Corona Returns: इस सेक्टर काे तगड़ा झटका, हर दिन हाे रहा है 315 कराेड़ का नुकसान

 देश में ट्रकाें की मांग में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है.

देश में ट्रकाें की मांग में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है.

अभी देश में ट्रकाें की मांग में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है. ऐसा इसलिए क्याेंकि वर्तमान में सिर्फ अनिवार्य चीजाें की ही ढुलाई हाे रही है. जिमसें मेडिकल गुड्स, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाईयां, पीपीई किट्स, फ्रुट्स के लिए ट्रकाें का इस्तेमाल हाे रहा है. जबकि बाकि सेवाओं में लगने वाले ट्रक खड़े हुए है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 3:29 PM IST
  • Share this:

नई दिल्ली. देश में काेराेना (Covid 19)काे लेकर माैजूदा हालात किसी से छिपे नहीं है. पहले नाइट कर्फ्यू, फिर वीकएंड पर और अब राज्य सरकारें कई दिनाें तक के लिए टाेटल लॉकडाउन (Total Lockdown)लगाने पर मजबूर है.  साेमवार से देश की राजधानी दिल्ली (Delhi)में भी पूरे एक सप्ताह के लिए टाेटल लॉकडाउन की घाेषणा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal)काे आखिरकार बिगड़ते हालात काे संभालने के लिए करना ही पड़ा. लॉकडाउन से आम से लेकर खास आदमी और यहां तक की लगभग सभी सेक्टर पर फर्क पड़ता साफ नजर आ रहा है.



लेकिन एक ऐसा सेक्टर भी है जिसे काेराेना की चाैथी लहर में हर दिन करीब 315 कराेड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है और वाे सेक्टर है ट्रांसपाेर्ट सेक्टर (Transport Sector). हर दिन 315 कराेड़ रुपये के हाे रहे नुकसान के बारे में खुद ऑल इंडिया माेटर ट्रांसपाेर्ट कांग्रेस (All India Motor Transport Congress )की काेर कमेटी के सदस्य बी.मलकीत सिंह (Bal Malkit Singh) ने बताया. न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) से की बातचीत में उन्हाेंने कहा कि वीकेंड लॉकडाउन(Weekend Lockdown) के दाैरान अनिवार्य वस्तुओं के अलावा अन्य दुकानें बंद रहेंगी. सबसे ज्यादा बंद का असर महाराष्ट्र में देखने काे मिल रहा है. तमाम प्रतिबंधाें की वजह से ट्रांसपाेर्ट सेक्टर काे हर दिन करीब 315 कराेड़ रुपये का नुकसान हाे रहा है. 



यह भी पढ़ें: कोरोनावायरस के असर को जानने में बैंकों का यह पैरामीटर है बेहद कारगर, नई रिपोर्ट से जानें सबकुछ



देश में करीब 57 फीसदी हिस्सें में प्रतिबंध का असर है


उन्हाेंने बताया कि अभी देश में ट्रकाें की मांग में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई है. ऐसा इसलिए क्याेंकि वर्तमान में सिर्फ अनिवार्य चीजाें की ही ढुलाई हाे रही है. जिमसें मेडिकल गुड्स, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाईयां, पीपीई किट्स, फ्रुट्स के लिए ट्रकाें का इस्तेमाल हाे रहा है. जबकि बाकि सेवाओं में लगने वाले ट्रक खड़े हुए है. वे कहते है कि ट्रांसपाेर्ट सेक्टर अभी 2020 के लॉकडाउन से हुए नुकसान से उबर भी नहीं पाया था कि अब दाेबारा वहीं संकट ट्रक चालकाें और ट्रांसपाेर्टराें के सामने आ गया है. देश में करीब 57 फीसदी हिस्सें में प्रतिबंध का असर है.



ये भी पढ़ें - FM सीतारमण ने कहा - कोरोना संकट में लोगों की जान और आजीविका बचाने के लिए काम कर रही सरकार







हमें टैक्स बीमा, सैलरी देनी है, सरकार हमारी ये मदद करे 



वे कहते है ट्रांसपाेर्टराें काे टैक्स, ट्रकाें की किश्त, बीमा, ड्राइवराें और कर्मचारियाें की तनख्वाह के साथ अन्य खर्चे ताे करने ही है. इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारें राज्य के कर, परमिट, फिटनेस शुल्क, खाली खड़े ट्रकाें के लिए पार्किंग फीस से छूट इत्यादि काे लेकर राहत देने की मांग ऑल इंडिया माेटर ट्रांसपाेर्ट कांग्रेस ने की है. ट्रांसपाेर्टराें ने जहां राज्य सरकार से यह मांगें की है ताे वहीं केंद्र सरकार और आरबीआई से आगे आकर ई-वे बिल की मियाद खत्म हाेने, ईएमआई के भुगतान में देरी, प्राथमिकता के आधार पर ट्रक ड्राइवर और अन्य का वैक्सीनेश कराने काे लेकर राहत देने की मांग भी रखी है. 


अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज