्धन एवं सुविधा) अध्यादेश: यह किसानों को उनकी उपज देश में किसी भी व्यक्ति या संस्था (APMC सहित) को बेचने की इजाजत देता है. किसान अपना प्रोडक्ट खेत में या व्यापारिक प्लेटफॉर्म पर देश में कहीं भी बेच सकते हैं.

>>फॉर्मर्स अग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस ऑर्डिनेंस: इस अध्यादेश की वजह से किसान प्रत्यक्ष रूप से विपणन से जुड़ सकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा.  दावा है कि इस अध्यादेश से किसान अपना यह जोखिम कॉरपोरेट खरीदारों को सौंपकर फायदा कमा सकेंगे.
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