ULIP में एक से दूसरे फंड में स्विच करने की सुविधा होगी बंद! इक्विटी म्‍यूचुअल फंड के बराबर लगेगा टैक्‍स भी

यूलिप एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्रोडक्ट है जहां इंश्योरेंस और निवेश लाभ एक साथ मिलता है.

यूलिप एक यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्रोडक्ट है जहां इंश्योरेंस और निवेश लाभ एक साथ मिलता है.

संशोधित वित्‍त विधेयक 2021 (Finance Bill Amendment) में कहा गया है कि ज्‍यादा प्रीमियम वाले यूलिप (High Premium ULIPs) पर न्यूनतम इक्विटी होल्डिंग की आवश्यकताएं लागू की गई हैं. वहीं, वित्‍त विधेयक 2021 में कहा गया था कि सालाना 2.5 लाख से ज्‍यादा प्रीमियम वाले यूलिप में आयकर कानून के मुताबिक मैच्योरिटी पर टैक्‍स छूट का लाभ नहीं मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 7:41 PM IST
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नई दिल्‍ली. यूनिट लिंक्‍ड इंश्‍योरेंस पॉलिसीज (ULIP) में अभी एक फंड से दूसरे फंड में फंड ट्रांसफर करने की मुफ्त सुविधा (Free Switching among Funds) मिलती है. यहां तक कि डेट फंड (Debt Fund) से इक्विटी फंड (Equity Fund) और इक्विटी फंड से डेट फंड में भी स्विच करने पर कोई शुल्‍क नहीं देना होता है. वित्‍त विधयेक 2021 में संशोधन (Finance Bill Amendment) के बाद यूलिप पर इक्विटी म्‍यूचुअल फंड के बराबर टैक्‍स (ULIP Taxation) लगेगा. ऐसे में हो सकता है कि निवेशकों को फ्री स्विचिंग की सुविधा ज्‍यादा समय तक ना मिले. अगर ऐसा होता है तो यूलिप की शर्तों में (Terms of ULIP) साफ तौर पर लिखा जाएगा कि फ्री स्विचिंग सुविधा अब बंद कर दी गई है.

केंद्र सरकार ने 23 मार्च को लोकसभा में पारित वित्‍त विधेयक (संशोधन) 2021 में 127 सुधार किए हैं. इसमें ज्‍यादा प्रीमियम वाले यूलिप के लिए कई प्रावधान हैं. संशोधित विधेयक में कहा गया है कि ज्‍यादा प्रीमियम वाले यूलिप पर न्यूनतम इक्विटी होल्डिंग की आवश्यकताएं लागू की गई हैं. वहीं, वित्‍त विधेयक 2021 में कहा गया था कि सालाना 2.5 लाख से ज्‍यादा प्रीमियम वाले यूलिप में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा-10(10)(D) के तहत मैच्योरिटी पर उपलब्‍ध टैक्‍स छूट का लाभ नहीं मिलेगा. अब संशोधन में कहा गया है कि इस तरह के यूलिप पर इक्विटी म्यूचुअल फंड के बराबर टैक्स लगेगा.

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यूलिप के कैपिटल गेन पर लगेगा 10 फीसदी टैक्‍स
संशोधित वित्‍त विधेयक में कहा गया है कि ज्‍यादा प्रीमियम वाले यूलिप को कैपिटल गेन टैक्स की बात आने पर इक्विटी म्यूचुअल फंड के बराबर न्यूनतम इक्विटी होल्डिंग थ्रेसहोल्ड पूरा करना होगा. इस मिनिमम थ्रेसहोल्ड लिमिट को इंश्योरेंस पॉलिसी के पूरे टर्म के दौरान बनाए रखना होगा. बजट 2021 में कहा गया था कि उन यूलिप को टैक्स के दायरे में लाया गया था, जिनमें सालाना 2.5 लाख से ज्यादा प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा. इन पर हुए कैपिटल गेन पर इक्विटी म्यूचुअल फंड के बराबर यानी 10 फीसदी टैक्स लगेगा. संशोधित वित्‍त विधेयक के मुताबिक, ऐसे यूलिप इक्विटी में सीधे निवेश करते हैं तो उनका 65 फीसदी एसेट्स इक्विटी में होना चाहिए.

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जानें किस-किस तरह से लगेगा यूलिप पर टैक्‍स



वित्‍त विधेयक (संशोधित) 2021 में कहा गया है कि अगर यूलिप एक्‍सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के जरिये इक्विटी में सीधे निवेश नहीं करते हैं तो उनके एसेट्स का 90 फीसदी हिस्सा इक्विटी में होना चाहिए. अगर वे यह क्राइटेरिया बनाए रखने में नाकाम होते हैं तो उनमें मिलने वाला रिटर्न किसी अन्य एसेट्स से कैपिटल गेन माना जाएगा यानी लंबी अवधि तक होल्ड करने पर उसमें इंडेक्सेशन के साथ 20 फीसदी टैक्स लगेगा. बजट 2021 में कहा गया था कि अगर आप यूलिप में एक साल में 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा के प्रीमियम का भुगतान करते हैं तो सेक्‍शन 10(10)(डी) के तहत उपलब्‍ध टैक्‍स एग्‍जेम्‍पशन का लाभ नहीं मिलेगा. यह नियम मौजूदा यूलिप पर लागू नहीं होगा. सिर्फ 1 फरवरी 2021 के बाद बेची गई पॉलिसियों पर ही यह प्रभावी होगा.
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