25 हजार रुपए से कम सैलरी और नौकरी गंवाने वालों को सरकार दे कैश- उदय कोटक

25 हजार रुपए से कम सैलरी और नौकरी गंवाने वालों को सरकार दे कैश- उदय कोटक
सीआईआई के अध्‍यक्ष उदय कोटक ने कहा कि जमाकर्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी कदम नहीं उठाया जाना चाहिए.

सीआईआई (CII) के अध्यक्ष उदय कोटक (Uday Kotak) ने शनिवार को केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों की सैलरी 25 हजार से कम है और उनकी नौकरी चली गई है ऐसे लोगों के खाते में कैश ट्रांसफर करे.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते लगे लॉकडाउन (Lockdown) के कारण कई लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. ऐसे में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अध्यक्ष उदय कोटक (Uday Kotak) ने शनिवार को केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों की सैलरी 25 हजार रुपए से कम है और उनकी नौकरी चली गई है, ऐसे लोगों के खाते में कैश ट्रांसफर करे. उदय कोटक ने कहा कि मुझे लगता है कि जो लोग 25 हजार रुपयए से कम कमा रहे हैं और लॉकडाउन के कारण नौकरी गवां चुके हैं सरकार को उनके वेतन का करीब 50 से 75 प्रतिशत देना चाहिए.

चीन से गई अमेरिकी कंपनी को भारत लाने पर ध्यान दें
लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि COVID-19 के दौरान ऋण अदायगी पर छह महीने के ब्याज को माफ़ कर देने से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने केंद्र से भारत में व्यापार को आसान बनाने के लिए और अमेरिका व चीन के बीच व्यापारिक संबंध खराब चलने के कारण चीन से जाने वाली अमेरिकी कंपनी को भारत की और आकर्षित करने के लिए कहा.

ये भी पढ़ें- 30 जून से पहले जरूर निपटा लें अपने पैसे से जुड़े ये 7 अहम काम, नहीं तो उठाना पड़ेगा नुकसान!



उन्होंने कहा कि अगर देखा जाए तो इस महामारी ने भारत के लिए कारोबार के नए अवसर के रास्ते खोल दी हैं. केंद्र ने पहले ही 'आत्म निर्भर भारत' की घोषणा कर दी है साथ ही हाल के दिनों में कॉर्पोरेट टैक्स को भी कम कर दिया है. चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध पहले से ही चल रहा है ऐसे में इन कंपनियों को भारत लाने का सही समय है. लेकिन उन्हें यहां लाने के लिए हमें श्रम सुधार के साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ाना होगा.



कोटक ने कहा, सार्वजनिक खर्च बढ़ाने की जरूरत
बता दें कि उदय कोटक ने कोविड-19 संकट से उबरने के लिए कहा था कि भारत को सार्वजनिक खर्च बढ़ाने की जरूरत है चाहे राजकोषीय घाटा भले ही क्यों न बढ़े. इससे मांग और खपत में सुधार होगा. इसके अलावा, वित्तीय और राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने पर भी ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि सरकार को नागरिकों, कारोबार और वित्तीय क्षेत्र को उबारने के लिए वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के साथ साहसपूर्वक खर्च करना चाहिए.

मूडीज की ओर से भारत की सॉवरेन रेटिंग घटाए जाने पर उन्होंने कहा कि विश्लेषकों का कहना है कि
राजकोषीय घाटे का बढ़ना सरकार के लिए 100 खरब डॉलर (10 ट्रिलियन डॉलर) के नुकसान के बराबर हो सकता है.

ये भी पढ़ें : इस सरकारी बैंक ने ग्राहकों को दिया तोहफा, आज से इतना सस्ता मिलेगा लोन
First published: June 7, 2020, 11:50 AM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading