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Employment Update : कंपनियों ने बढ़ाई हायरिंग तो चार साल में सबसे कम रही बेरोजगारी दर, आंकड़ों में देखें क्‍या है हाल?

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था कोरोना महामारी के झटकों से तेजी से उबर रही है.

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था कोरोना महामारी के झटकों से तेजी से उबर रही है.

आर्थिक गतिविधियों में आ रही तेजी के साथ कंपनियां भी अपने कारोबार विस्‍तार पर जोर दे रही हैं और रोजगार के मोर्चे पर भी र ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

इस साल जनवरी-मार्च में शहरी क्षेत्र की बेरोजगारी दर 8.2 फीसदी थी.
अप्रैल-जून तिमाही में महिलाओं की बेरोजगारी दर 9.5 फीसदी रही.
अप्रैल-जून में हर सप्‍ताह औसतन 47.5 फीसदी लोगों ने श्रम योगदान किया.

नई दिल्‍ली. आर्थिक गतिविधियों में तेजी के बाद भारतीय कंपनियों ने भी अपनी भर्तियां बढ़ा दी हैं, जिसका असर बेरोजगारी दर पर भी दिखने लगा है. सरकार ने बताया है कि चालू वित्‍तवर्ष की पहली तिमाही में बेरोजगारी दर घटकर 7.6 फीसदी पर आ गई है.

राष्‍ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्र में 15 साल से ऊपर की उम्र वालों के बीच बेरोजगारी दर अप्रैल-जून में घटकर 7.6 फीसदी रह गई है. पिछले साल की समान तिमाही में यह रेट 12.6 फीसदी था. बेरोजगारी दर लेबर फोर्स के बीच बिना किसी रोजगार के खाली बैठे लोगों की संख्‍या होती है. 2021 में इसके बढ़ने का मुख्‍य कारण कोविड-19 महामारी के बाद आर्थिक गतिविधियों में आई सुस्‍ती रही थी.

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महामारी से उबर रही अर्थव्‍यवस्‍था
श्रम मंत्रालय ने देशभर में सर्वे के जरिये ये आंकड़े जुटाए हैं, जिसमें कहा गया है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अब कोरोना महामारी से उबर रही है और कंपनियां भी अपना कारोबारी विस्‍तार कर रही हैं. इसके लिए भर्तियां भी लगातार बढ़ रही हैं. इस साल जनवरी-मार्च में शहरी क्षेत्र की बेरोजगारी दर 8.2 फीसदी थी. महिलाओं के लिए भी बेरोजगारी दर में बड़ी गिरावट आई है. इस साल अप्रैल-जून तिमाही में महिलाओं की बेरोजगारी दर 9.5 फीसदी रही जो पिछले साल 14.3 फीसदी थी. जनवरी-मार्च, 2022 में भी यह 10.1 फीसदी थी.

पुरुषों के बीच घटी बेरोजगारी दर
शहरी क्षेत्र के पुरुषों के बीच भी बेरोजगारी दर अप्रैल-जून तिमाही में घटकर 7.1 फीसदी रह गई है, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 12.2 फीसदी और जनवरी-मार्च में 7.7 फीसदी थी. श्रम मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान हर सप्‍ताह औसतन (CWS) 47.5 फीसदी लोगों ने श्रम योगदान दिया है. यह एक साल पहले 46.8 फीसदी था. CWS बेरोजगारी के आंकड़ों की बेहद छोटी अवधि को दर्शाता है. बेरोजगारी के आंकड़ों में उन्‍हीं को शामिल किया जाता है, जो एक सप्‍ताह के भीतर एक घंटे का भी काम नहीं कर पाते हैं.

सर्वे में पता चला है कि शहरी क्षेत्र में रोजगार पाने वाली श्रम शक्ति की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है. इस वित्‍तवर्ष की पहली तिमाही में शहरी क्षेत्र की कुल जनसंख्‍या में रोजगार पाने वालों की संख्‍या 43.9 फीसदी पहुंच गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 40.9 फीसदी और जनवरी-मार्च की तिमाही में 43.4 फीसदी रही थी.

Tags: Business news in hindi, Employment, NSO, Unemployment Rate

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