BSE, NSE में सोमवार से DHFL के शेयरों का कारोबार बंद होगा, जानिए इसकी बड़ी वजह

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BSE और NSE ने शुक्रवार को अलग-अलग सर्कुलर जारी कर कहा कि वे 14 जून को डीएचएफएल के शेयरों में कारोबार बंद करेंगे. डीएचएफएल के लिए मंजूर समाधान योजना के तहत कंपनी के इक्विटी शेयरों को शेयर बाजारों से हटाना होगा.

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    नई दिल्ली. प्रमुख एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई में सोमवार से दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (DHFL) के शेयरों का कारोबार बंद हो जाएगा. राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा दिवालिया हो चुकी डीएचएफएल के लिए पीरामल समूह की समाधान योजना को मंजूरी के बीच बाजार जटिलताओं से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है.

    न्यायाधिकरण ने सात जून को दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता के तहत समाधान योजना को मंजूरी दी थीं. बीएसई और एनएसई ने शुक्रवार को अलग-अलग सर्कुलर जारी कर कहा कि वे 14 जून को डीएचएफएल के शेयरों में कारोबार बंद करेंगे. डीएचएफएल के लिए मंजूर समाधान योजना के तहत कंपनी के इक्विटी शेयरों को शेयर बाजारों से हटाना होगा.

    नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के लिए पिरामल ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान को लागू किए जाने तक कंपनी के मैनेजमेंट और कंट्रोल के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई है. कोर्ट ने क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) से दो सप्ताह के अंदर रिजॉल्यूशन फंड्स के डिस्ट्रीब्यूशन पर विचार करने को भी कहा है. NCLT ने कहा है कि कोर्ट के रिजॉल्यूशन प्लान को अप्रूव करने की तिथि (6 जून) से लागू करने की तिथि के बीच की अवधि में DHFL का मैनेजमेंट और कंट्रोल मॉनिटरिंग कमेटी के पास रहेगा.

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    सात सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी में CoC की ओर से नामांकित तीन प्रतिनिधि, कंपनी का टेकओवर करने वाले सफल बिडर की ओर से नामांकित दो प्रतिनिधि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर और कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए एक ऑब्जर्वर शामिल होंगे. कोर्ट ने इनकम टैक्स के रिटायर्ड कमिश्नर और SEBI के पूर्व एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अशोर काकर को ऑब्जर्वर बनाया है.

    रिजॉल्यूशन फंड्स का डिस्ट्रीब्यूशन - NCLT ने CoC को विभिन्न क्रेडिटर्स के बीच रिजॉल्यूशन फंड के डिस्ट्रीब्यूशन पर दोबारा विचार करने का सुझाव दिया है. NCLT का मानना है कि स्मॉल इनवेस्टर्स को अधिक राशि दी जानी चाहिए. इसने ऑर्डर की तिथि से दो सप्ताह के अंदर NCLT को इस बारे में जानकारी देने के लिए कहा है.

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    इसके अलावा  NCLT ने कहा है कि सहमति नहीं रखने वाले फाइनेंशियल क्रेडिटर्स (ICICI बैंक, FD होल्डर्स और डिबेंचर होल्डर्स ) को डेट सिक्योरिटीज नहीं, बल्कि एकमुश्त कैश भुगतान किया जाना चाहिए.

    पिरामल ग्रुप के रिजॉल्यूशन प्लान में कुल ऑफर 37,250 करोड़ रुपये का है. इसमें क्रेडिटर्स को 12,700 करोड़ रुपये का एकमुश्त नकद भुगतान शामिल है.

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