अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी होंगी सस्ती, GST काउंसिल रेट घटाने पर कर सकती है फैसला

10 जनवरी को प्रस्तावित GST काउंसिल की बैठक में अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर टैक्स छूट देने पर विचार हो सकता है. अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट्स पर जीएसटी रेट घटाकर 5 फीसदी करने पर चर्चा होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 2, 2019, 6:33 PM IST
  • Share this:
घर खरीदारों को नए साल पर तोहफा मिल सकता है. 10 जनवरी को प्रस्तावित GST काउंसिल की बैठक में अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर टैक्स छूट देने पर विचार हो सकता है. अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट्स पर जीएसटी रेट घटाकर 5 फीसदी करने पर चर्चा होगी. इसके साथ ही छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए थ्रेसहोल्ड लिमिट बढ़ाने पर भी फैसला हो सकता है. (ये भी पढ़ें: यहां खाना पकाना और गाड़ी चलाना हुआ महंगा, इस कंपनी ने बढ़ाई गैस की कीमत)

23 आइटम्स पर घटे जीएसटी रेट
22 दिसंबर 2018 को हुई जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में 28 फीसदी टैक्स स्लैब से कई चीजें बाहर कर दी गईं. इस बैठक में 23 वस्तुओं और सामानों पर टैक्स रेट घटाया गया. काउंसिल की अगली बैठक 10 जनवरी को होगी. यह जीएसटी काउंसिल की 32वीं मीटिंग होगी.

काउंसिल की 31वीं बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि अगले महीने रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज पर टैक्स कम करने और छोटे कारोबारियों के लिए थ्रेसहोल्ड लिमिट बढ़ाने पर विचार किया जाएगा. अभी अंडर कंस्ट्रकशन फ्लैट या मकान पर जीएसटी रेट 12 फीसदी है. अभी छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए जीएसटी थ्रेसहोल्ड लिमिट 20 लाख है. इसका मतलब यह है कि 20 लाख सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट है.
ये भी पढ़ें: मोदी सरकार का तोहफा, अब पोस्ट ऑफिस की स्कीम में पैसा लगाने पर मिलेगा ज्यादा मुनाफा



7 फीसदी की मिल सकती है छूट
जीएसटी काउंसिल अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट्स और घरों पर घटाकर 5 फीसदी कर सकती है. अभी, अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी या रेडी टू मूव इन फ्लैट्स, जिनकी बिक्री के समय कम्प्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है, पर जीएसटी 12 फीसदी है. हालांकि, जिन रीयल एस्टेट प्रॉपर्टीज के लिए कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी हो चुका है, उस स्थिति में खरीददार को जीएसटी नहीं वहन करना पड़ता है.

छोटे कारोबारियों को मिलेगी बड़ी सौगात
10 जनवरी की जीएसटी काउंसिल की बैठक में मौजूदा जीएसटी थ्रेसहोल्ड लिमिट बढ़ाकर 75 लाख रुपये किए जाने की संभावना है. इससे 60 लाख छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिल सकती है. फिलहाल 20 लाख रुपये टर्नओवर वाले जीएसटी दायरे से बाहर हैं. हालांकि सरकार को इससे करीब 5500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा.

ये भी पढ़ें: SBI अपने ATM पर ग्राहकों को मुफ्त में देता है ये 9 सेवाएं, फटाफट जानिए

जीएसटी में राहत मिलसे पर एमएसएमई सेक्टर को बूस्ट मिलेगा. सर्विस सेक्टर को कंपोजिशन स्कीम के दायरे में ला सकते हैं. कंपोजिशन स्कीम में सर्विस सेक्टर पर 5 फीसदी जीएसटी संभव है. इस दायरे में 50 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले सर्विस सेक्टर आएंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज