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लॉकडाउन: देश में पेट्रोल-डीजल खरीदने वाला कोई नहीं! रोकनी पड़ी कच्चे तेल की सप्लाई

रॉयटर्स
Updated: March 28, 2020, 6:35 PM IST
लॉकडाउन: देश में पेट्रोल-डीजल खरीदने वाला कोई नहीं! रोकनी पड़ी कच्चे तेल की सप्लाई
तेल कंपनियों के टैंक पूरी तरफ से फुल हो चुके हैं.

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown) का असर अब ईंधन कंपनियों पर भी पड़ने लगा है. देश की दो प्रमुख ऑयल रिफाइनरीज ने कहा मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई को रोकने का फैसला लिया है.

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नई दिल्ली. भारत की दो बड़ी रिफाइनरीज ने मिडिल ईस्ट से कच्चा तेल आयात (Crude Oil Import) बंद करने का फैसला लिया है. इन दोनों कंपनियों ने कॉन्ट्रैक्ट में एक विशेष क्लॉज (Force Majeure) के आधार पर यह फैसला लिया है, जिसमें किसी आपदा की स्थिति में वो कॉन्ट्रैक्ट का पालन करने के लिए बाध्य नहीं होंगी. तीन हफ्तों के लिए देशव्यापी हड़ताल (Lockdown In India) की वजह से ईंधन की मांग में बड़ी गिरावट आई है. कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए लॉकडाउन के बाद अब कंपनियों के पास इतनी क्षमता नहीं है कि वो ईंधन को स्टोर कर सकें. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि इन कंपनियों के टैंक पूरी तरह से भर चुके हैं.

पिछले सप्ताह ही प्रधानमंत्री ने देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था, जिसके बाद देश के 1.3 अरब लोग घरों में बंद है. यही कारण है कि अब घरेलू बाजार में ईंधन की मांग निम्न स्तर पर पहुंच चुकी है. रिफाइनरी कंपनियों के पास अब इतनी जगह नहीं कि वो ईंधन को स्टोर सकें.

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इंडियन ऑयल ने घटाई रिफाइनरी क्षमता



देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) ने नाफ्था क्रैकर प्लांट की क्षमता को 30 से 40 फीसदी तक कम कर दिया है. कंपनी ने क्रुड सप्लायर को विशेष लेटर में जानकारी दी है कि उसके सभी टैंक ईंधन से लबालब भर चुके हैं. अब स्टोरेज की कोई व्यवस्था नहीं है. IOCL ने कहा कि ... COVID-19 की वजह से उत्पन्न हुई स्थिति हमारे नियंत्रण के बाहर है...इसकी वजह से हमें अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में असमर्थ हैं.

फोर्स मेज्योर के जरिए लिया फैसला
भारत में हर रोज करीब 50 लाख बैरल कच्चे तेल की रिफाइनिंग होती है. इसका एक तिहाई हिस्सेदार अकेले IOCL ही है. लेकिन, मौजूदा परिस्थितियों से बेबस होकर कंपनी ने मिडिल ईस्ट सप्लायर्स को विशेष लेटर भेजा है, जिसे फोर्स मेज्योर कहा जाता है. यह कंपनियों के बीच होने वाले कॉन्ट्रैक्ट में एक क्लॉज होता है, जिसमें कंपनी किसी आपदा कि स्थिति और आगामी गतिविधियों को नियंत्रित करने में असमर्थ होती है. ऐसी परिस्थिति में यह कंपनी इस क्लॉज का हवाला देते हुए अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने से मना कर देती है.

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इस कंपनी ने भी घटाई क्षमता
दक्षिण भारत स्थिति मैंगलोर रिफाइनरीज एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने 3 लाख बैरल प्रति दिन की रिफाइनिंग क्षमता को बंद कर दिया है. आने वाले सप्ताह में यह कंपनी बाकी क्षमता को भी बंद कर सकती है. इस कंपनी ने अपने सप्लायर्स को भेजे गए एक लेटर में कहा है कि देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से उसकी रिफाइनरी पर व्यापका असर पड़ा है.

ईंधन की मांग 20 फीसदी तक घटने की अनुमान
उल्लेखनीय है कि दूसरी तिमाही में वैश्विक स्तर पर ईंधन की मांग में 20 फीसदी तक की कमी आने का अनुमान है. इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना वायरस महामारी है. अब तक इस महामारी ने दुनियाभर में 22,000 से अधिक लोगों की जान ले ली है. कई देशों ने एयर ट्रैवल तक को बंद करके लॉकडाउन का फैसला लिया है.

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First published: March 28, 2020, 2:40 PM IST
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