लाइव टीवी

Budget 2019: कांग्रेस की किसान कर्जमाफी की काट है मोदी सरकार का यह ऐलान

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: February 1, 2019, 12:23 PM IST
Budget 2019: कांग्रेस की किसान कर्जमाफी की काट है मोदी सरकार का यह ऐलान
कांग्रेस ने बीजेपी को खेती-किसानी के मसले पर घेरा हुआ है (file photo)

देश में 9.2 करोड़ किसान परिवार हैं. मतलब करीब 45 करोड़ लोग, जो गांवों में रहते हैं और सबसे ज्यादा वोट करते हैं. ऐसे में 6000 सालाना का दांव लोकसभा चुनाव में बीजेपी की मदद कर सकता है

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 1, 2019, 12:23 PM IST
  • Share this:
कृषि कर्जमाफी के मसले पर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से मात खाने वाली बीजेपी सरकार ने 6000 रुपये सालाना सीधे बैंक खाते में डालने का दांव चल दिया है. सियासी जानकारों का कहना है कि यह कांग्रेस और उसकी कर्जमाफी स्कीम की काट है. यह तेलंगाना और ओडिशा जैसा मॉडल है, जहां किसानों को सीधे कैश में सहायता की जा रही है. हमने पहले ही लिखा था कि सरकार ओडिशा या तेलंगाना मॉडल की तर्ज पर किसानों की सहायता का बड़ा ऐलान कर सकती है जो कर्जमाफी से अलग होगी. सरकार ने ऐसा ही किया. पीयूष गोयल के मुताबिक, प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत छोटे किसान जिनके पास दो हेक्टेयर जमीन है, उनके बैंक खाते में सीधे 6000 रुपया सालाना देने का निर्णय लिया गया है.

बजट 2019 के लाइव अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें....

union budget 2019, Budget, Modi Government Budget, agriculture budget 2019, farmer welfare, kisan, Industry Budget, Industry Budget 2019, Doubling of Farmers' Income, farmer agitation, agriculture debt, agriculture loan waiver, debt relief scheme for former, agriculture loan fund,यूनियन बजट 2019, बजट, मोदी सरकार का बजट, कृषि बजट 2019, किसान कल्याण, किसान, उद्योग बजट, उद्योग बजट 2019, किसानों की आय दोगुनी, किसान आंदोलन, कृषि ऋण, कृषि कर्जमाफी, कृषि कर्ज फंड, 2019 loksabha election, लोकसभा चुनाव 2019, पीयूष गोयल, नरेंद्र मोदी, piyush goyal, bank      कृषि कर्जमाफी के बदले सरकार ने लिया सीधी सहायता का निर्णय

कुछ महीनों में लोकसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में सरकार का ये ऐलान अहम है. 2019 के लोकसभा चुनाव में किसान काफी अहम भूमिका निभाएंगे. देश में 9.2 करोड़ किसान परिवार हैं. इसका मतलब करीब 45 करोड़ लोग. वे लोग जो गांवों में रहते हैं और सबसे ज्यादा वोट करते हैं. ऐसे में यह दांव पार्टी की सेहत के लिए अच्छा साबित हो सकता है. हाल ही के चुनावों में देखा गया है कि बीजेपी की पकड़ गांवों में कमजोर हुई है. इससे अंदाजा लगाया गया कि किसानों की नाराजगी पार्टी को भारी पड़ रही है. (ये भी पढ़ें: खेती से बंपर मुनाफा चाहिए तो इन 'कृषि क्रांतिकारी' किसानों से लें टिप्स!)

2018 के आखिर में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों खासकर एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. कहा जा रहा है कि इसे देखते हुए सरकार किसानों पर मेहरबान है. पिछले साल हुए छह बड़े किसान आंदोलनों और कर्जमाफी के मसले पर कांग्रेस की जीत से सरकार किसानों के मसले पर दबाव में बताई जा रही है.

मोदी सरकार ने शुरू से ही खेती-किसानी को अपनी प्राथमिकता में रखा हुआ है. 2018 में उसने कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय का बजटीय आवंटन 58,080 करोड़ रुपये किया था जो 2017-18 में सिर्फ 51,576 करोड़ था. इसी तरह उसने 2018-19 में कृषि कर्ज फंड 11 लाख करोड़ रुपये का कर दिया था. जो 2017-18 में 10 लाख करोड़ रुपये था. पिछले बजट में 27 बार किसान और 16 बार खेती शब्द का इस्तेमाल किया गया था. बजट में 2000 करोड़ रुपये के Agri-Market Development Fund की घोषणा की थी. जिसके तहत देश भर में 22 हजार ग्रामीण एग्रीकल्‍चर मार्केट विकसित करना था. इस पर काम भी चल रहा है.

union budget 2019, Budget, Modi Government Budget, agriculture budget 2019, farmer welfare, kisan, Industry Budget, Industry Budget 2019, Doubling of Farmers' Income, farmer agitation, agriculture debt, agriculture loan waiver, debt relief scheme for former, agriculture loan fund,यूनियन बजट 2019, बजट, मोदी सरकार का बजट, कृषि बजट 2019, किसान कल्याण, किसान, उद्योग बजट, उद्योग बजट 2019, किसानों की आय दोगुनी, किसान आंदोलन, कृषि ऋण, कृषि कर्जमाफी, कृषि कर्ज फंड, 2019 loksabha election, लोकसभा चुनाव 2019, पीयूष गोयल, नरेंद्र मोदी, piyush goyal, bank         लोकसभा चुनाव में कितना कारगर होगा किसान दांव
Loading...

अब किसानों को लेकर सरकार पर पिछले वर्षों के मुकाबले ज्यादा दबाव है, क्योंकि यह चुनावी साल है. विपक्षी पूछ रहे हैं कि सरकार ने किसानों की कितनी आय बढ़ाई लेकिन सरकार इसका आंकड़ा नहीं बता रही. ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार किसानों को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती. आजादी के बाद पहली बार मोदी सरकार ने किसानों को पद्मश्री दिया है. अब 6000 रुपये की सालाना सहायता को भी किसानों को लुभाने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

इसे भी पढ़ें: देश के इतिहास में किसानों को पहली बार मिलेगा पद्मश्री, 2013 में उठी थी आवाज

किसानों का अब सहारा बनेगा 'कालिया', हर साल करेगा 10 हजार की मदद!

बंजर ज़मीन पर खेती के लिए मजबूर हैं किसान, कैसे दोगुनी होगी आय?

हरित क्रांति के जनक स्‍वामीनाथन बोले- चुनावी फायदे के लिए कर्ज माफी के बीज मत बोइए

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 1, 2019, 12:09 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...