देश में बढ़ रही है बेरोजगारों की फ़ौज! अगस्त महीने में गांवों में इस वजह से नहीं मिली लोगों को नौकरी, बढ़ी बेरोजगारी

देश में बढ़ रही है बेरोजगारों की फ़ौज! अगस्त महीने में गांवों में इस वजह से नहीं मिली लोगों को नौकरी, बढ़ी बेरोजगारी
देश में बढ़ रही है बेरोजगारों की फ़ौज! गांवों में इस वजह से नहीं मिल रही नौकरी

कोरोनावायरस महामारी के कारण इकॉनमी गर्थ में पहुंच चुकी है. हाल ही में आई SBI की एक रिपोर्ट के अनुसार शहरी इलाकों के बजाय ग्रामीण इलाकों में कोरोना (coronavirus in rural economy) के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इस वजह से बेरोजगारी भी बढ़ रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2020, 5:03 PM IST
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 नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी के कारण इकॉनमी गर्थ में पहुंच चुकी है. हाल ही में आई SBI की एक रिपोर्ट के अनुसार शहरी इलाकों के बजाय ग्रामीण इलाकों में कोरोना (coronavirus in rural economy) के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इस वजह से अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होने का डर है. अगर ग्रामीण इलाकों में कोरोना के मामलों का बढ़ना जारी रहा तो इकनॉमी में रिकवरी को बड़ा झटका लग सकता है.

अगस्त महीने में ग्रामीण इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित
कोरोना की वजह से जीडीपी भी 23.9 फीसदी घट गई है. हालांकि, अनलॉक के दौर में इकनॉमी के जल्द पटरी पर लौटने की बात कही जा रही है. यह भी कहा जा रहा है कि इसमें रूरल इकनॉमी में बढ़ती डिमांड अहम भूमिका निभाएगी. लेकिन अब एसबीआई की एक ताजा रिसर्च रिपोर्ट में चिंता फिर बढ़ा दी है. एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त महीने में अगर कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित 50 जिलों की बात करें तो इनमें से 26 ग्रामीण इलाके थे.

इन वजाहों से अगस्त में बढ़ी बेरोजगारी
मनरेगा के तहत काम के मौके घटने और खरीफ सीजन में बुआई का काम खत्म होने के साथ अगस्त में गांवों में बेरोजगारी का आंकड़ा उछल गया. इसके चलते देशभर में एंप्लॉयमेंट रेट में काफी कमी आई. जुलाई में यह 37.6 फीसदी थी. अगस्त में 37.5 पर आ गई. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियनन इकनॉमी ने बताया कि बेरोजगारी दर बढ़कर 8.4 फीसदी हो गई है.





इन राज्यों में तेज़ी से फ़ैल रहा है कोरोना
इन जिलों में कोरोना के मामले तेजी से फैल रहे हैं. आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के ग्रामीण इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. इनमें से 4 जिले ऐसे हैं, जिनका अपने राज्य की ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट में योगदान 10 फीसदी से ज्यादा है. ऐसे में इन राज्यों में कोरोना के मामले ऐसे ही बढ़ते हैं तो इनकी इकनॉमी ग्रोथ में गिरावट आ सकती है.
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