उदय कोटक ने कहा- अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के लिए सरकार को बैंकिंग सेक्‍टर में डालनी होगी पूंजी

उदय कोटक ने कहा- अर्थव्‍यवस्‍था में सुधार के लिए सरकार को बैंकिंग सेक्‍टर में डालनी होगी पूंजी
उद्योग संगठन सीआईआई के अध्‍यक्ष उदश्‍ कोटक ने कहा कि कोरोना संकट के बाद अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने के लिए देश के कर्जदाताओं को 20 अरब डॉलर की जरूरत होगी.

कोटक मंहिंद्रा बैंक लिमिटेड के संस्‍थापक उदय कोटक (Uday Kotak) ने कहा कि सरकार को निजी क्षेत्र के कर्जदाताओं और सरकारी बैंकों में पूंजी डालने (Inject Capital) के लिए तैयार रहना चाहिए. उनके मुताबिक, सरकारी बैंकों को ही करीब 13 अरब डॉलर पूंजी की जरूरत होगी.

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मुंबई. कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया दोहरी मार झेल रही है. पहली, संक्रमण के कारण लोग बीमार हो रहे हैं. दूसरी, लॉकडाउन (Lockdown) के कारण मजबूत से मजबूत अर्थव्‍यवस्‍थाओं (Economies) की हालत खराब है. भारत में भी लॉकडाउन-5 जारी है. हालांकि, अब धीरे-धीरे पाबंदियां हटाई जा रही हैं. इस बीच सीनियर बैंकर और उद्योग संगठन सीआईआई (CII) के अध्‍यक्ष उदय कोटक (Uday Kotak) ने कहा कि सरकार को निजी क्षेत्र के कर्जदाता और सरकारी बैंकों में पूंजी डालने (Inject Capital) के लिए तैयार रहना चाहिए ताकि उनकी बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके. आसान शब्‍दों में समझें तो सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) की पूंजी डालकर मदद के लिए तैयार रहना होगा.

उदय कोटक ने कहा कि पहले से ही बैड लोन (Bad Loans) समेत कई कारणों से बेहाल बैंकिंग सेक्‍टर की लॉकडाउन ने हालत खराब कर दी. लॉकडाउन के दौरान अर्थव्‍यवस्‍था ठप पड़ गई और बेरोजगारी (Unemployment) बढ़ गई. क्रेडिट सुइस ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना संकट के बाद अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने के लिए देश के कर्जदाताओं को 20 अरब डॉलर की जरूरत होगी. इसमें से 13 अरब डॉलर पूंजी की जरूरत सरकारी बैंकों को ही होगी. कोटक ने कहा, 'प्राइवेट सेक्‍टर बैंक और नॉन-बैंक फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) के लिए मेरा सुझाव यही है कि खुद को मजबूत करिए और अपनी बैलेंस शीट को बेहतर बनाइए. अगर इसके लिए पूंजी की जरूरत है तो जहां से संभव हो जुटाएं.'

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कोटक महिंद्रा बैंक ने कैपिटल बफर (Capital Buffer) के लिए कुछ हफ्तों में शेयर बेचकर 1 अरब डॉलर की पूंजी जुटा ली है. वहीं, खुद उदय कोटक ने भी बैंक में अपने शेयर बेचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अर्थव्‍यवस्‍था को पटरी पर लाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है. पीएम मोदी की ये घोषणा सरकारी बैंकों की ओर से कर्ज बांटने पर निर्भर है. वहीं, सरकार ने मौजूदा वित्‍त वर्ष के बजट में बैंकिंग सेक्‍टर के री-कैपिटलाइजेशन के लिए किसी तरह के फंड का प्रावधान नहीं किया है. हालांकि, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sithraman) ने ये भरोसा दिलाया है कि जरूरत पड़ने पर सरकार बैंकिंग सेक्‍टर में पूंजी डालेगी.
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भारतीय कंपनियां इस साल अब तक बॉन्‍ड्स (Bonds) के जरिये 3.83 खरब रुपये जुटाकर रिकॉर्ड बना चुकी हैं. पिछले साल इसी अवधि में ये आंकड़ा 3.62 खरब रुपये था. इक्विटी जारी कर कंपनियों ने अब तक 678 अरब रुपये जुटाए हैं. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक,  कोटक ने कहा कि सीआईआई भारतीय कंपनियों में कॉरपोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने पर जोर देगी. आईएल एंड एफएस लिमिटेड (IL & FS) में 2018 में हुए डिफॉल्‍ट के बाद कोटक को फर्म का हेड नियुक्‍त किया गया था. वह शैडो बैंकिंग संकट (Shadow Banking Crisis) का समाधान निकालने पर भी काम कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि आने वाले समय में नॉन-बैंक लैंडर्स के लिए राह आसान नहीं होगी. फाइनेंस बिजनेस काफी जटिल कारोबार है.

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